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दिल्ली की रॉक एंड रोल संस्कृति से प्यार है: ल्यूक केनी

luke kenny

फिल्म रॉक ऑन (2008) में कीबोर्ड प्लेयर रॉब नैंसी की भूमिका हो या किसी वेब शो में एक जबरदस्त किरदार, एक्टर-वीजे-कंपोजर ल्यूक केनी का सफर काफी दिलचस्प रहा। इस पर बात करते हुए ल्यूक कहते हैं, ‘यह वाकई दिलचस्प रहा... इसी के लिए एक्टर्स जीते हैं- एक ऐसे काम को करने के लिए, जो विविध हो और उत्साह से पूर्ण हो। मैं ऐसे लोगों के साथ काम करने को अपना भाग्य मानता हूं, जिन्होंने मुझे इस तरह के किरदार निभाने का मौका दिया। कुछ किरदार मेरे जीवन के काफी करीब रहे और कुछ बहुत अलग थे।’

वेब शो में काम करने और अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए ल्यूक बताते हैं कि यह बहुत ही शानदार और उत्साहित कर देने वाला एहसास है। यह दिखाता है कि लोग किस तरह से कहानी और किरदारों को देखते हैं, जो कही जाती है। इसे आज की तकनीक का जादू भी कह सकते हैं। अगर यह थियेटर में लगने वाली कोई फिल्म होती, तो कुछ लाख लोग ही इसे देखते, लेकिन चूंकि यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर है, तो सभी इसे देख सकते हैं। लगभग सभी ने उस किरदार की प्रशंसा की। कुछ लोगों को ‘रॉक ऑन’ की याद भी आई तो उस पर कुछ बेहतरीन मीम्स भी लोगों ने बनाए थे।

यही नहीं, ल्यूक का दिल्ली से भी गहरा संबंध है। ल्यूक दिल्ली से दशकों पहले से जुड़े हैं, क्योंकि उनके दादाजी शहर में जैज के संगीतकार थे और इसलिए ल्यूक भी दिल्ली शहर के चक्कर लगाते रहते हैं, क्योंकि यहां कुछ न कुछ होता ही रहता है। दिल्ली के बैंड्स की बात करें, तो वह मानते हैं कि ‘इंडियन ओशन’ और ‘परिक्रमा’ अब भी काफी लोकप्रिय हैं। कुछ ऐसे बैंड्स हैं, जैसे दि लोकल ट्रेन, जिन्होंने यूथ की विचारधारा को काफी अच्छे से समझा है। दिल्ली में हमेशा अच्छे बैंड्स रहे, अच्छे संगीतकार रहे। दुनियाभर के संगीतकारों के बीच एक अच्छा संबंध रहा, चाहे वह किसी भी शहर से हो।

तो फिर भारत में संगीत को लेकर उनकी क्या राय है, इस पर वह कहते हैं, ‘ दिल्ली में हमेशा एक खास रॉक एंड रोल संस्कृति रही। 40 और 50 के दशक में जैज एक बड़ी संस्कृति थी और इसलिए मेरे दादाजी यहां रहे और एक जैज बैंड में गाते रहे। यह शैली लोकप्रिय संगीत के इकोसिस्टम में हमेशा मौजूद रही, जिसे भारत ने अपनाया।’ लेकिन वह मानते हैं कि देश में संगीतकारों के लिए खतरा बुनियादे ढांचे (इंफ्रास्ट्रकचर) की कमी है। यहां वेन्यूज की कमी है, उनके संगीत, पैकेजिंग, इमेजिंग और विपणन में निवेश की कमी है। वह आगे कहते हैं, ‘अगर हम अपने देश को एक संगीतमय देश के रूप में देखना और बनाना चाहते हैं, तो इन सभी बातों पर ध्यान देने की जरूरत है।’

संगीत के प्रति उनकी दीवानगी सभी को पता है, लेकिन उनकी सफलता का राज मल्टी-टास्किंग होना और हर छोटे से छोटे अवसर का खुलकर स्वागत करना है। बकौल ल्यूक, ‘ एक कलाकार के रूप में खुद का समर्थन करने के लिए, एक ही चीज पर भरोसा नहीं कर सकता, क्योंकि बुनियादी ढांचा ही मौजूद नहीं है। मैंने हमेशा किसी न किसी तरह एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का हिस्सा बने रहने की कोशिश की। और जो भी अवसर मिले उसमें रचनात्मक रूप से बेहतर योगदान देने का प्रयास किया। और इसलिए मैं किसी भी अवसर को नहीं छोड़ता, फिर चाहे वह डीजेइंग में हो, फिल्मों के निर्माण में, एक अभिनेता के तौर पर या संगीत के प्रति मेरे जुनून को आगे बढ़ाने में हो।

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  • Web Title:Love the rock and roll culture of Delhi : Luke Kenny