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जायका मोदक का

भगवान गणेश अनंत चतुर्दशी तक यहां हैं। तो जब तक वह हैं, तब तक क्यों न उनकी पसंदीदा मिठाई बनाकर उन्हें प्रसन्न करते रहें! इस बहाने हमें भी कुछ स्वादिष्ट मोदक चखने का मौका मिलेगा...

केसरयुक्त उकादिचे मोदक

शेफ नोमेश मेहरा, गोवा, हडसन लेन के अनुसार 

भरावन: एक गर्म पैन में 1 चम्मच घी डालें। उसमें 1 कप गुड़ और 2 कप कद्दूकस किया हुआ नारियल डालकर मिश्रण के गाढ़ा होने तक पकाएं। मिश्रण में 2-3 पिसी हुई हरी इलायची डालकर गैस बंद कर दें।
कोटिंग के लिए: 1 कप पानी नमक और घी मिलाकर उबालें। उबालने के बाद उतारकर उसमें चावल का 1 कप आटा डालकर अच्छी तरह मिलाएं। उसमें थोड़ा-सा केसर डालकर मिलाएं और ढक कर अलग रख दें। हल्का गर्म रहते ही इस मिश्रण को मुलायम होने तक गूंद लें और समान आकार के 11 गोले बनाएं। 
मोदक बनाएं: एक गोले को लें और दोनों हाथों की तर्जनी और अंगूठे के जरिये उसे गोल कवर बनाएं। अगर कवर टूटने लगे तो उंगलियों को पानी में डुबोकर कवर को नम कर लें और टूटन को ठीक कर लें। कवर के बीच में एक चम्मच भरावन रखें और कवर के सिरों को ऊपर की ओर उठाकर एक साथ चून दें। इस तरह तैयार मोदक को एक नम कपड़े के साथ स्टीमर में रखकर 10 मिनट तक स्टीम करें। स्टीम करने के बाद 10 मिनट तक उन्हें रहने दें, फिर पेश करें।

गेहूं-खसखस का मोदक
शेफ प्रेम के पोगाकुला, दि इम्पीरियल के अनुसार 

नमक डालकर सवा कप पानी गर्म करें। एक बार उबाल आने के बाद आंच कम कर दें और 1 कप गेहूं का आटा मिलाकर लगातार चलाएं। धीमी आंच पर इसे 3 मिनट तक पकाएं। इस तरह पके हुए आटे में केसर, चुकंदर, पालक या पिस्ता प्यूरी मिलाएं। आटे पर थोड़ा ठंडा पानी छिड़कें और उसे फिर से ढक दें। एक उबाल आने के बाद आंच कम करें और पके आटे में चावल का आटा मिलाकर लगातार चलाते रहें। तीन मिनट तक पकाएं। इस प्रक्रिया को दो बार दोहराएं। पैन को आंच से उतारकर दो मिनट के लिए ढक दें। मिश्रण को एक प्लेट में निकाल लें। अपनी हथेलियों को तेल से चिकना करें और मिश्रण को मुलायम होने तक गूंदें। मिश्रण को एक नम कपड़े से ढक दें। भरावन के लिए एक नॉन-स्टिक पैन में 1.5 कप कसा हुआ नारियल और एक कप गुड़ मिलाकर हल्की आंच पर भूरा होने तक पकाएं। उसमें 1 बड़ा चम्मच भुना हुआ खसखस, एक चुटकी इलायची और जायफल का पाउडर मिलाएं। आटे वाले मिश्रण को 12 भागों में बांट लें। अपने 
हाथों को चिकना करें और प्रत्येक भाग को एक छोटी कटोरी में फैलाकर उनके बीच भरावन रख दें। आटे के किनारों को एक साथ जोड़कर ठीक से दबा दें। अब एक स्टीमर में पानी गर्म करें और मोदक को छेद वाली प्लेट पर रखकर 10-12 मिनट तक भाप लगाएं। बस, मोदक तैयार हैं। 

फल-मेवा मोदक    

शेफ संजय यादव, वेपर के अनुसार 
कोटिंग के लिए: 400 ग्राम चावल का आटा और 50 ग्राम राइस ग्लूटन अच्छी तरह मिलाएं और दो-तीन बार छलनी से छान लें। 2 कप पानी उबालें। घी के साथ एक चुटकी नमक,  थोड़ा-सा केसर और थोड़ा-सा गुड़ मिलाएं। जब ये चीजें आपस में मिल जाएं तब मिश्रण में चावल का आटा मिला दें। अच्छी तरह से मिलाकर नम कपड़े से ढक दें और कुछ मिनट के लिए अलग रख दें। 
भरावन: एक पैन में 50 ग्राम खसखस भूनें। एक बार जब ये अच्छे से भुन जाएं तो इनमें 200 ग्राम कटा हुआ नारियल और 200 ग्राम गुड़ डालकर अच्छे से मिलाएं। एक चुटकी इलायची पाउडर और सभी कटे बादाम और सूखे मेवे (किशमिश, अखरोट, अंजीर और खुबानी) डालकर अच्छी तरह मिलाएं। 
मोदक बनाने के लिए: चावल के आटे का मिश्रण लें, अपने हाथों को पानी और तेल से गीला करें, इसे नरम आटे में गूंदें और रोल करें। इसके छोटे-छोटे गोलाकार टुकड़े बना लें। प्रत्येक टुकड़े को कटोरीनुमा आकार दें और उसमें तैयार किया गया भरावन भरकर मोदक का आकार दें। मोदक सूखें नहीं, इसलिए उन्हें नम कपड़े से ढंक लें। अब एक इडली कुकर में 1 इंच पानी गरम करें। इसमें एक छोटा गोल बर्तन या अंगूठी रखें, इसके ऊपर एक छलनी रखें। छलनी के ऊपर केले का पत्ता रखें, जिसमें पर्याप्त जगह हो । उस पर मोदक रखें और मध्यम आंच पर उन्हें 10 मिनट तक भाप दें। उसके बाद गर्म-गर्म परोसें। 
    

चारकोल मोदक

शेफ रणंजय बनर्जी, दि मेट्रोपॉलिटन होटल एंड स्पा के अनुसार 
चाशनी के लिए: 1 कप चीनी, 1/2 कप पानी, 1/4 छोटा चम्मच इलायची पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच नीबू का रस, 2 बड़े चम्मच कतरे हुए काजू। यह मिश्रण दो-तीन मिनट पकाएं, जब तक चाशनी गाढ़ी न हो जाए।
मोदक के लिए: एक कटोरी लें और उसमें 
2 कप बेसन, 2 बड़े चम्मच सूजी, 1/4 छोटा  चम्मच एक्टिव चारकोल पानी के साथ मिलाएं। फिर 30 मिनट के लिए रख दें। तेल गर्म करें और छनौटे की मदद से बूंदियां छान लें। इस दौरान आंच धीमी रखें और बूंदियों को तलें। तलने के बाद उन्हें तेल से निकालकर टिश्यू पेपर पर रखें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए। ठंडा होने के बाद उन्हें चाशनी में मिलाएं। मिलाने के बाद उन्हें ढक कर 10 मिनट के लिए अलग रख दें। 10 मिनट बाद चाशनी को बूंदियां पूरी तरह सोख लेंगी। अब उसमें दो बड़े चम्मच कतरे हुए काजू और दो बड़े चम्मच कतरे हुए पिस्ते अच्छी तरह मिलाएं। इस तरह तैयार मिश्रण की थोड़ी-थोड़ी मात्रा लेकर गोलाकार मोदक बनाएं। अगर मोदक को नमी की जरूरत हो तो उसमें थोड़ा दूध डाल सकते हैं। मोदक को एक अलग रूप देने के लिए उस पर नारियल पाउडर भी लगा सकती हैं। बस, आपके स्वादिष्ट मोदक परोसने के लिए तैयार हैं। आप इन्हें एक हफ्ते के लिए फ्रिज में भी रख सकते हैं।

मेवा मोदक

शेफ अनस कुरैशी, मॉलेक्यूल एंड डिस्टिलरी के अनुसार 
काजू, बादाम, अखरोट समेत सभी मेवों को बारीक काट लें। 1 कप सूखे नारियल और बीज रहित खजूर को बारीक काट लें। सभी मेवों को एक पैन में अलग-अलग 1-2 मिनट के लिए सूखाभूनें। ध्यान रखें कि भूनने के दौरान वे जलें नहीं। भूनने के बाद उन्हें एक प्लेट में किनारे रखें। अब नारियल के टुकड़ों को हल्का भूरा होने तक भूनें और अलग रख लें। 
उसी पैन में 2 बड़े चम्मच खसखस डालें और तब तक भूनें, जब वे थोड़ा तड़कने लगें। फिर उन्हें निकालकर अलग रख दें। अब उसी पैन में घी गर्म करें और उसमें कटे हुए खजूर और किशमिश को तब तक भूनें, जब तक वे मिलकर थक्के जैसे न हो जाएं। इसमें लगभग 4-5 मिनट लगेंगे। इस दौरान इन्हें चलाते रहें, अन्यथा किशमिश जल सकती हैं। थक्के को थोड़ा ठंडा होने दें। भुने हुए मेवों, सूखे नारियल के टुकड़ों और खसखस को दरदरा या अपनी इच्छानुसार पीस लें। मिश्रण को निकालकर एक थाली में रखें। अब इसमें खजूर और किशमिश को भूनकर बनाए गए थक्के को मिलाएं और फिर से पीस लें ताकि वे अच्छे से मिल जाएं। मिश्रण को निकालकर उसमें बारीक पिसे हुए मेवे अच्छी तरह मिलाएं। 
मिश्रण को फिर हल्का गर्म करें और 2-3 मिनट के लिए लगातार चलाएं, जब तक कि मिश्रण थोड़ा चिपचिपा न हो जाए और सूखे मेवों को ठीक से पकड़ न ले। उसके बाद मिश्रण को एक प्लेट में निकालकर थोड़ा ठंडा होने दें। इसे हल्का गूंथ लें ताकि यह चिपचिपा हो जाए। अब इससे आंवले के आकार के गोले बना लें और मोदक के सांचे में दबाकर खास आकार दे दें। सांचे न हों तो लड्डू के समान गोले भी चलेंगे। 

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