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ईयर सीड्स दिलाएंगे तनाव से निजात

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उपचार पद्धतियों और तकनीकों में बदलाव के चलते लोग विभिन्न उपचारों के लिए दर्द रहित और आसान तरीकों तक पहुंचने का विकल्प चुन रहे हैं। और ईयर सीड्स लोकप्रिय उपचार पद्धतियों की सूची में शामिल होने वाली सबसे नई चीज है। इसका चलन तेजी से बढ़ रहा है।  
ईयर सीड्स बीज के आकार की छोटी एक्यूपंक्चर सुई होती हैं, जिनका इस्तेमाल कान के दबाव बिंदुओं को सक्रिय करने के लिए किया जाता है। महाराष्ट्र के इगतपुरी स्थित निर्वाणा नेचुरोपैथी एंड रिट्रीट से नेचुरोपैथी और यौगिक विज्ञान में स्नातक डॉ. सुषमा कुशवाह बतलाती हैं, वह एक तरह की ऑरिकुलो थेरेपी है। इसका संबंध कान के जरिये ऊर्जा के प्रवाह पर केंद्रित एक्यूप्रेशर या एक्यूपंक्चर से है। वह मेरिडियन (विशेष रेखाएं) के सिद्धांतों पर आधारित है, जो पूरे शरीर में पाई जाती हैं। लेकिन इनमें केवल कान के मेरिडियन का उपयोग अधिकांश समस्याओं को ठीक करने के लिए किया जा सकता है। 
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑरिकुलो थेरेपी पारंपरिक चीनी चिकित्सा पर आधारित एक उपचार है। इसमें बताया गया है कि आपका स्वास्थ्य आपके शरीर में ऊर्जा के प्रवाह पर निर्भर करता है। एक्सिस अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट और सुजोक चिकित्सक डॉ. रिम्मी वर्मा कहती हैं, माना जाता है कि यह ऊर्जा शरीर में मेरिडियन के जरिये प्रवाहित होती है। इसलिए जब सुई या सीड्स इस मेरिडियन में लगाए जाते हैं, तो वे रुकावट को दूर करते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर अच्छा असर पड़ता है। 
ऑरिकुलो थेरेपी अब भी एक नई अवधारणा है। हालांकि यह एक्यूपंक्चर में दूसरे तरीकों के मुकाबले अपने गैर-आक्रामक तरीकों के कारण लोकप्रियता हासिल कर रही है। ईयर सीड्स वेकारिया नामक पौधे के छोटे बीज होते हैं, जो शरीर पर मेरिडियन या इसके बिंदुओं पर अटक जाते हैं। वे हल्के दबाव के माध्यम से उस बिंदु को सक्रिय करते हैं, जो ऊर्जा को संतुलित करता है, रक्त को पुष्ट करता है और उपचार को बेहतर बनाता है। 
डॉ. रिम्मी का कहना है, इसका उपयोग जोड़ों के दर्द, पीठ की समस्याओं, सिर दर्द, प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ी समस्याओं, अवसाद व चिंता जैसी मानसिक समस्याओं और नशे की लत जैसी शारीरिक समस्याओं के उपचार के लिए किया जाता है। इसको वे बच्चे या वयस्क खासकर पसंद करते हैं, जिन्हें सुई से परेशानी होती है। यह कम खर्चीली और सुरक्षित चिकित्सा भी है। 
सीड्स को अधिकतम पांच दिन के लिए रखा जाना चाहिए और जहां उसे लगाया गया है, उस हिस्से की दिन में दो से तीन बार धीरे-धीरे मालिश करनी चाहिए। मालिश तीन मिनट तक करनी चाहिए। यह समझना जरूरी है कि यह तत्काल राहत देने वाली कोई जादुई गोली नहीं है। लेकिन निश्चित अवधि तक जारी रखने पर अच्छा परिणाम मिलता  है। 
डॉ. सुषमा के अनुसार, ईयर  सीड्स की वजह से जो बीमारियां ठीक होती हैं, उनमें पुराना दर्द खासकर पीठ के निचले हिस्से का दर्द, माइग्रेन, विभिन्न प्रकार के सिरदर्द, अनिद्रा, अवसाद, चिंता, तनाव, बांझपन, नशे आदि की लत शामिल हैं। वजन घटाने में भी यह कारगर है। 
ये ईयर सीड्स हालांकि कई बीमारियों को ठीक करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन बेहतर है कि इन्हें इस्तेमाल करने से पहले इसकी पूरी जानकारी ले लें। इन्हें लगाने के बाद इसका  खास ख्याल रखना भी आवश्यक है।     

ईयर सीड्स के फायदे और नुकसान
फायदे 
- ईयर सीड्स नींद का चक्र सुधारने और तनाव से राहत दिलाने में कारगर हैं। ये एक्जिमा, सोरायसिस, विटिलिगो और सेबोरहाइक की सूजन जैसे त्वचा संबंधी मनोदैहिक विकारों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
नुकसान 
- जिन लोगों को धातुई ईयर सीड्स से एलर्जी होती है, उन्हें इनके संपर्क से सूजन की समस्या हो सकती है। उन्हें त्वचा में खुजली और चकत्ते भी हो सकते हैं। इनसे त्वचा लाल भी हो सकती है। 

ईयर सीड्स का इस्तेमाल करते वक्त क्या करें और क्या न करें 

डॉ. सुषमा कहती हैं, जहां तक ईयर सीड्स की बात है, उन्हें केवल अनुभवी चिकित्सक की देखरेख में ही लगाना चाहिए। इसके अलावा, जब वे गिर जाते हैं तो लोग अकसर उन पर ध्यान नहीं देते। लेकिन उनकी जगह दूसरे सीड्स आसानी से लगाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया, इनसे त्वचा बिल्कुल नहीं छिलती, इसलिए इनके इस्तेमाल से कान या उसके आसपास संक्रमण होने का सवाल नहीं है। ईयर सीड्स के इस्तेमाल से कोई प्रतिकूल प्रतिक्रिया नहीं होती। अगर किसी भी तरह 
से त्वचा में खुजली होने लगे या त्वचा लाल हो जाए तो बस स्पिरिट से उस हिस्से को साफ कर दें और सीड्स को बदल दें। 
हालांकि इंडियन कैंसर सोसायटी में डर्मेटोलॉजी और स्किन सर्जरी के एमडी डॉ. सतीश भाटिया कहते हैं, एक्यूपंक्चर से जलन या एलर्जी हो सकती है। इससे डर्मेटाइटिस अर्थात त्वचा में सूजन भी हो सकती है। उन्होंने बताया, कई मामलों में, मैं त्वचा पर एक्यूपंक्चर सुइयों के नए उपयोग की वकालत नहीं करता। इसके अलावा एक्यूपंक्चर सुई के साथ कुछ तेलों के इस्तेमाल से भी त्वचा में एलर्जी हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि आप पहले किसी विशेषज्ञ से इसकी अच्छी तरह सलाह लें।

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  • Web Title:ear seeds will relieve stress