नहीं सुलझ रहा पांवटा साहिब जमीनी विवाद, खली ने क्यों मांगी CM सुक्खू से मदद?

Jan 20, 2026 03:25 pm ISTUtkarsh Gaharwar लाइव हिन्दुस्तान, पांवटा साहिब
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इस जमीन से जुड़े सभी वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं, इसके बावजूद राजस्व विभाग की ओर से यह कहकर उन्हें बेदखल किया गया कि यह जमीन किसी और व्यक्ति की है। खली के पिता ने 16 एकड़ की जमीन एक महिला से खरीदी थी। 

नहीं सुलझ रहा पांवटा साहिब जमीनी विवाद, खली ने क्यों मांगी CM सुक्खू से मदद?

अधिकारी संविधान से ऊपर नहीं हो सकते” इसी सख्त बयान के साथ मशहूर रेसलर द ग्रेट खली एक बार फिर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के पांवटा साहिब में जमीन से जुड़े विवाद को लेकर सामने आए हैं। शिमला में मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को उनकी पुश्तैनी और खरीदी गई ज़मीनों से बेदखल किया जा रहा है। खली ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग राज्य की सुक्खू सरकार से की है।

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द ग्रेट खली ने बताया कि पांवटा साहिब क्षेत्र के सूरजपुर गांव में उनके पिता ने करीब 12 साल पहले एक महिला से 16 बीघा जमीन खरीदी थी। इस जमीन से जुड़े सभी वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं, इसके बावजूद राजस्व विभाग की ओर से यह कहकर उन्हें बेदखल किया गया कि यह जमीन किसी और व्यक्ति की है। खली का आरोप है कि उनके दस्तावेजों को गलत ठहराते हुए नई रजिस्ट्री और कागजात तैयार किए गए, जिससे उन्हें अपनी ही जमीन से बाहर कर दिया गया।

खली ने दावा किया कि यह मामला केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं है। पांवटा साहिब क्षेत्र में करीब 100 ऐसे लोग हैं, जिन्हें इसी तरह उनकी जमीनों से बेदखल किया गया है। उन्होंने कहा कि कई पीड़ित वर्षों से इन ज़मीनों पर रहकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं और उनके पास भी ज़मीन से जुड़े दस्तावेज हैं, लेकिन फिर भी उन्हें यह कहकर हटाया जा रहा है कि उनकी असली ज़मीन कहीं और है।

प्रेस वार्ता में द ग्रेट खली ने आरोप लगाया कि यह सब राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है और आम लोगों की आवाज़ दबाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारी खुद को “सुपर पावर” समझने लगे हैं, जबकि देश का संविधान सबसे ऊपर है और कोई भी इससे ऊपर नहीं हो सकता। खली ने यह भी कहा कि बहुत कम समय में कुछ अधिकारियों द्वारा बड़ी संपत्ति खड़ी किए जाने की भी जांच होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर जिला प्रशासन से शिकायत की गई थी और एक जांच समिति भी बनाई गई, लेकिन जांच की प्रक्रिया से वे संतुष्ट नहीं हैं। खली का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रही, इसलिए सरकार से मांग है कि जांच समिति बदली जाए और पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराई जाए।

द ग्रेट खली ने कहा कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात कर पूरे मामले को उनके सामने रखेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री इस गंभीर मुद्दे पर न्यायपूर्ण फैसला करेंगे। खली ने कहा कि उनका काम आवाज़ उठाना है, जबकि दोषियों पर कार्रवाई करना सरकार की जिम्मेदारी है।

रिपोर्ट : यूके शर्मा

Utkarsh Gaharwar

लेखक के बारे में

Utkarsh Gaharwar
एमिटी और बेनेट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता के गुर सीखने के बाद अमर उजाला से करियर की शुरुआत हुई। अमर उजाला में बतौर एंकर सेवाएं देने के बाद 3 साल नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम किया। वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हूं। एंकरिंग और लेखन के अलावा मिमिक्री और थोड़ा बहुत गायन भी कर लेता हूं। और पढ़ें

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