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Hindi News हिमाचल प्रदेशमरे हुए शख्स के खाते से निकाल लिए पैसे, जालसाजी करने वाले बैंक अधिकारियों पर ऐक्शन

मरे हुए शख्स के खाते से निकाल लिए पैसे, जालसाजी करने वाले बैंक अधिकारियों पर ऐक्शन

पुलिस ने बैंक के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक की तहरीर पर आरोपित बैंक प्रबंधक (प्रशासन व सेवा) योगेश और विशेष सहायक विजय के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न आपराधिक धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।

मरे हुए शख्स के खाते से निकाल लिए पैसे, जालसाजी करने वाले बैंक अधिकारियों पर ऐक्शन
Devesh Mishraलाइव हिन्दुस्तान,शिमलाWed, 12 Jun 2024 03:13 PM
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32 साल पहले बैंक ऑफ इंडिया के एक खाताधारक की मौत हो गई थी। लेन-देन न होने के चलते उसका खाता निष्क्रिय हो गया। लेकिन अचानक अब उस खाते से किसी ने दो लाख रुपए से अधिक की राशि निकाल ली। जांच में जो सामने आया उसे जानकर बैंक वाले भी हैरान हो गए। दरअसल, बैंक मैनेजर और एक विशेष सहायक ने मिलकर मरे हुए शख्स के खाते से 2 लाख 8 हजार रुपए निकाल लिए। यह शिमला के मॉल रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया का मामला है।

मरे हुए शख्स के खाते से निकाले गए पैसे
मामले का खुलासा तब हुआ, जब बैंक के उद्यम धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन प्रणाली ने लेन-देन पर जांच बैठाई। दरअसल, बैंक के जिस खाता धारक की मृत्यु 1992 में हो गई थी, उसका खाता लंबे समय तक लेने-देन न होने की वजह से निष्क्रिय हो गया था। बीते मार्च महीने में दोनों अधिकारियों ने जालसाजी कर उक्त खाते में जमा दो लाख आठ हजार की राशि निकाल ली। उनकी इस हरकत पर बैंक प्रबंधन भी दंग रह गया।

दोनों अधिकारी सस्पेंड
पुलिस ने बैंक के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक की तहरीर पर आरोपित बैंक प्रबंधक (प्रशासन व सेवा) योगेश और विशेष सहायक विजय के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न आपराधिक धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। बैंक प्रबंधन ने दोनों आरोपित बैंक अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। शिमला में धोखाधड़ी की इस घटना ने बैंक के खाता धारकों को भी सकते में डाल दिया है।

मामले के अनुसार दिनांक 11 मार्च 2024 को बैंक के उद्यम धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन प्रणाली ने बैंक के खाता धारक एसपी मदान के लेनदेन की वास्तविकता की जांच के लिए बैंक शाखा को एक मेल भेजा था। जांच में पाया गया खाता धारक का खाता काफी समय से निष्क्रिय था और उसमें दो लाख से अधिक की रकम थी। बैंक के दो अधिकारियों प्रबंधक, प्रशासन व सेवा योगेश और विशेष सहायक विजय ने खाते को सक्रिय किया। दोनों बैंक अधिकारियों ने झूठे दस्तावेजों के आधार पर खाते से दो लाख आठ हजार रूपए हड़प लिए। बैंक ऑफ इंडिया के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अंकुश रांगटा ने इस पूरे मामले की सदर थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।

एसपी शिमला संजीव गांधी ने बुधवार को बताया कि दोनों बैंक अधिकारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 व 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

रिपोर्ट- यूके शर्मा