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पार्टी लाइन से हटकर गए थे राम मंदिर, अब रोते हुए दिया इस्तीफा; कौन हैं राज परिवार से आने वाले विक्रमादित्य सिंह

Who is Vikramaditya Singh:विक्रमादित्य सिंह का जन्म 17 अक्टूबर 1989 को हुआ था। वह दिवंगत वीरभद्र सिंह और प्रतिभा सिंह के बेटे हैं। वीरभद्र सिंह का हिमाचल की राजनीति में खासा प्रभाव था।

पार्टी लाइन से हटकर गए थे राम मंदिर, अब रोते हुए दिया इस्तीफा; कौन हैं राज परिवार से आने वाले विक्रमादित्य सिंह
Devesh Mishraलाइव हिन्दुस्तान,शिमलाWed, 28 Feb 2024 03:02 PM
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Who is Vikramaditya Singh: पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश का सियासी पारा हाई है। सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार बड़ी मुसीबत में है। राज्य की कांग्रेस सरकार में दो फाड़ होती दिख रही है। दरअसल, बुधवार को सुक्खू की कैबिनेट में मंत्री और दिग्गज युवा नेता विक्रमादित्य सिंह ने मीडिया के सामने रोते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कई आरोप भी लगाए। इस फैसले के बाद अटकलबाजियों का बाजार गर्म हो गया है। इस्तीफे के बाद विक्रमादित्य का अगला कदम क्या होगा, यह उन्होंने अभी साफ नहीं किया है। लेकिन राजनीति में दिलचस्पी रखने वालों की नजर अब उनपर जाकर अटक गई है। आइए जानते हैं कि आखिर कौन हैं विक्रमादित्य सिंह...

विरासत में मिली राजनीति
विक्रमादित्य सिंह का जन्म 17 अक्टूबर 1989 को हुआ था। वह दिवंगत वीरभद्र सिंह और प्रतिभा सिंह के बेटे हैं। वीरभद्र सिंह का हिमाचल की राजनीति में खासा प्रभाव था, वे पहाड़ी राज्य के छह बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनकी विरासत को आगे बढ़ाने वाले विक्रमादित्य शिमला ग्रामीण विधानसभा सीट से विधायक हैं। विक्रमादित्य ने साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भी जीत हासिल की थी। वहीं विक्रमादित्य की मां प्रतिभा सिंह मंडी से सांसद हैं और वह हिमाचल कांग्रेस की प्रमुख भी हैं।

डीयू के प्रोडक्ट हैं विक्रमादित्य
विक्रमादित्य सिंह ने साल 2011 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज से बीए ऑनर्स किया था। इसके बाद वह 2016 में डीयू के ही सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास विषय में एमए किए। बीए करने के दो साल बाद उनकी राजनीतिक यात्रा शुरू हुई। साल 2013 में वह हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी से जुड़े। इसके बाद 2013 से 2017 तक लगातार उन्हें हिमाचल में युवा कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में चुना गया।

राजपरिवार से ताल्लुक
बुधवार को भावुक होकर इस्तीफा देने वाले विक्रमादित्य सिंह एक राज परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता वीरभद्र सिंह, राजा पदम सिंह के बेटे थे। राजा पदम सिंह हिमाचल प्रदेश के बुशहर स्टेट के राजा थे।

पार्टी लाइन से हटकर गए थे राम मंदिर
जनवरी में अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में कांग्रेस ने शामिल न होने का फैसला किया था। ऐसे में सुक्खू कैबिनेट में मंत्री विक्रमादित्य सिंह पार्टी लाइन को दरकिनार कर अयोध्या पहुंचे थे।

क्यों दिए इस्तीफा?
विक्रमादित्य सिंह ने कांग्रेस सरकार पर अपमान का आरोप लगाया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, 'इस परिस्थिति में मेरा इस सरकार में रहना ठीक नहीं है। आने वाले समय में अपने लोगों से बात कर भविष्य का फैसला करूंगा।' अपने पिता का अपमान करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, 'मेरे पिता की मूर्ति लगाने के लिए इन्हें (कांग्रेस सरकार को) दो गज की जमीन नहीं मिली। यह सम्मान मेरे दिवंगत पिता के लिए दिखाया गया। हम इमोशनल लोग हैं, हमें पद से कोई लेना-देना नहीं है।'  

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