
सियासत के समीकरण बदलते ही वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य की बढ़ी मुश्किलें, गैर जमानती वारंट जारी
वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह की मुश्किलें बढ़ती मालूम पड़ रही हैं। विक्रमादित्य सिंह के खिलाफ राजस्थान की एक अदालत ने घरेलू हिंसा से जुड़े एक मामले में गैर जमानती वारंट जारी किया है।
शिमला ग्रामीण से कांग्रेस विधायक और दिवंगत पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह की मुश्किलें बढ़ती मालूम पड़ रही हैं। विक्रमादित्य सिंह के खिलाफ राजस्थान के उदयपुर की एक स्थानीय अदालत ने घरेलू हिंसा से जुड़े एक मामले में गैर जमानती वारंट जारी किया है। विक्रमादित्य सिंह की पत्नी सुदर्शना ने 17 अक्टूबर को घरेलू अधिनियम की धारा 12 के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। उदयपुर की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में यह मामला सुनवाई के लिए 17 नवंबर 2022 को लगा था। प्रतिवादी यानी विक्रमादित्य सिंह पहली सुनवाई में कोर्ट में पेश नहीं हुए थे।
अब अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी करते हुए 14 दिसंबर 2022 को मामले में सुनवाई निर्धारित कर दी है। शिकायतकर्ता सुदर्शना ने आरोप लगाया है कि शादी के कुछ समय बाद विक्रमादित्य सिंह ने घरेलू हिंसा की थी। मालूम हो कि विक्रमादित्य सिंह ने मेवाड़ राजवंश की राजकुमारी सुदर्शना चूंडावत से वर्ष 2019 में विवाह किया था। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की मृत्यु के समय सुदर्शना को उनके ससुराल वालों के साथ देखा गया था। वीरभद्र सिंह की मृत्यु जून 2021 में हुई थी। उसके बाद से विक्रमादित्य सिंह और सुदर्शना अलग रह रहे हैं।

विक्रमादित्य को वीरभद्र की मृत्यु के बाद रामपुर बुशहर रियायत का राजा बनाया गया था। विक्रमादित्य सिंह की माता रानी प्रतिभा सिंह हिमाचल कांग्रेस की अध्यक्ष हैं। वीरभद्र की पत्नी और रानी प्रतिभा सिंह ने इस साल मंडी लोकसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार को हराया था। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में विक्रमादित्य सिंह ने शिमला ग्रामीण सीट पर 13,860 मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। हाल ही में जब सूबे में सीएम पद को लेकर नेताओं के बीच खींचतान नजर आ रही थी तो प्रतिभा सिंह ने अपनी दावेदारी जाहिर करते हुए कहा था कि वीरभद्र की विरासत की अनदेखी नहीं की जा सकती है।
हालांकि सूबे में तेजी से बदले सियासी समीकरणों के बीच प्रतिभा सिंह की उम्मीदें परवान नहीं चढ़ पाई थीं। सनद रहे अभी तक सूबे में कैबिनेट का गठन नहीं हो पाया है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात के बाद समाचार एजेंसी एएनआई को दिए बयान में कहा था कि विक्रमादित्य सिंह (Virbhadra singh son Vikramaditya Singh) का मंत्री बनना लगभग तय है। इस बीच विक्रमादित्य सिंह के नाम गैर जमानती वारंट जारी होने से नए तरह के समीकरण बनने की संभावनाएं हैं।
सूत्रों के मुताबिक हिमाचल प्रदेश सरकार की नई कैबिनेट में किन्हें जगह दी जाए, पार्टी आलाकमान ही तय करेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पार्टी हाईकमान के साथ मंत्रियों के नामों पर मंथन करेंगे। माना जा रहा है कि अगले एक-दो दिन के भीतर मंत्रिमंडल की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। प्रतिभा सिंह के समर्थकों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के नाम से चुनाव जीतकर आई है, ऐसे में उनके परिवार को उचित सम्मान दिया जाना चाहिए। नजरें इस बात पर भी हैं कि क्या विक्रमादित्य सिंह को कैबिनेट में जगह मिलती है या नहीं...

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Krishna Bihari Singhलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




