ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News हिमाचल प्रदेशकड़ा रुख दिखा कुछ नरम पड़े विक्रमादित्य सिंह, इस्तीफे पर साफ की अपनी बात

कड़ा रुख दिखा कुछ नरम पड़े विक्रमादित्य सिंह, इस्तीफे पर साफ की अपनी बात

विक्रमादित्य सिंह ने कहा, 'आज कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व के आब्जर्वर हिमाचल प्रदेश आए हैं। वर्तमान स्थिति के बारे में वे सभी विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री की राय जानना चाह रहे हैं।

कड़ा रुख दिखा कुछ नरम पड़े विक्रमादित्य सिंह, इस्तीफे पर साफ की अपनी बात
Devesh Mishraलाइव हिन्दुस्तान,शिमलाWed, 28 Feb 2024 10:09 PM
ऐप पर पढ़ें

Vikramaditya Singh: हिमाचल प्रदेश में सियासी पारा हाई है। बुधवार को कांग्रेस के युवा नेता विक्रमादित्य सिंह ने रोते हुए मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने सुक्खू सरकार पर कई आरोप भी लगाए। लेकिन अब कड़ा रुख दिखाने वाले विक्रमादित्य का तेवर कुछ नरम पड़ा है। आब्जर्वर के साथ बैठक के बाद उन्होंने इस्तीफे पर अपनी बात साफ की है। अब वह इस्तीफे को लेकर जोर नहीं डालेंगे। 

क्या बोले विक्रमादित्य?
आब्जर्वर के साथ बैठक के बाद विक्रमादित्य सिंह ने कहा, 'इस्तीफा वापस लेने में और जब तक पर्यवेक्षकों की बातचीत और कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती तब तक इस्तीफे पर जोर नहीं देने में अंतर है। हमने आब्जर्वर से बातचीत की है। उन्हें वर्तमान परिस्थितियों के बारे में जानकारी दी है। इसलिए जब तक इसपर निर्णय नहीं लिया जाता है तब तक मैं अपने इस्तीफे पर जोर नहीं दूंगा। फाइनल आउटकम आने वाले समय में लिया जाएगा।' 

आब्जर्वर के साथ बैठक के बाद विक्रमादित्य सिंह और राजीव शुक्ला ने इसका ऐलान किया। शुक्ला ने कहा, 'हमारे पर्यवेक्षक विधायकों से बातचीत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि हम विक्रमादित्य का इस्तीफा स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। और यह तय हुआ है कि विक्रमादित्य जी अब अपने इस्तीफे पर दबाव नहीं डालेंगे।' 

यह भी पढ़िए: कौन हैं रोते हुए इस्तीफा देने वाले विक्रमादित्य सिंह, पूरी प्रोफाइल

'पार्टी हित में लिया फैसला'
वहीं विक्रमादित्य ने कहा, 'आज कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व के आब्जर्वर हिमाचल प्रदेश आए हैं। वर्तमान स्थिति के बारे में वे सभी विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री की राय जानना चाह रहे हैं। मैं मानता हूं कि व्यक्ति से ज्यादा महत्वपूर्ण संगठन होता है। और संगठन को बनाए रखना व मजबूत करना हर किसी की जिम्मेदारी है। इसलिए पार्टी के हितों को देखते हुए मैं अपने इस्तीफे पर दबाव नहीं डालूंगा।' 

क्या टल गया हिमाचल का संकट?
इस ऐलान के बाद पत्रकारों ने विक्रमादित्य से पूछा कि क्या अब संकट टल गया है। इसपर उन्होंने कहा, 'संकट तो था ही नहीं। मगर मैंने कहा कि हर तरह का हल निकाला जा सकता है, बस सकारात्मक सोच होनी चाहिए। हमारा जो मुद्दा है, जिस लिए हम राजनीति में हैं, वह प्रदेश की सेवा करना है। और सेवा करने का जो जरिया है वह सरकार है। इसलिए सरकार को मजबूत करना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है।

यह भी पढ़िए: भड़के राजा साहब के बेटे तो सुक्खू करने लगे 'भाई-भाई', क्या मानेंगे रो चुके विक्रमादित्य

क्या बोलीं प्रतिभा सिंह?
इस बारे में पूछे जाने पर विक्रमादित्य सिंह की मां और हिमाचल कांग्रेस की प्रमुख प्रतिभा सिंह ने कहा, 'आप सब जानते हैं कि जब से सरकार बनी है कुछ बातें ठीक नहीं चल रही हैं। हम बार-बार यह बात अपने हाईकमान के ध्यानार्थ लाए। हम चाहते थे कि वे बैठकर इसका समाधान निकालते। उनको भी बुलाते, हमें भी बुलाते और बैठकर समाधान निकालते तो हम आज इस स्थिति पर नहीं पहुंचते। एक साल से ऊपर हो गया, कोई निर्णय नहीं लिया गया, जिसकी वजह से आज हम इन चीजों का सामना कर रहे हैं। जहां तक विक्रमादित्य के इस्तीफे की बात है तो उसने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है, उसने कैबिनेट से इस्तीफा दिया है।'   

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें