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Hindi News हिमाचल प्रदेशकंगना रनौत थप्पड़ कांड पर विक्रमादित्य का रिएक्शन, दे दी एक हिदायत

कंगना रनौत थप्पड़ कांड पर विक्रमादित्य का रिएक्शन, दे दी एक हिदायत

सुक्खू सरकार में लोकनिर्माण मंत्री और मंडी से कंगना के प्रतिद्वंदी रहे विक्रमादित्य सिंह इस घटना की कड़ी निंदा कर चुके हैं। हालांकि विक्रमादित्य सिंह ने इस मामले को आतंकवाद से जोड़ना गलत बताया है।

कंगना रनौत थप्पड़ कांड पर विक्रमादित्य का रिएक्शन, दे दी एक हिदायत
Mohammad Azamलाइव हिन्दुस्तान,शिमलाSat, 08 Jun 2024 05:11 PM
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हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा सीट से नवनिर्वाचित भाजपा सांसद कंगना रणौत को सीआईएसएफ महिला सुरक्षा कर्मी द्वारा थप्पड़ मारने की गूंज पर सियासी घमासान मचा है।  सूबे की सुक्खू सरकार में लोकनिर्माण मंत्री और मंडी से कंगना के प्रतिद्वंदी रहे विक्रमादित्य सिंह इस घटना की कड़ी निंदा कर चुके हैं। हालांकि विक्रमादित्य सिंह ने इस मामले को आतंकवाद से जोड़ने के कंगना रणौत के बयान को गैर जिम्मेदाराना करार दिया है। 

विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में चुनावी नतीजों के बाद शनिवार को बुलाई शिमला ग्रामीण विधानसभा हल्के की बैठक के दौरान यह बात कही। विक्रमादित्य ने कहा कि पहले दिन से वह इस घटना की निंदा करते हैं। खासकर एयरपोर्ट पर सुरक्षा में तैनात महिला के द्वारा इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले को आतंकवाद से जोड़ना भी सही नही है बल्कि ऐसे बयान गैर जिम्मेदाराना हैं। विक्रमादित्य ने कहा कि उनकी संवेदनाएं किसानों के साथ हैं, लेकिन बात को रखने का एक संवैधानिक तरीका होता है। 

लोकसभा चुनाव के नतीजों पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि देश में मोदी मैजिक नहीं चला लेकिन हिमाचल में चला हैं। यहां पर क्या कमी रह गई इस पर मंथन की जरूरत हैं। हिमाचल में कांग्रेस का लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा है। लेकिन जो वायदे उन्होंने मंडी, शिमला ग्रामीण और प्रदेश के लोगों से किए हैं उन  कामों को मजबूती से करेंगे।  उन्होंने कहा कि सड़कों केरखरखाव, सुदृढ़ीकरण और पीएमजीएसवाई का काम पूरजोर तरीके से चला है। उन्होंने कहा कि वे 15 महीने में हिमाचल की बात उठाते रहे हैं। हम हिमाचल हितों की पैरवी करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में नई सरकार का गठन होने पर वह दिल्ली जाकर प्रदेश के हितों के लिए अवश्य मांग उठाएंगे।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि वह प्रदेश के समग्र विकास के प्रति समर्पित है। उन्होंने सदैव विकास कार्यो को प्रमुखता दी है और आगे भी इसी प्रकार देंगे। उनके लिये राजनीति कोई पेशा नहीं है यह उनके लिए सेवा भाव का मार्ग है जो उन्हें उनके पिता प्रदेश के छह बार के मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह से विरासत के तौर पर मिला है।

रिपोर्ट : यूके शर्मा

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