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भड़के राजा साहब के बेटे तो सुक्खू करने लगे 'भाई-भाई', क्या मानेंगे रो चुके विक्रमादित्य

विक्रमादित्य सिंह के इस्तीफे पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का बयान आया है। उन्होंने विक्रमादित्य को अपना छोटा भाई बताते हुए कहा कि उनका इस्तीफा स्वीकार करने का सवाल ही नहीं है।

भड़के राजा साहब के बेटे तो सुक्खू करने लगे 'भाई-भाई', क्या मानेंगे रो चुके विक्रमादित्य
Devesh Mishraहिन्दुस्तान टाइम्स,शिमलाWed, 28 Feb 2024 05:38 PM
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हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक चहलकदमियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस सरकार की मुसीबतें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। पार्टी में दो फाड़ की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में विक्रमादित्य सिंह के इस्तीफे पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का बड़ा बयान आया है। उन्होंने विक्रमादित्य को अपना छोटा भाई बताते हुए कहा कि उनका इस्तीफा स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता है।

मेरे छोटे भाई हैं विक्रमादित्य
विक्रमादित्य सिंह के इस्तीफे वाले सवाल पर सीएम सुक्खू ने कहा, 'देखिए... विक्रमादित्य जी से मेरी बात हुई है। उनका कुछ कारण था... वह मेरे छोटे भाई हैं। निश्चित तौर पर जब गुस्सा आता है तब (इस्तीफा) दे दिया जाता है, उस बारे में हम उनसे बात करेंगे।'

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इस्तीफा स्वीकार करने का सवाल ही नहीं
सीएम सुक्खू ने आगे कहा, 'विक्रमादित्य का इस्तीफा स्वीकार करने का कोई औचित्य ही नहीं है। यह कहना कि विक्रमादित्य जी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है, ऐसी कोई बात नहीं है। उनसे थोड़ी ही देर पहले मेरी बात हुई है। उनकी कुछ नाराजगी है जिसे हम लोग दूर करेंगे।' 

मैं प्रेशर में नहीं रहता, प्रेशर देता हूं...
इस्तीफा स्वीकार नहीं होने पर कांग्रेस नेता विक्रमादित्य सिंह ने कहा, 'यह मुख्यमंत्री जी का विशेषाधिकार है।' एक पत्रकार ने पूछा कि ऐसा लग रहा है कि आप काफी प्रेशर में रहे। इसपर उन्होंने कहा, 'नहीं... मैं प्रेशर में नहीं रहता। मैं प्रेशर देता हूं।' 

क्या मानेंगे रो चुके विक्रमादित्य?
दरअसल, बुधवार को सुक्खू कैबिनेट में मंत्री और हिमाचल कांग्रेस के दिग्गज युवा नेता विक्रमादित्य सिंह ने इस्तीफा दे दिया। इस दौरान वह भावुक हो गए और सुक्खू सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने अपने पिता के अपमान का आरोप लगाया और रोते हुए कहा, 'जो व्यक्ति छह बार हिमाचल का मुख्यमंत्री रहा, जिसकी वजह से यह सरकार बनी, उसकी मूर्ति लगाने के लिए इन्हें (सुक्खू सरकार) दो गज जमीन नहीं मिली। मेरे दिवंगत पिता के लिए यह सम्मान दिखाया गया। हम इमोशनल लोग हैं, हमें पद से कोई लेना-देना नहीं।'

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अटकलों का बाजार क्यों गर्म?
ऐसी अटकलें हैं कि विक्रमादित्य सिंह 14 विधायकों के संपर्क में हैं और जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि जब इस बारे में उनसे पूछा गया तब उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है, जो भी होगा बताया जाएगा। इस्तीफा देते हुए उन्होंने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। हालांकि उनका अगला कदम क्या होगा इस बारे में अभी कुछ भी साफ नहीं हुआ है। 

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