ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News हिमाचल प्रदेशहिमाचल हाईकोर्ट ने 3 निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे के मामले में सुरक्षित रखा फैसला

हिमाचल हाईकोर्ट ने 3 निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे के मामले में सुरक्षित रखा फैसला

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सूबे के तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे के मामले में आदेश सुरक्षित रख लिया है। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने विधानसभा सचिवालय की ओर से दलीलें रखी। पढ़ें यह रिपोर्ट...

हिमाचल हाईकोर्ट ने 3 निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे के मामले में सुरक्षित रखा फैसला
Krishna Singhएएनआई,शिमलाWed, 01 May 2024 12:48 AM
ऐप पर पढ़ें

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने विधानसभा के तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे के मामले में आदेश सुरक्षित रख लिया है। चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव की पीठ ने मंगलवार को बहस पूरी होने के बाद इस मामले में आदेश सुरक्षित रख लिया। याचिका में हाईकोर्ट से स्पीकर को तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने का निर्देश दिए जाने की मांग की गई है। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने विधानसभा सचिवालय की ओर से दलीलें रखी। 

वह दिल्ली से वर्चुअली सुनवाई में शामिल हुए। निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे को लेकर बहस पूरी होने के बाद मुख्य न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित रख लिया। वहीं शिमला के कांग्रेस विधायक ने इस मामले में तीन निर्दलीय विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए हस्तक्षेप आवेदन दायर किया था। अदालत ने इस आवेदन पर अलग से सुनवाई करने से इनकार कर दिया और आदेश सुरक्षित रख लिया। 

वकील सिब्बल ने दलील देते हुए कहा कि आज तक देश की किसी भी अदालत ने यह नहीं कहा है कि वह विधानसभा अध्यक्ष की किसी भी शक्ति का प्रयोग करेगी। बता दें कि हिमाचल प्रदेश के तीन निर्दलीय विधायकों देहरा से होशियार सिंह, हमीरपुर से आशीष शर्मा और नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र से केएल ठाकुर ने 22 मार्च को स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। तीनों विधायकों ने स्पीकर के खिलाफ प्रदर्शन किया था और उनसे इस्तीफे स्वीकार करने की मांग की थी। 

बाद में तीनों ने स्पीकर द्वारा इस्तीफे स्वीकार नहीं किए जाने को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अदालत ने मामले में आदेश सुरक्षित रख लिया है। वहीं शिमला के कांग्रेस विधायक ने तीन निर्दलीय विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के लिए हस्तक्षेप अर्जी दायर की थी। इस पर अदालत ने याचिका पर अलग से सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। विधायक हरीश जनारथा की मांग थी कि तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफों के मामले की जांच कर उन्हें अयोग्य ठहराया जाए।