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कांग्रेस का दावा- खत्म हो गया हिमाचल का संकट, विक्रमादित्य भी मान गए; क्या निकला फॉर्मूला

हिमाचल प्रदेश में सरकार और पार्टी पर आई संकट को कांग्रेस ने सफलतापूर्वक दूर कर लिए जाने का दावा किया है। पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए डीके शिवकुमार और भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ने कहा कि अब संकट दूर।

कांग्रेस का दावा- खत्म हो गया हिमाचल का संकट, विक्रमादित्य भी मान गए; क्या निकला फॉर्मूला
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,शिमलाThu, 29 Feb 2024 06:14 PM
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राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की वजह से हिमाचल प्रदेश में सरकार और पार्टी पर आए संकट को कांग्रेस ने सफलतापूर्वक दूर कर लिए जाने का दावा किया है। पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए डीके शिवकुमार और भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है अब सबकुछ 'ठीक' होने का दावा करते हुए कहा है कि सरकार पूरे पांच साल चलेगी और विक्रमादित्य सिंह ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। हालांकि, यह पूछे जाने पर कि क्या सुक्खू भी सीएम के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करेंगे, दोनों नेताओं ने हां या ना में जवाब देने से इनकार किया।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह की मौजूदगी में दोनों पर्यवेक्षकों ने मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया कि सरकार पर किसी तरह का खतरा नहीं है। डीके शिवकुमार ने कहा, 'देशभर के कार्यकर्ता हिमाचल प्रदेश के राज्यसभा चुनाव को देख रहे थे। इसमें हमारे एक वरिष्ठ नेता हार गए। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया है कि कुछ विफलता हुई है, लेकिन ऐसा आगे नहीं होगा। हमने सभी विधायकों, मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ से बात की है। सभी ने सारे मतभेद खत्म कर दिए हैं। सभी साथ काम करेंगे। लोकसभा चुनाव में अच्छे परिणाम आएंगे।'

तालमेल के लिए कमिटी, साथ काम करने की शपथ
डीके ने सरकार और पार्टी के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक कमिटी के गठन का ऐलान किया। उन्होंने कहा, 'हम सरकार और पार्टी के बीच एक समन्वय समिति बना रहे हैं, जिसमें 5-6 सदस्य होंगे। इनमें पीसीसी चीफ, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल होंगे। सभी ने भरोसा दिया है और शपथ ली है कि सभी सरकार और पार्टी को बचाने के लिए एक साथ काम करेंगे।'

साजिश थी इस्तीफे की खबर: सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने भी कहा कि उनकी सरकार कार्यकाल पूरा करेगी। उन्होंने दावा किया कि इस्तीफे की खबर के पीछे एक साजिश थी। उन्होंने कहा, 'राज्यसभा चुनाव के बाद जो हुआ उसके बाद अटकलें लगने लगी की हिमाचल प्रदेश की सरकार गिरने वाली है। मेरे पास मेरे ही इस्तीफे की खबर आ गई, यह एक षडयंत्र के तहत खबर चल रही थी ताकि वोटिंग के समय हमारी संख्या कम हो जाए। मैं पूछता हूं भाजपा किस बहुमत की बात कर रही है?  मार्शल के साथ 15 विधायकों ने दुर्व्यवहार किया जिसके लिए उन्हें निष्कासित किया गया। 9 विधायक जो थे उन्हें तो किसी ने निष्कासित नहीं किया था, तो वे अंदर क्यों नहीं आए थे। हमने ईमानदारी से सरकार चलाई है। हिमाचल प्रदेश में हमारी सरकार निश्चित तौर पर चलेगी'

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