ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News हिमाचल प्रदेशहिमाचल प्रदेश में 2600 गेस्ट टीचरों की भर्ती पर लगी रोक, सीएम सुक्खू ने बताई वजह

हिमाचल प्रदेश में 2600 गेस्ट टीचरों की भर्ती पर लगी रोक, सीएम सुक्खू ने बताई वजह

सीएम सुक्खू ने यह स्पष्ट किया कि गेस्ट टीचर भर्ती अस्थायी है और गेस्ट टीचरों को पीरियड के अनुसार घंटे के आधार पर भुगतान किया जाएगा। उनकी मासिक या वार्षिक आधार पर कोई स्थायी भर्ती नहीं होगी।

हिमाचल प्रदेश में 2600 गेस्ट टीचरों की भर्ती पर लगी रोक, सीएम सुक्खू ने बताई वजह
Devesh Mishraलाइव हिंदुस्तान,शिमलाSat, 20 Jan 2024 05:57 PM
ऐप पर पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में स्कूलों-कॉलेजों में 2600 पीरियड आधारित गेस्ट टीचरों की भर्ती की घोषणा करने वाली सुक्खू सरकार ने अब इस भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गेस्ट टीचर भर्ती के क्रियान्वयन को आगामी आदेशों तक रोक लगाने की बात कही है।

शिमला में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भर्ती नीति को गहन विचार-विमर्श के बाद लागू किया जाएगा और इसे अमलीजामा पहनाने से पहले शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि गेस्ट टीचर भर्ती अस्थायी है और गेस्ट टीचरों को पीरियड के अनुसार घंटे के आधार पर भुगतान किया जाएगा। उनकी मासिक या वार्षिक आधार पर कोई स्थायी भर्ती नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इन शिक्षकों को भर्ती करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता शिक्षा के मामले में हिमाचल प्रदेश 18वें स्थान पर खिसक गया है और इसके पीछे शिक्षकों के तबादले मूलभूत कारण है। इन तबादलों के कारण कई-कई दिन शिक्षक स्कूल व कॉलेजों में उपलब्ध नहीं होते और गेस्ट टीचर भर्ती नीति में यह प्रावधान किया गया है कि इस अवधि में उस स्कूल के प्रधानाचार्य व क्षेत्र के अधिकारी को यह अधिकार मिलेगा कि वे अपने स्कूल-कॉलेज में मेरिट आधार पर योग्य गेस्ट टीचर की वहां भर्ती करें।

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि गेस्ट टीचर मामले में भ्रम फैलाया जा रहा है। सरकार ने यह निर्णय विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के दृष्टिगत लिया है। गेस्ट टीचर की सेवाएं केवल अध्यापक के तबादला होने या अन्य अपरिहार्य परिस्थितियों में ही ली जाएंगी। गेस्ट टीचर चयन के लिए मेरिट को विशेष अधिमान दिया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष युवाओं को केवल गुमराह कर रही है और केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए इस निर्णय की निंदा कर रही है।

सुक्खू कैबिनेट ने लगाई थी गेस्ट टीचर भर्ती पर मोहर
बता दें कि मुख्यमंत्री सुक्खू की अध्यक्षता में बीते 12 जनवरी को आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में सरकारी स्कूलों व कॉलेजों में पीरियड आधारित गेस्ट टीचरों के 2600 पद भरने की मंजूरी मिली थी। इनमें जेबीटी शिक्षकों के 1600, स्कूल प्रवक्ता और कॉलेज प्रवक्ता के 1000 पद भरे जाएंगे। पीरियड आधार पर स्कूलों में प्रति पीरियड 200 रुपये, 250 रुपये और कॉलेज में 300 रुपये दिए जाएंगे। प्रतिदिन अधिकतम चार पीरियड होंगे।

भर्ती प्रक्रिया को शुरू करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। प्रदेश सरकार द्वारा तय नियमों के अनुसार इन शिक्षकों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाना है। काउंसलिंग के बाद मेरिट आधार पर स्टेशन छांटने का भी विकल्प इन्हें मिलेगा। जेबीटी शिक्षक भर्ती के लिए बारहवीं कक्षा में 75 फीसदी अंक और टेट में 65 फीसदी अंक नंबर वाले पात्र बनाए गए हैं। कॉलेज कैडर की शिक्षक भर्ती में नेट या सेट पास करने वाले अभ्यर्थियों को ही मौका मिलेगा।

विपक्षी भाजपा गेस्ट टीचर भर्ती पर उठा रही सवाल
प्रदेश सरकार के पीरियड आधारित गेस्ट टीचर भर्ती करने के फैसले पर कांग्रेस सरकार को विपक्षी भाजपा के साथ बेरोजगार युवाओं के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा ने इसे शिक्षित युवाओं के साथ मजाक करार दिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर राज्य सरकार से इस फैसले को वापिस लेने की मांग कर चुके हैं। वहीं दूसरी ओर इस फैसले के विरोध में शिक्षित बेरोजगार युवा जगह-जगह सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश जता रहे हैं। शिमला, नाहन और मंडी में शिक्षित युवाओं के साथ डीएलएड का कोर्स कर रहे और पुस्तकालयों में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवा भी गेस्ट टीचर भर्ती नीति के खिलाफ प्रदर्शन कर चुके हैं।

रिपोर्ट- यूके शर्मा 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें