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हिमाचल के बागियों पर भाजपा का कड़ा ऐक्शन, दो बड़े नेताओं को किया निलंबित

हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दो बागी नेताओं पर कड़ा ऐक्शन लिया है। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश सरकार में पूर्व में मंत्री और तीन बार के विधायक को निलंबित कर दिया है।

हिमाचल के बागियों पर भाजपा का कड़ा ऐक्शन, दो बड़े नेताओं को किया निलंबित
Mohammad Azamवार्ता,शिमलाFri, 17 May 2024 03:09 PM
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हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दो बागी नेताओं पर कड़ा ऐक्शन लिया है। एक जून को होने वाले लोकसभा चुनाव और छह विधानसभा सीटों के उपचुनाव से पहले  पूर्व मंत्री और तीन बार के विधायक राम लाल मारकंडा और 2022 में धर्मशाला विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रहे राकेश चौधरी को निलंबित कर दिया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि इन दोनों नेताओं ने लाहौल-स्पीति और धर्मशाला विधानसभा सीटों से पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ स्वतंत्र उम्मीदवारों के रूप में उपचुनाव लड़ा था, जिससे अनुशासनहीनता हुई।

इस बारे में जानकारी देते हुए बिंदल ने कहा कि दोनों बागियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर उनकी प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए निलंबित कर दी गई है। मारकंडा और चौधरी भाजपा के टिकट पर 2022 का विधानसभा चुनाव हार गए। भगवा पार्टी ने नए शामिल हुए और कांग्रेस विधायकों रवि ठाकुर और सुधीर शर्मा को टिकट दिया है

बिंदल ने दोनों को भाजपा के हित में अपना नामांकन वापस लेने के लिए मनाने की बहुत कोशिश की थी लेकिन ये नही माने। उपचुनाव में भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ पार्टी के कम से कम चार पूर्व उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा के पूर्व उम्मीदवार और धूमल के वफादार कैप्टन रणजीत राणा को कांग्रेस ने पूर्व विधायक और असंतुष्ट राजिंदर राणा के खिलाफ टिकट दिया है।

गगरेट से पूर्व भाजपा सदस्य राकेश कालिया को कांग्रेस ने विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के पूर्व अयोग्य विधायक और भाजपा उम्मीदवार चैतन्य शर्मा के खिलाफ टिकट दिया। मारकंडा और चौधरी भी उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट के इच्छुक थे, लेकिन स्थानीय कांग्रेस जिला कमेटी के विरोध के कारण वे अब निर्दलीय और भाजपा के बागी के रूप में मैदान में थे। त्रिकोणीय मुकाबले से कांग्रेस के असंतुष्टों को नुकसान होने की संभावना है।

हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के तहत चार विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ उपचुनाव की घोषणा के कारण केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का भाग्य भी अधर में लटक गया है। राज्य में लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में चार संसदीय सीटों और छह विधानसभा सीटों पर एक जून को मतदान होना है। वोटों की गिनती चार जून को होगी।