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कभी बर्फ की चादर में लिपटी शिमला में सब सूना, मौसम वैज्ञानिकों ने क्या चेतावनी दी

कभी बर्फ की चादर में लिपटी शिमला में सब सूना, मौसम वैज्ञानिकों ने क्या चेतावनी दी

संक्षेप:

Shimla Snowfall: यह लगातार चौथा साल है जब शिमला में बर्फ नहीं गिरी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बीते एक सौ वर्षों में हिमाचल का औसत तापमान एक से डेढ़ डिग्री सेल्सियस तक बढ़ चुका है।

Dec 23, 2025 11:55 am ISTGaurav Kala लाइव हिन्दुस्तान, शिमला
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Shimla Snowfall: दिसंबर का महीना आते ही हिल स्टेशन शिमला में बर्फ की पहली सफेदी देखने की जो उम्मीद कभी अपने आप जाग जाती थी। वह अब लगातार धुंधली पड़ती जा रही है और इस साल भी हिमाचल प्रदेश की राजधानी में दिसंबर बर्फबारी के बिना ही गुजर रहा है। यह लगातार चौथा साल है जब शिमला में दिसंबर में बर्फ नहीं गिरी। शिमला से सटे कुफरी में भी बर्फबारी का नजारा देखने को नहीं मिला, जो कभी सर्दियों की शुरुआत का सबसे भरोसेमंद संकेत माना जाता था।

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आंकड़े बताते हैं कि शिमला में बर्फबारी का स्वरूप पिछले तीन दशकों में तेजी से बदला है। वर्ष 1990 से 2000 के बीच औसतन 129 सेंटीमीटर बर्फ गिरती थी, जो वर्ष 2010 से 2020 के दौरान घटकर लगभग 80 सेंटीमीटर रह गई, यानी करीब 37 फीसदी की गिरावट। वहीं 2022, 2023 और 2024 में दिसंबर पूरी तरह सूखा रहा और दिसंबर में आखिरी बार बर्फ 2021 में दर्ज की गई थी। क्रिसमस के दिन शिमला में बर्फबारी आखिरी बार 2016 में हुई थी। मौसम वैज्ञानिक इस बदलाव को तापमान में बढ़ोतरी और वर्षा के पैटर्न में आए बदलाव से जोड़ रहे हैं।

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मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के विज्ञानी संदीप शर्मा के अनुसार बीते एक सौ वर्षों में हिमाचल का औसत तापमान एक से डेढ़ डिग्री सेल्सियस तक बढ़ चुका है। इससे बर्फ के लिए अनुकूल हालात कम बन रहे हैं। वहीं, स्थानीय लोग और पर्यावरणविद अनियंत्रित शहरीकरण, पेड़ों की कटाई और बढ़ते वाहन प्रदूषण को भी इसकी बड़ी वजह मानते है। पर्यावरणविदों का कहना है कि हरियाली के घटने और प्रदूषण बढ़ने से शिमला का स्थानीय मौसम संतुलन बिगड़ा है और नियमित बर्फबारी अब दुर्लभ होती जा रही है।

अगले चार दिन घने कोहरे का अलर्ट

इस बीच मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल शुष्क मौसम बना हुआ है और अगले चार दिनों तक घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है।आज सुबह बिलासपुर में कोहरे के कारण विजिबिलिटी 30 मीटर तक सिमट गई, जबकि मंडी और सुंदरनगर में भी कोहरे का असर देखा गया। ठंड बढ़ने के साथ न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के कुकुमसेरी में पारा माइनस 5.2 डिग्री सेल्सियस, ताबो में माइनस 2.2, कल्पा में 0.4, मनाली में 3.7, नारकंडा में 3.3, रिकांगपिओ में 3.1, कुफरी में 4.6 और शिमला में 7.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि निचले इलाकों में बिलासपुर 8.5, ऊना 7.0, हमीरपुर 6.0 और कांगड़ा 6.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विभाग का कहना है कि 23 से 27 दिसंबर तक मौसम शुष्क रहेगा, हालांकि 28 और 29 दिसंबर को पश्चिमी विक्षोभ के असर से ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के आसार बन सकते हैं। फिलहाल दिसंबर में बर्फबारी का पारंपरिक दृश्य इस साल भी नदारद है, जो कभी शिमला की पहचान हुआ करता था।

रिपोर्ट : यूके शर्मा

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala
गौरव काला को नेशनल, राजनीति, अंतरराष्ट्रीय, क्राइम और वायरल समाचार लिखना पसंद हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 10 साल कार्य का अनुभव। लाइव हिन्दुस्तान से पहले अमर उजाला, दैनिक जागरण और ईटीवी भारत जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। और पढ़ें

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