शिमला की स्कूल मालिक मनीषा मित्तल मर्डर की गुत्थी सुलझी, भाई निकला बहन का कातिल; CCTV से रखता था नजर
शिमला के बहुचर्चित मनीषा मित्तल हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने खुलासा कर दिया है। संपत्ति विवाद में भाई पर बहन की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। आरोपी ने अपने पार्टनर की मदद से बहन को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया था।

हिमाचल प्रदेश के शिमला में हुई स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जिस भाई पर परिवार को संभालने की जिम्मेदारी थी, उसी पर अपनी बहन की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। पुलिस ने हत्याकांड में बड़ा खुलासा करते हुए मृतका के भाई हिमांक मित्तल को ही हत्या का मास्टरमाइंड बताया है। पुलिस के अनुसार हिमांक मित्तल ने अपने कारोबारी साझेदार गोविंद के साथ मिल दो शूटरों को सुपारी देकर बहन मनीषा मित्तल की हत्या करवाई थी। जांच में सामने आया है कि मनीषा मित्तल का अपने भाई हिमांक और उसके पार्टनर गोविंद के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस ने अब तक इस मामले में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
स्कूल का सीसीटीवी ही बन गया मनीषा के लिए जानलेवा
जांच में सामने आए तथ्यों ने इस मामले को और भी चौंकाने वाला बना दिया है। पुलिस के अनुसार, हिमांक मित्तल के पास सरस्वती पैराडाइज स्कूल के सीसीटीवी कैमरों का पूरा एक्सेस था। वह कैमरों के जरिये अपनी बहन मनीषा मित्तल की गतिविधियों और उनके आने-जाने के समय पर लगातार नजर रख रहा था। पुलिस का कहना है कि इसी निगरानी के आधार पर हत्या की पूरी योजना बनाई गई। मनीषा ने जिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्कूल में कैमरे लगाए गए थे, वही कैमरे उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाने का माध्यम बन गए। पुलिस जांच में यह पहलू हत्या की साजिश का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
पैसों का लेन-देन और किराये की कार से जुड़ी कड़ियां
एएसपी शिमला मेहर पंवार ने मंगलवार को बताया कि तकनीकी जांच और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार घटना से कुछ दिन पहले हिमांक मित्तल ने गोविंद के खाते में 8 लाख 30 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। जांच में यह भी सामने आया कि गोविंद ने वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार किराये पर ली और उसे शूटरों को उपलब्ध करवाया। पुलिस के मुताबिक गोविंद ने ही आरोपी शूटर दीपक को पैसे भी ट्रांसफर किए थे। इन साक्ष्यों ने हत्या की साजिश और आरोपियों के बीच संबंधों को मजबूत आधार प्रदान किया।
विदेश भागा आरोपी, फिर रोहतक से हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद गोविंद गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश चला गया था। विदेश से लौटने के बाद भी उसने अपना मोबाइल फोन बंद रखा और लगातार छिपने की कोशिश करता रहा। पुलिस की तकनीकी निगरानी और लगातार दबिश के बाद 28 जून को उसे हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने 29 जून को मुख्य आरोपी हिमांक मित्तल को भी रोहतक से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया गया है और उनसे आगे की पूछताछ जारी है।
पुलिस बोली- सभी आरोपी गिरफ्तार, जांच अभी जारी
एएसपी शिमला मेहर पंवार ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी विश्लेषण, मोबाइल डेटा, वित्तीय लेन-देन और अन्य जांच के आधार पर मामले का सफल खुलासा किया गया है। उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि साजिश की तैयारी कब से चल रही थी और इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है।
ऐसे खुली पूरे हत्याकांड की परत-दर-परत कहानी
13 जून की शाम भट्टाकुफर स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल के बाहर दो नकाबपोश हमलावरों ने स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी थी। शिमला पुलिस ने इस हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। 15 जून को यानी करीब 40 घंटे के भीतर पुलिस ने हरियाणा के रोहतक से दोनों शूटरों आशीष और दीपक को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से दो पिस्टल भी बरामद की गईं। इसके बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया और पहले सात दिन का पुलिस रिमांड मिला। आगे की पूछताछ के लिए उन्हें चार दिन का अतिरिक्त रिमांड भी दिया गया। पूछताछ, बैंक खातों की जांच और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के दौरान पुलिस को हिमांक मित्तल और गोविंद की भूमिका के संकेत मिले। 28 जून को गोविंद को रोहतक से गिरफ्तार किया गया, जबकि 29 जून को हिमांक मित्तल भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। 30 जून को शिमला पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मनीषा मित्तल की हत्या एक सुनियोजित सुपारी किलिंग थी, जिसके पीछे उनका अपना भाई और उसका कारोबारी साझेदार थे।
रिपोर्ट : यूके शर्मा


