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बर्फीली चोटी को निगलती प्लास्टिक! IFS अफसर ने VIDEO में दिखाई पहाड़ों की दुर्दशा; भड़क उठे यूजर

बर्फीली चोटी को निगलती प्लास्टिक! IFS अफसर ने VIDEO में दिखाई पहाड़ों की दुर्दशा; भड़क उठे यूजर

संक्षेप:

अधिकारी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में हिमाचल प्रदेश का नजारा है। इसमें एक पानी की जगह कूड़े के ढेर में बदली हुई दिखाई दे रही है। फुटेज में सुंदर, बर्फ से ढकी चोटियों और तीर्थयात्रियों द्वारा छोड़ी गई प्लास्टिक की बोतलों और कचरे के जमाव के बीच बहुत बड़ा फर्क दिखाया गया है।

Dec 31, 2025 11:13 pm ISTRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, शिमला
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इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) ऑफिसर परवीन कासवान ने एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है। इसके बाद सो यूजर का गुस्सा फूट पड़ा है। अधिकारी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में हिमाचल प्रदेश का नजारा है। इसमें एक पानी की जगह कूड़े के ढेर में बदली हुई दिखाई दे रही है। फुटेज में सुंदर, बर्फ से ढकी चोटियों और तीर्थयात्रियों द्वारा छोड़ी गई प्लास्टिक की बोतलों और कचरे के जमाव के बीच बहुत बड़ा फर्क दिखाया गया है।

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क्या सच में पहाड़ बुला रहे हैं?

कासवान ने X पर लिखा, “क्या आपको सच में लगता है कि पहाड़ हमें बुला रहे हैं!! यह हिमाचल प्रदेश की मणिमहेश यात्रा का नजारा है। 13000 फीट पर भी हमने अपने निशान छोड़े हैं।” आपको बताते चलें कि मणिमहेश यात्रा उत्तर भारतीय राज्य में एक पवित्र हिंदू तीर्थयात्रा है जो मणिमहेश झील और कैलाश चोटी तक जाती है।

सोशल मीडिया पर जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, यूजर्स ने एडमिनिस्ट्रेशन और टूरिस्ट पर सिविक सेंस की कमी के लिए इल्जाम लगाने शुरू कर दिए। लोग एक दूसरे पर उंगली उठाते हुए कहने लगे कि कुछ लोगों ने एक साफ-सुथरे स्वर्ग को कूड़े के ढेर में बदल दिया है।

himachal pollution

सोशल मीडिया पर भड़क उठी जनता

एक यूजर ने लिखा, “यह शर्म की बात है कि लोग पहाड़ियों को या ज्यादा सही कहें तो, इकोलॉजिकली कमजोर इलाकों को खत्म करने पर आमादा हैं।” दूसरे यूजर ने लिखा- "जब तक वेस्ट मैनेजमेंट जैसा कुछ नहीं होता, बिना रोक-टोक टूरिज्म को बढ़ावा देने से सिर्फ वैसे ही सीन दिखेंगे जैसे आप दिखा रहे हैं।"

एक अन्य यूजर ने लिखा- “दुखद। सच में दुख की बात है। हम 10 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी हो सकते हैं, लेकिन जब तक हम सिविक सेंस नहीं बनाएंगे, हम पीछे रह जाएंगे।” चौथे ने लिखा- “यह हर जगह है, दिक्कत यह है कि ज्यादातर लोगों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, या यह सिर्फ ड्राइंग रूम की बातचीत का टॉपिक है और कोई जिम्मेदारी नहीं है।”

इससे पहले भी वायरल हो चुके वीडियो

अच्छा आपको बताते चलें कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ है, जब ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर शेयर किए गए हैं। इस साल की शुरुआत में, एक वीडियो में कसोल का एक जंगल दिखाया गया था जिसे टूरिस्ट ने एक बड़े डंपिंग ग्राउंड में बदल दिया था। इस तरह के मामले सामने आने के बावजूद लोगों ने किसी भी तरह की कोई सीख नहीं ली है।

Ratan Gupta

लेखक के बारे में

Ratan Gupta
IIMC दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद लाइव हिन्दुस्तान में बतौर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। खबरों की दुनिया के अलावा साहित्य पढ़ना, फिल्में देखना और गाने सुनना पसंद है। और पढ़ें

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