धर्मशाला में फंसे इजरायली और विदेशी पर्यटक, उड़ानों पर लगा ब्रेक
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और मिडिल ईस्ट के अशांत हालातों का असर अब उत्तर भारत के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल धर्मशाला में भी दिखने लगा है।
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और मिडिल ईस्ट के अशांत हालातों का असर अब उत्तर भारत के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल धर्मशाला में भी दिखने लगा है। कांगड़ा एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लगातार रद्द होने और यात्रा में आ रही रुकावट के कारण यहां आए विदेशी पर्यटक और एनआरआई परेशान हैं। विशेष रूप से इजरायली पर्यटकों के लिए स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है।
धर्मशाला घूमने आई एक इजरायली पर्यटक 'विला' ने कहा कि उन्हें आज सुबह इजरायल के लिए रवाना होना था, लेकिन उड़ान रद्द हो गई। उन्होंने कहा कि उनके देश में लोग शेल्टर होम में रहने को मजबूर हैं और वे जल्द से जल्द अपने घर पहुंचना चाहती हैं, लेकिन अब इसमें कई दिन लग सकते हैं।
सिर्फ विदेशी ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीय भी इस अनिश्चितता से परेशान हैं। धर्मशाला की यात्रा पर आए सुरेंदर अग्रवाल ने बताया कि युद्ध की स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रद्द होने का डर बना हुआ है, जिससे उनके आगे के कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, दिल्ली के एक डॉक्टर विनय गुप्ता ने कहा कि पर्यटकों के पास घूमने के लिए एक सीमित समय होता है और उड़ानों के रद्द होने से उनका पूरा शेड्यूल बिगड़ जाता है। हालांकि, घरेलू उड़ानों पर अभी इसका सीधा असर नहीं दिख रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए स्थिति गंभीर बनी हुई है।
साल 2025 में धर्मशाला में रिकॉर्ड 30 हजार से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे थे, जो महामारी के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा है। लेकिन अब मध्य-पूर्व में इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरानी ठिकानों पर किए गए हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के कारण हवाई मार्ग बंद होने से पर्यटन उद्योग पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इस बीच, ईरान में सर्वोच्च नेता खामेनेई के निधन के बाद 40 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा ने क्षेत्र में तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
लेखक के बारे में
Aditi Sharmaअदिति शर्मा
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