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हिमाचल में इस बार हुई 39% अधिक बारिश, मॉनसूनी तबाही ने किया 4881 करोड़ का नुकसान

हिमाचल में इस बार हुई 39% अधिक बारिश, मॉनसूनी तबाही ने किया 4881 करोड़ का नुकसान

संक्षेप: राज्य में सामान्य रूप से 734.4 मिमी बारिश होती है, जबकि इस बार 1,022.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इस अत्यधिक बारिश ने पहाड़ी राज्य में भारी तबाही मचाई, जिससे 4,881 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ।

Wed, 1 Oct 2025 05:45 PMUtkarsh Gaharwar शिमला, पीटीआई
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हिमाचल में इस बार का मॉनसून काल बनकर आया। आसमान से आई आफत ने लोगों के घर तबाह करने के साथ जिंदगियां भी ले लीं। सड़कों का नुकसान, भूस्खलन तो उस वक्त जैसे आम बात हो गई थी। लोग अब तक उस दर्द से ऊबर नहीं पाए हैं। इस बीच मौसम विज्ञान कार्यालय ने इस मॉनसून के दौरान हुई बारिश के आंकड़े जारी किए हैं। MeT ऑफिस ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 1 जून से 30 सितंबर के बीच मॉनसून के मौसम में सामान्य से 39 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।

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राज्य में सामान्य रूप से 734.4 मिमी बारिश होती है, जबकि इस बार 1,022.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इस अत्यधिक बारिश ने पहाड़ी राज्य में भारी तबाही मचाई, जिससे 4,881 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ। इस मॉनसून के दौरान, राज्य में प्राकृतिक आपदाओं की ये घटनाएं हुईं:

➤बादल फटने (Cloudbursts): 47 घटनाएं

➤अचानक बाढ़ (Flash Floods): 98 घटनाएं

➤बड़े भूस्खलन (Major Landslides): 148 घटनाएं

➤इन सभी घटनाओं में कुल 454 लोगों की मौत हुई।

मॉनसून के आने और जाने का समय

मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने राज्य में 20 जून को प्रवेश किया और 26 सितंबर को वापस गया। पिछले 29 वर्षों में, मॉनसून सबसे जल्दी 9 जून 2000 को आया था, और सबसे देर से 5 जुलाई 2010 को पहुंचा था। सबसे जल्दी वापसी 18 सितंबर 2001 को हुई थी, और सबसे देर से वापसी 11 अक्टूबर 2019 को हुई थी।

इस साल हिमाचल प्रदेश में 1,022.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले 125 वर्षों (1901 से 2025 तक) में 15वीं सबसे अधिक मॉनसून वर्षा है। यह पिछले 29 वर्षों में सबसे ज़्यादा भी है। सबसे अधिक बारिश 1922 में रिकॉर्ड की गई थी, जब यह 1,314.6 मिमी थी। मौसम विज्ञान कार्यालय (MeT office) के अनुसार, इस मॉनसून में ज्यादातर महीनों में सामान्य से बहुत अधिक बारिश हुई:

➤जून में 34 प्रतिशत अधिक

➤अगस्त में 68 प्रतिशत अधिक

➤सितंबर में 71 प्रतिशत अधिक

हालांकि, जुलाई में सामान्य से 2 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। राज्य में 36 दिन 'बहुत भारी' बारिश रिकॉर्ड की गई (जून में चार, जुलाई में आठ, अगस्त में 15 और सितंबर में नौ दिन)। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की 24 सितंबर को जारी अंतिम रिपोर्ट के अनुसार, इस मॉनसून में भारी नुकसान हुआ-

➤मृत्यु: कुल 454 लोगों की मौत हुई।

➤264 लोगों की मौत बारिश से जुड़ी घटनाओं में हुई।

➤190 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई।

➤घायल: 498 लोग घायल हुए।

➤लापता: अभी भी 50 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

➤घरों का नुकसान: लगभग 9,230 घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए।

Utkarsh Gaharwar

लेखक के बारे में

Utkarsh Gaharwar
एमिटी और बेनेट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता के गुर सीखने के बाद अमर उजाला से करियर की शुरुआत हुई। अमर उजाला में बतौर एंकर सेवाएं देने के बाद 3 साल नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम किया। वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हूं। एंकरिंग और लेखन के अलावा मिमिक्री और थोड़ा बहुत गायन भी कर लेता हूं। और पढ़ें

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