
हिमाचल में रात को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, कल इन जिलों में अंधड़-बिजली गिरने की चेतावनी
Himachal Pradesh Weather: मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आज और कल गरज चमक के साथ झमाझम बारिश का अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश के किन जिलों में कैसा रहेगा मौसम जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…
हिमाचल प्रदेश में सितंबर के पहले हफ्ते में भी मॉनसून का खतरा टला नहीं है। मौसम विभाग ने रविवार रात 9 जिलों में गरज के साथ भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और 3 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। रविवार को राजधानी शिमला समेत राज्य के कई हिस्सों में दिन के समय बारिश दर्ज हुई। बीते 24 घंटों में सिरमौर के पच्छाद में सबसे ज्यादा 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा मनाली में 24, नैना देवी और धौलाकूआं में 16-16, केलांग में 15, भरवीं में 14 और नाहन में 13 मिलीमीटर बारिश हुई।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 12 घंटे के दौरान (खासतौर पर रात के वक्त) सूबे के कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हिमाचल प्रदेश के इन जिलों के अलग-अलग हिस्सों में एक से दो दौर भारी बारिश का दौर भी देखा जा सकता है।
कल इन जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने सोमवार को 9 जिलों उना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में अंधड़, वज्रपात और बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। विभाग ने 9 से 13 सितंबर तक प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। हालांकि इस अवधि के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।
2 NH समेत 824 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश से सड़कों का बंद होना जारी है। रविवार शाम तक दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 824 सड़कें बंद थीं। कुल्लू जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां एनएच-3 और एनएच-305 पूरी तरह से ठप हैं और 225 सड़कें अवरुद्ध हैं।
मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें बंद
मंडी में 191, शिमला में 146, चंबा में 88, कांगड़ा में 44 और सिरमौर में 36 सड़कें बाधित हैं। ऊपरी शिमला के सेब बाहुल्य क्षेत्रों में भी बड़ी दिक्कतें पेश आ रही हैं। रोहड़ू में 45, कोटखाई में 24 और कुमारसेन में 17 संपर्क मार्ग बंद होने से सेब की खेप समय पर मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे सीजन प्रभावित हो रहा है।
बिजली पानी की आपूर्ति प्रभावित
इसके अलावा बिजली और पेयजल आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। प्रदेश में 1480 ट्रांसफार्मर ठप हैं, जिनमें अकेले कुल्लू के 811 शामिल हैं। मंडी में 202, चंबा में 171, शिमला में 145 और लाहौल-स्पीति में 142 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। इसी तरह 336 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनमें शिमला की 130, मंडी की 79, कुल्लू की 63 और चंबा की 42 शामिल हैं।
अब तक 366 लोगों की मौत
इस मॉनसून सीजन ने हिमाचल पर भारी कहर बरपाया है। अब तक 366 लोगों की मौत हो चुकी है, 41 लोग लापता हैं और 426 घायल हुए हैं। जिला अनुसार, आंकड़ों में मंडी में सबसे ज्यादा 59, कांगड़ा में 50, चंबा में 43, शिमला में 39, कुल्लू में 38, किन्नौर में 28, सोलन में 26, उना में 22, बिलासपुर और सिरमौर में 18-18, हमीरपुर में 16 और लाहौल-स्पीति में 9 लोगों की मौत दर्ज हुई है। इसके अलावा 1991 पशु और 26 हजार से अधिक पोल्ट्री पक्षी भी काल का ग्रास बन चुके हैं।
6271 मकान क्षतिग्रस्त
भारी बरसात ने अब तक 6271 मकान क्षतिग्रस्त किए हैं, जिनमें 1194 पूरी तरह ढह गए हैं। साथ ही 460 दुकानें और 5284 पशुशालाएं भी धराशायी हो चुकी हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार सार्वजनिक संपत्ति को अब तक 4080 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इसमें लोक निर्माण विभाग को 2743 करोड़, जलशक्ति विभाग को 2518 करोड़ और ऊर्जा विभाग को 139 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

45 बादल फटने की घटनाएं
मॉनसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं भी लगातार दर्ज हो रही हैं। अब तक 136 भूस्खलन, 95 फ्लैश फ्लड और 45 बादल फटने की घटनाएं हो चुकी हैं। लाहौल-स्पीति में सबसे ज्यादा 28 भूस्खलन और 56 फ्लैश फ्लड हुए हैं, जबकि मंडी जिला 19 बादल फटने की घटनाओं के साथ सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। मौसम विभाग की मानें तो हिमाचल में मॉनसून का खतरा थमा नहीं है और आने वाले दिनों में प्रदेश को सतर्क रहने की जरूरत है।
रिपोर्ट- यूके शर्मा

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Krishna Bihari Singhलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




