हिमाचल के शख्स की लगी 3 करोड़ रुपए की लॉटरी; टैक्सी ड्राइवर के रूप में गया था, करोड़पति बनकर लौटा

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करोड़पति बन चुके हिमाचल के इस टैक्सी ड्राइवर ने बठिंडा की उसी दुकान से दो लॉटरी टिकट खरीदे थे, जहां से टिकट खरीदने वाले शख्स को पिछली बार 11 करोड़ रुपए की लॉटरी लगी थी। हालांकि वह पिछले पांच साल से लॉटरी टिकट खरीद रहे हैं।

‘दिहाड़ी पर गया था, करोड़पति बनकर लौटा’: हिमाचल के टैक्सी ड्राइवर ने जीती 3 करोड़ की लॉटरी

कभी-कभी जिंदगी अचानक इतनी बड़ी करवट बदल लेती है कि विश्वास करना मुश्किल हो जाता है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के रहने वाले एक टैक्सी ड्राइवर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। जिस व्यक्ति की आमदनी महीने में मुश्किल से 15 से 16 हजार रुपए तक हो पाती थी और परिवार चलाने के लिए जिसे कई बार दिहाड़ी मजदूरी भी करनी पड़ती थी, वह शख्स आज 3 करोड़ रुपए की लॉटरी जीतने के बाद पूरे हिमाचल में चर्चा का विषय बन गया है।

कांगड़ा जिले की फतेहपुर तहसील के रहने वाले कल्याण चंद करीब 20 वर्षों से ड्राइवरी का काम कर रहे हैं। कुछ दिन पहले वह एक सवारी को छोड़ने के लिए पंजाब के बठिंडा गए थे। काम पूरा होने के बाद उन्होंने 500-500 रुपए की दो लॉटरी टिकटें खरीद लीं। यह फैसला उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।

यूट्यूब पर रिजल्ट देखते-देखते बदल गई दुनिया

कल्याण चंद बताते हैं कि उन्हें पता था कि लॉटरी का ड्रॉ यूट्यूब पर लाइव दिखाया जाता है। 13 जून को वह मोबाइल पर परिणाम देख रहे थे। इसी दौरान एक के बाद एक जब शुरुआती नंबर निकलने लगे, तो उन्हें लगा कि इस बार भी उनकी किस्मत साथ नहीं देगी। इसी बीच अचानक स्क्रीन पर ऐसे अंक दिखाई देने लगे जो उनकी टिकट से मेल खा रहे थे।

वह बताते हैं कि पहले तो उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ। लेकिन जैसे ही पूरा नंबर सामने आया, तो कुछ क्षणों के लिए वह स्तब्ध रह गए। उन्होंने कहा कि सभी नंबर देखने के बाद मैं सन्न रह गया था। यकीन ही नहीं हो रहा था कि नंबर मेरी टिकट का है। उन्होंने बताया कि खुशी के उस पल में उन्होंने सबसे पहले अपनी पत्नी को फोन किया। परिवार को जब यह खबर मिली तो घर में जश्न का माहौल बन गया।

पांच साल से खरीद रहे लॉटरी का टिकट

कल्याण चंद ने बताया कि उन्होंने पांच साल पहले यानी वर्ष 2021 से लॉटरी टिकट खरीदना शुरू किया था। पिछले साल पंजाब में 11 करोड़ रुपए की लॉटरी निकलने की खबर सुनने के बाद उनकी दिलचस्पी और बढ़ गई। उन्हें पता चला था कि विजेता टिकट बठिंडा के एक विक्रेता के पास से खरीदी गई थी। इसके बाद जब भी उनका काम बठिंडा की तरफ पड़ता, वह उसी दुकान से टिकट लेने की कोशिश करते थे। इस बार भी वह किसी सवारी को छोड़ने गए थे और उसी दौरान टिकट खरीद ली। शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि यह टिकट उन्हें करोड़पति बना देगी।

पहले पूरा करेंगे पिता का अधूरा सपना

कल्याण चंद के परिवार में उनके पिता, भाई-बहन, पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं। सीमित आय के कारण परिवार की जरूरतों को पूरा करना आसान नहीं था। अब जब किस्मत ने उनका साथ दिया है तो उन्होंने धन खर्च करने की प्राथमिकताएं भी तय कर ली हैं। उन्होंने बताया कि वह सबसे पहले अपने पिता का एक पुराना सपना पूरा करना चाहते हैं।

जर्जर होकर गिर गई थी गांव में बनी सराय

कल्याण चंद ने बताया कि उनके गांव में पहले एक सराय भवन हुआ करता था, जो समय के साथ जर्जर होकर गिर गया। उनके पिता लंबे समय से चाहते थे कि वहां फिर से भवन का निर्माण हो। कल्याण चंद कहते हैं कि लॉटरी की राशि का उपयोग इसी काम और परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने में किया जाएगा।

अजीब संयोग, हिमाचल में 3 दशक बाद हो रही लॉटरी की वापसी

दिलचस्प बात यह है कि जिस समय कांगड़ा के इस टैक्सी ड्राइवर की किस्मत चमकी है, उसी समय हिमाचल प्रदेश में भी करीब तीन दशक बाद लॉटरी की वापसी का रास्ता साफ हो गया है। दरअसल, प्रदेश में 1996 में हाईकोर्ट के आदेश के बाद लॉटरी पर रोक लगा दी गई थी और 1999 में तत्कालीन धूमल सरकार ने इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। अब सुक्खू सरकार ने नई लॉटरी व्यवस्था के लिए नियम अधिसूचित कर दिए हैं। हालांकि लॉटरी की बिक्री अभी शुरू नहीं हुई है, लेकिन सरकार ने इसके संचालन के लिए पूरा ढांचा तैयार कर लिया है।

सरकार को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से हर साल लगभग 100 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो सकता है। नए नियमों के तहत लॉटरी का आयोजन और संचालन पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में रहेगा। कागजी और ऑनलाइन दोनों तरह की लॉटरी संचालित की जा सकेंगी। टिकटों की सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और पुरस्कार वितरण के लिए भी विस्तृत प्रावधान किए गए हैं।

रिपोर्ट : यूके शर्मा

Sourabh Jain

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सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


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