
हिमाचल प्रदेश के मौसम पर बड़ा अपडेट, 5 दिन होगी बर्फबारी; बारिश का भी अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के मौसम को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। हिमाचल की ऊंची चोटियों में हल्के बादल छाए रहने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने शनिवार दोपहर में हल्की बारिश और बर्फबारी का भी अपडेट दिया है।
Himachal Pradesh Weather Forecast: हिमाचल प्रदेश के मौसम को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। हिमाचल की ऊंची चोटियों में हल्के बादल छाए रहने का अनुमान जताया है, जिससे शनिवार दोपहर में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार राज्य में लगभग दो महीने के अंतराल के बाद ऊंची चोटियों में मौसम के इस बदलाव से शुष्क मौसम से कुछ राहत मिल सकती है। इस दौरान अगले 5 दिनों तक बर्फबारी होने की संभावना है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात और अगले दिन तड़के तक मौसम इसी तरह का बने रहने की उम्मीद है। राज्यभर में तापमान में गिरावट भी आ सकती है। ज़िला-वार पूर्वानुमान के अनुसार लाहौल के केलांग में आज हिमपात होने के 40 प्रतिशत आसार हैं और रविवार को लगभग 35 प्रतिशत, जबकि उदयपुर में इसी अवधि के दौरान 25 से 40 प्रतिशत के बीच हल्का हिमपात होने का अनुमान जताया गया है। इसके विपरीत, स्पीति घाटी में काज़ा के बड़े पैमाने पर शुष्क रहने की उम्मीद है, जहां ज़्यादातर इलाकों में धूप खिली रहेगी और बारिश का अनुमान न के बराबर है। फिलहाल लाहौल और स्पीति के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
राजधानी शिमला में, अधिकतम तापमान आठ से दस डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जिससे निवासियों को ऊनी और थर्मल कपड़े पहनने के लिए मजबूर होना पड़ेगा क्योंकि ठंड का प्रकोप बढ़ रहा है। इस बीच मौसम के मद्देनजर राष्ट्रीय राजमार्ग-03 पर ग्रामफू-रोहतांग दर्रा खंड और राष्ट्रीय राजमार्ग-505 पर ग्रामफू-बातल खंड बंद हैं, जिससे लाहौल और स्पीति में सड़क संपर्क प्रभावित हो रहा है।
ज़िला प्रशासन के आदेशानुसार दारचा-सरचू मार्ग भी बंद कर दिया गया है, जबकि दारचा-शिनकुला मार्ग केवल कुछ वाहनों के लिए खुला है। लोस्सर-बातल खंड बंद है, हालांकि सुम्दो-लोस्सर खुला हुआ है। अधिकारियों ने मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए यात्रियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। लगभग तीन महीने के लंबे सूखे ने राज्य में पहले ही कृषि और पर्यटन को प्रभावित कर दिया है। कृषि विभाग के अनुसार, केवल 30 से 35 प्रतिशत किसान गेहूं, जौ, सरसों, मटर और आलू की बुवाई कर पाए हैं। ये वह किसान हैं जिनके पास सिंचाई की सुविधा है।
अभी शिमला, मनाली और डलहौज़ी जैसे पर्यटन गंतव्यों में पर्यटकों की संख्या कम देखी गयी है। शिमला में एक टैक्सी चालक सुरेश ने कहा, "हम क्रिसमस और नए साल के आस-पास हिमपात होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि पर्यटकों की आमद कम होने से उनके कारोबार में भी असर पड़ रहा है और कई चालक इसके चलते अपनी ईएमआई नहीं भर पा रहे हैं।

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Mohammad Azamलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




