
बस स्टैंड बहा, मकान ढहा; हिमाचल के मंडी में बारिश का कहर, 3 की मौत और 2 लापता
संक्षेप: भारी वर्षा से मंडी जिला के निहरी और धर्मपुर में भारी तबाही हुई है। निहरी में भूस्खलन से तीन लोगों की मौत हो गई, वहीं धर्मपुर में दो लापता हैं।
हिमाचल प्रदेश में मॉनसून अपने आखिरी पड़ाव में है, लेकिन अब भी तबाही मचाने से पीछे नहीं हट रहा। मौसम विभाग के ओरेंज अलर्ट के बीच बीती रात हुई भारी बारिश ने एक बार फिर राज्य को झकझोर कर रख दिया। भारी वर्षा से मंडी जिला के निहरी और धर्मपुर में भारी तबाही हुई है। निहरी में भूस्खलन से तीन लोगों की मौत हो गई, वहीं धर्मपुर में दो लापता हैं।

मंडी जिले के धर्मपुर में बीती रात हुई भारी बरसात से सोन खड्ड और समीपवर्ती नाले अचानक उफान पर आ गए। खड्ड का जलस्तर देखते ही देखते इतना बढ़ा कि उसने रौद्र रूप धारण कर लिया और धर्मपुर बस अड्डा पूरी तरह जलमग्न हो गया। खड्ड के पानी ने बस स्टैंड में खड़ी कई बसों और वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ वाहन बहकर खड्ड में जा गिरे। इस दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग घरों की छतों पर चढ़कर अपनी जान बचाने को मजबूर हो गए।
डीएसपी धर्मपुर संजीव सूद ने बताया कि सैलाब से धर्मपुर बस अड्डे में भारी तबाही हुई है। कुछ बसें पानी में बह गई हैं और दो लोग अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश के लिए सर्च और रेस्क्यू अभियान लगातार चलाया जा रहा है। देर रात पुलिस ने भी राहत और बचाव कार्य चलाकर कई लोगों को सुरक्षित निकाला। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोगों को नदियों और खड्डों के किनारे जाने से सख्त मना किया है। हालांकि सुबह तक सोन खड्ड का जलस्तर कुछ कम हो गया, लेकिन देर रात का तांडव लंबे समय तक लोगों को भयभीत करता रहेगा।
मंडी के निहरी में भूस्खलन से मकान ढहा, तीन की मौत
इस बीच मंडी जिला की निहरी तहसील में देर रात भूस्खलन की चपेट में आने से एक मकान पूरी तरह मलबे में दब गया। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार निहरी तहसील की बोई पंचायत के ब्रगटा गांव में देर रात भारी बारिश के चलते अचानक घर के पीछे की पहाड़ी दरक गई। पहाड़ी से आए मलबे ने देखते ही देखते मकान को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयावह था कि न केवल मकान बल्कि उसके आसपास का पूरा इलाका मलबे में तब्दील हो गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी। राहत दल मौके पर पहुंचा, लेकिन सड़क मार्ग अवरुद्ध होने के कारण बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से तीन शव बाहर निकाले गए। इनमें दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। हादसे के समय मकान में कुल पांच लोग मौजूद थे, जिनमें से दो लोगों को ग्रामीणों ने समय रहते सुरक्षित निकाल लिया।
उधर राजधानी शिमला में भी भारी बारिश से नुकसान हुआ। शहर के बीसीएस इलाके में भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं, जिनसे तीन से चार गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और सड़क अवरुद्ध हो गई। वहीं हिमलैंड क्षेत्र में भीषण भूस्खलन से दो से तीन गाड़ियां मलबे के नीचे दब गईं। गनीमत यह रही कि इन घटनाओं में किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ।
मौसम विभाग ने आज मंगलवार को छह जिलों में अंधड़ व बिजली कड़कने के साथ वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है। ये अलर्ट बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में रहेगा। अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। इसके बाद मॉनसून धीमा पड़ेगा और भारी बारिश में कमी आएगी। 17 से 20 सितंबर तक प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान है। 20 सितंबर को उच्च पर्वतीय इलाकों में मौसम साफ हो जाएगा। वहीं 21 सितंबर को मैदानी इलाकों को छोड़कर मध्यवर्ती व उच्च पर्वतीय इलाकों में मौसम साफ हो जाएगा।
बता दें कि प्रदेश में इस बार का मॉनसून शुरू से ही कहर बरपाता रहा है और अब अपने अंतिम चरण में भी लगातार नुकसान पहुंचा रहा है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि सितंबर के अंत तक मॉनसून प्रदेश से पूरी तरह विदाई ले लेगा, लेकिन तब तक लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
रिपोर्ट : यूके शर्मा

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