हिमाचल के इस जिले में 3000 मीटर के ऊपर ट्रेकिंग बैन, क्या है वजह?

भाषा, शिमला
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हिमाचल प्रदेश में ट्रेकिंग को लेकर एक जिले में सख्ती कर दी गई है। इस जिले में 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले सभी रास्तों पर ट्रेकिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। क्या है वजह?

हिमाचल के इस जिले में 3000 मीटर के ऊपर ट्रेकिंग बैन, क्या है वजह?

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला प्रशासन ने 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले सभी ट्रेकिंग रास्तों पर पूरी तरह रोक लगा दी है। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि करेरी, त्रिउंड और आदि हिमानी चामुंडा जैसे प्रसिद्ध मार्गों पर जाने के लिए अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय से पहले अनुमति लेनी होगी। यदि मौसम विभाग कोई चेतावनी या अलर्ट जारी करता है तो सभी अनुमतियां अपने आप रद्द मानी जाएंगी।

3000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर ट्रैकिंग बैन

अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि कांगड़ा जिला प्रशासन ने 3000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाली सभी ट्रेकिंग गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा के लिए समय-समय पर ऐसे आदेश दिए जाते हैं।

लोगों की सुरक्षा को देखते हुए फैसला

अधिकारी ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ट्रेकिंग पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।

इन रास्तों पर प्रतिबंध

कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि ट्रेकिंग को लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं। अब करेरी, त्रिउंड और आदि हिमानी चामुंडा जैसे प्रसिद्ध मार्गों पर ट्रेकिंग के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय से पहले अनुमति लेना जरूरी होगा।

मौसम विभाग के अलर्ट पर परमिशन होंगी रद्द

इतना ही नहीं मौसम विभाग की ओर से खराब मौसम के बारे में कोई चेतावनी या अलर्ट जारी किया जाता है तो इन रास्तों के लिए पहले से दी गई सभी अनुमतियां अपने आप रद्द मानी जाएंगी।

बचाव टीमों को प्रतिबंध से छूट

उन्होंने यह भी साफ किया कि आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियां जैसे कि एनडीआरएफ, SDRF, मैक्लोडगंज पर्वतारोहण केंद्र और पुलिस की खोज एवं बचाव टीमों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। उन्होंने जिला पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिया है कि वे कांगड़ा के सभी होटल मालिकों और पर्यटन व्यवसायियों को इस फैसले की जानकारी दें ताकि वे वहां ठहरने वाले पर्यटकों को ट्रेकिंग पर लगी रोक के बारे में समय पर बता सकें।

Krishna Bihari Singh

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Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

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