हिमाचल प्रदेश में होगी भारी बारिश, 4 दिन के लिए IMD का ऑरेंज अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के मौसम को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। मौसम विभाग ने अगले एक हफ्ते में चार दिनों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। राज्य में अगले छह दिनों के दौरान बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने 10 और 11 अगस्त के साथ 14 और 15 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन चार दिनों में कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। 12 और 13 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
पिछले 24 घंटों में आई कमी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आज कुछ स्थानों पर मौसम खराब रह सकता है। आज राज्य के अधिकतर हिस्सों में मौसम पूरी तरह साफ नहीं है। कहीं बादल छाए हैं तो कहीं बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटों में भारी बारिश की गतिविधि में कमी आई है, हालांकि कुछ इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
कहां कितनी हुई बारिश
इस अवधि में सिरमौर के पांवटा साहिब में सबसे अधिक 38.2 मिलीमीटर बारिश हुई। शिमला जिले के सराहन में 25.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा के घमरूर में 5.6 मिलीमीटर, धर्मशाला में 3.1 मिलीमीटर, चंबा के जोत में 2.8 मिलीमीटर और लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में भी 2.8 मिलीमीटर बारिश हुई। कांगड़ा के देहरा गोपीपुर में 2.3 मिलीमीटर, शिमला के कोटखाई में 2.3 मिलीमीटर और जुब्बड़हट्टी में 1.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
प्रदेश की 129 सड़कें बंद
राज्य में बारिश के कारण भूस्खलन से सड़कें बंद होने का सिलसिला जारी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार रविवार सुबह तक प्रदेश में 129 सड़कें बंद थीं। इसके अलावा तीन बिजली ट्रांसफार्मर और नौ पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। मंडी में सबसे अधिक 60 सड़कें बंद हैं। कुल्लू में 42, शिमला में 10, सोलन में छह, कांगड़ा में पांच और चंबा और ऊना में तीन-तीन सड़कें बंद हैं।
4 दिन तक ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 10 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश कुछ स्थानों पर हो सकती है। 11 अगस्त को भी यही स्थिति रहने का अनुमान है। 12 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 13 अगस्त को भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 14 और 15 अगस्त को फिर भारी से बहुत भारी बारिश कुछ स्थानों पर होने का पूर्वानुमान है। इस तरह 10, 11, 14 और 15 अगस्त को बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट वाली स्थिति रहेगी।
भारी बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को नदी-नालों और खड्डों के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है। मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने और भूस्खलन की आशंका वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। नदी और नालों में पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है, इसलिए इनके आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है।
इस सीजन 152 लोगों की मौत
इस बीच, हिमाचल में इस मानसून सीजन में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 152 लोगों की मौत हो चुकी है। मानसून 30 जून को प्रदेश में दाखिल हुआ था। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के 8 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार मानसून के दौरान सरकारी और निजी संपत्ति को करीब 835 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
इन 152 मौतों में सड़क हादसों में 86 लोगों की जान गई है। भूस्खलन से 14 लोगों की मौत हुई है। अचानक आई बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड से एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि बहने से चार लोगों की जान गई। बिजली का करंट लगने से छह लोगों की मौत हुई है। पहाड़ी से फिसलने, पेड़ से गिरने और अन्य वर्षा जनित हादसों में 22 लोगों की मौत दर्ज की गई है।
जिलावार आंकड़ों में चंबा में सबसे ज्यादा 23 लोगों की मौत हुई है। कांगड़ा में 21, कुल्लू में 20, लाहौल-स्पीति और शिमला में 18-18, सिरमौर में 15, सोलन और ऊना में नौ-नौ, मंडी में सात, किन्नौर में पांच, बिलासपुर में चार और हमीरपुर में तीन लोगों की मौत हुई है। इन हादसों में 240 लोग घायल हुए हैं और दो लोग लापता हैं।
बारिश और भूस्खलन से प्रदेश में घरों और दूसरी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। अब तक 63 कच्चे-पक्के मकान पूरी तरह ध्वस्त हुए हैं, जबकि 248 मकानों को आंशिक नुकसान हुआ है। 12 दुकानें और 210 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस दौरान 197 पशुओं की भी मौत हुई है।
मानसून के दौरान प्रदेश में कुल करीब 835 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। इसमें लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। विभाग की सड़कों और दूसरी संपत्तियों को करीब 615 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जल शक्ति विभाग को करीब 199 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है।
हिमाचल में मानसून आम तौर पर सितंबर के अंत तक सक्रिय रहता है। मौसम विभाग के मौजूदा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहेगा। ऐसे में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क बाधित होने की घटनाओं का खतरा बना रहेगा।


