हिमाचल में मॉनसून का पहला रेड अलर्ट, 20-21 जुलाई को बहुत भारी बारिश की चेतावनी
Himachal Monsoon Update: हिमाचल में एकबार फिर मॉनसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग की मानें तो अब सूबे में एकबार फिर झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू होगा। जानें 19 से 22 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश में कब कैसा रहेगा मौसम?

हिमाचल प्रदेश में मॉनसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने इस सीजन का पहला रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने 20-21 जुलाई को हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन दो दिनों के दौरान प्रदेश के बाकी सभी जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, यह इस मॉनसून सीजन में पहली बार है, जब हिमाचल के लिए बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
19 जुलाई को इन जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मॉनसूनी प्रणाली के प्रभाव से अगले कई दिनों तक हिमाचल प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।मौसम विभाग ने 19 जुलाई को कांगड़ा, मंडी और शिमला जिलों में जोरदार बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों में गरज चमक के साथ झमाझम बारिश येलो अलर्ट जारी किया गया है।
20 जुलाई को कहां रेड अलर्ट और किन जिलों में नारंगी चेतावनी?
हिमाचल प्रदेश में 20 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों के अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक के साथ भारी से ज्यादा भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज हवाएं भी चलेंगी। वहीं उना, हमीरपुर, बिलासपुर, कुल्लू और शिमला जिलों में अलग-अलग जगहों पर गजर चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बाकी जिलों में जोरदार बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
21 जुलाई को कहां रेड और कहां ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने 21 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और सिरमौर जिलों के अलग-अलग हिस्सों में भारी से ज्यादा भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं हमीरपुर, सोलन और शिमला जिलों में विभिन्न जगहों पर गरज चमक के साथ भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बाकी जिलों में जोरदार बारिश की पीली चेतावनी दी गई है।
धर्मशाला में सबसे ज्यादा 137 मिलीमीटर बारिश
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच शुक्रवार रात कांगड़ा और चंबा जिलों में कई स्थानों पर भारी बारिश हुई। सबसे अधिक 137 मिलीमीटर बारिश धर्मशाला एडब्ल्यूएस केंद्र में दर्ज की गई। इसके अलावा चंबा जिले के जोत में 109 मिलीमीटर, कांगड़ा में 77.4 मिलीमीटर, धर्मशाला में 65.5 मिलीमीटर और पालमपुर में 38 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। कांगड़ा और जोत क्षेत्र में गरज के साथ बिजली चमकने की घटनाएं भी दर्ज की गईं।
कांगड़ा में जमकर बरसे बदरा
कांगड़ा जिला मुख्यालय धर्मशाला में इस मॉनसून सीजन के दौरान पहली बार व्यापक स्तर पर तेज बारिश हुई। शनिवार को भी हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब बना रहा। शिमला में सुबह से बादल छाए रहे। पिछले कुछ दिनों से शिमला सहित मध्य और ऊंचाई वाले इलाकों में मॉनसून कमजोर पड़ने से अच्छी बारिश नहीं हुई थी, जिससे उमस बढ़ गई थी। अब मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी।
भूस्खलन, अचानक बाढ़ का खतरा
मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट के साथ लोगों के लिए विस्तृत एडवाइजरी भी जारी की है। विभाग के अनुसार, बहुत भारी बारिश के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, मलबा गिरने, भूमि धंसने और अचानक बाढ़ आने की आशंका काफी अधिक रहेगी।
जलभराव की आशंका
नदियों, खड्डों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है तथा निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। कमजोर भवनों को नुकसान पहुंचने, बागवानी और खड़ी फसलों के प्रभावित होने, सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता के कारण वाहन दुर्घटनाओं तथा लंबा जाम लगने की भी आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी
मौसम विभाग ने लोगों से भूस्खलन और फ्लैश फ्लड संभावित क्षेत्रों से दूर रहने, नदी-नालों के किनारे नहीं जाने, ट्रैकिंग नहीं करने, गैर जरूरी यात्रा टालने, खुले में गतिविधियां सीमित रखने और प्रशासन की ओर से जारी मौसम व यातायात संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।
रंगवे नाले में बाढ़ से सड़क बंद, बीआरओ ने बहाल की आवाजाही
उधर, लाहौल-स्पीति जिले के रंगवे नाले में शुक्रवार को अचानक आई बाढ़ के कारण तांदी–उदयपुर–तिंदी सड़क मार्ग कुछ समय के लिए बंद हो गया। नाले में पानी का बहाव बढ़ने और मलबा आने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। सूचना मिलने पर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और कई घंटे की मशक्कत के बाद सड़क से मलबा हटाकर देर शाम मार्ग बहाल कर दिया।
रात के समय नाले में जलस्तर फिर बढ़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सड़क पर यातायात रोक दिया था। शनिवार सुबह पानी का बहाव सामान्य होने के बाद सभी प्रकार के वाहनों के लिए मार्ग फिर खोल दिया गया। सड़क बहाल होने से स्थानीय लोगों के साथ पट्टन घाटी के किसानों को भी राहत मिली। इन दिनों घाटी से आलू, मटर, गोभी और ब्रोकली जैसी नकदी फसलें मंडियों तक भेजी जा रही हैं।
कुकुमसेरी सबसे ठंडा, शिमला में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री
बारिश के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को सबसे कम न्यूनतम तापमान लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद नारकंडा में 14.2 डिग्री, केलांग में 15.0 डिग्री, कल्पा में 17.0 डिग्री, शिमला में 18.0 डिग्री, कसौली में 19.8 डिग्री, पालमपुर में 20.0 डिग्री, सोलन में 21.0 डिग्री और मनाली में 21.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
24 जुलाई तक बारिश का सिलसिला
मौसम विभाग का कहना है कि 24 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने तथा लोगों से मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने की अपील की गई है।


