हिमाचल के हजारों वर्करों के लिए खुशखबरी, सुक्खू सरकार दिवाली से पहले देगी सौगात

Oct 21, 2024 04:56 pm ISTSubodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, शिमला
share

हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को दिवाली के चलते चार दिन पहले 28 अक्टूबर को वेतन देने के आदेश जारी कर चुकी है। इसी कड़ी में राज्य के हजारों आउटसोर्स आशा, आंगनबाड़ी व मल्टी टास्क वर्कर कर्मचारियों के लिए भी अच्छी खबर है।

हिमाचल के हजारों वर्करों के लिए खुशखबरी, सुक्खू सरकार दिवाली से पहले देगी सौगात

हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को दिवाली के चलते चार दिन पहले 28 अक्टूबर को वेतन देने के आदेश जारी कर चुकी है ताकि वो अपने परिवार के साथ अच्छे से त्योहार मना सके। इसी कड़ी में राज्य के हजारों आउटसोर्स आशा, आंगनबाड़ी व मल्टी टास्क वर्कर कर्मचारियों के लिए भी अच्छी खबर है। इन कर्मचारियों को भी दिवाली से पहले वेतन मिलेगा।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला में ये घोषणा की। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स, आशा, आंगनबाड़ी, मल्टी टास्क वर्कर को भी दिवाली से पहले 28 अक्टूबर को वेतन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से इन श्रेणियों के हजारों कर्मचारियों को दिवाली की सौगात मिली है। प्रदेश के कई महकमों में तैनात आउटसोर्स कर्मियों का वेतन महीनों लटकता है। मुख्यमंत्री की घोषणा से इस बार इन कर्मचारियों की दिवाली फीकी नहीं होगी और इन्हें समय से पहले वेतन मिलेगा।

सीएम सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रहते जयराम ठाकुर ने प्रदेश पर 85 हजार करोड़ का कर्ज छोड़ा और सत्ता से बाहर जाने के बाद फिजूल की बयानबाजी कर लोगों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।

संजौली मस्जिद मामले में मुस्लिम पक्ष ने पेश की भाईचारे की मिसाल : सुक्खू

संजौली मस्जिद के अवैध हिस्से को तोड़ने के मस्जिद कमेटी के कदम पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल पहला ऐसा राज्य जिसने आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष खुद ही मस्जिद को तोड़ने के लिए आगे आया जिसके बाद आज कानून के तहत मस्जिद तोड़ने का काम शुरू किया गया है।

रिपोर्ट : यूके शर्मा

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।