
हिमाचल में 19 साल की छात्रा की मौत के मामले में प्रोफेसर को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला कॉलेज छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को कांगड़ा सेशन कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है।
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला कॉलेज छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को कांगड़ा सेशन कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। कोर्ट ने आरोपी प्रोफेसर को 25 हजार के निजी मुचलके पर अंतरिम जमानत देते हुए 12 जनवरी तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने का निर्णय दिया है। वहीं न्यायालय ने प्रोफेसर की पुलिस जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।
उधर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने भी मामले में संज्ञान लेते हुए कॉलेज को फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के गठन के निर्देश दिए हैं। उधर मुख्यमंत्री ने आरोपी शिक्षक को निलंबित करने के आदेश दिए हैं जिसके तुरंत बाद विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया है।
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गौरतलब है कि कॉलेज छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद वायरल वीडियो और लड़की के परिजनों की शिकायत पर धर्मशाला थाना में रैगिंग और उत्पीड़न मामले में प्रोफेसर सहित चार लड़कियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ भी शुरू कर दी है। वहीं पुलिस की एक टीम डीएमसी अस्पताल लुधियाना भी गई है जहां मृतक छात्रा का अंतिम समय उपचार किया गया था। पुलिस ने अस्पताल से हर जानकारी जुटाई है ताकि मामले को सुलझाने में सहायता मिल सके।
छात्रा के पिता का क्या आरोप?
अपनी शिकायत में, छात्रा के पिता ने आरोप लगाया था कि 18 सितंबर, 2025 को उनकी बेटी को तीन वरिष्ठ छात्राओं ने पीटा, जबकि महाविद्यालय के प्रोफेसर ने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी गंभीर डिप्रेशन में चली गई, जिसके कारण उसके स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आई और 26 दिसंबर को लुधियाना के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
लड़की का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें आरोप लगाया है कि उसने सहायक प्रोफेसर के गलत व्यवहार का विरोध किया, तो उन्होंने उसका उत्पीड़न किया, उसके साथ अश्लील हरकत की, मानसिक उत्पीड़न किया और धमकी दी।
प्रोफेसर ने आरोपों को बताया गलत
आरोपी सहायक प्रोफेसर नेआरोपों को निराधार करार देते हुए कहा, मुझे नहीं पता कि मेरा नाम क्यों लिया गया। अगर मैंने कुछ गलत किया है तो भगवान ही मुझे अपने पास बुला लें।उन्होंने कहा, मृतका 2024-25 में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी, अन्य छात्रों की तरह मेरी छात्रा थी, और यदि मेरे सस्पेंड होने से इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी तो मैं तैयार हूं।
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आरोपी सहायक प्रोफेसर को अदालत ने अग्रिम जमानत दे दी है। उन्होंने कहा कि वह दो बेटियों का पिता है और उसकी ढाई साल की सेवा शेष है। सहायक प्रोफेसर ने महाविद्यालय में रैगिंग की किसी भी घटना से इनकार किया और कहा कि रैगिंग और उत्पीड़न के खिलाफ सख्त नीति है।
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने कहा है कि उसने राज्य अधिकारियों से पांच दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) मांगी है। एनसीडब्ल्यू ने कहा कि उसके अध्यक्ष ने हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर तुरंत एफआईआर दर्ज करने, सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करने, पोस्टमार्टम और चिकित्सा अभिलेखों को सुरक्षित रखने और भारतीय न्याय संहिता, 2023, यौन उत्पीड़न को रोकने वाले कानूनों और रैगिंग विरोधी नियमों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
रिपोर्ट : यूके शर्मा
भाषा से इनपुट

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