मॉनसून से पहले हिमाचल प्रदेश में तबाही! बारिश और आंधी से 128 लोगों ने गंवाई जान; करोड़ों का नुकसान
हिमाचल प्रदेश का मौसम कहर बनकर लोगों और वहां की अर्थव्यवस्था पर बरस रहा है। पिछले 4 महीनों में करीब 128 लोगों की मौत हो चुकी है और करोड़ों रुपयों का नुकसान भी हुआ है। SEOC ने अपनी रिपोर्ट जारी की है। आइए जानते हैं पूरी रिपोर्ट में क्या-क्या बताया गया है।

हिमाचल प्रदेश में मॉनसून से पहले हो रही बारिश और तेज हवाओं का कहर लगातार जारी है। खराब मौसम के कारण बड़े पैमाने पर तबाही देखने को मिल रही है। इससे ना सिर्फ घरों और सड़कों का नुकसान हो रहा है, बल्कि अब तक 128 लोगों की जान जा चुकी है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) ने बुधवार को जारी की गई अपनी रिपोर्ट में बताया कि 1 मार्च से 30 जून तक करीब 128 लोगों की जान जा चुकी है और कुल 29 करोड़ रुपए का नुकसान भी हो चुका है।
मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित
एसईओसी की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में हो रही तेज बारिश के कारण प्रदेश के ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर बुरा असर पड़ा है। इस दौरान करीब 44 सड़कें पूरी तरह से बंद हो गई हैं। इस दौरान बारिश का असर सबसे ज्यादा मंडी की सड़कों पर पड़ा है। यहां बारिश के कारण करीब 28 सड़कें बंद हैं और शिमला में कुल 17 सड़कें बंद हो गई हैं।
कई जिलों में छाया अंधेरा
तेज हवाओं और बारिश का असर ना सिर्फ ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर पड़ा है, बल्कि हिमाचल प्रदेश की बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई है। रिपोर्ट के अनुसार, भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश में करीब 254 ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं, जिससे उन इलाकों में बिजली बाधित हो गई है और वहां अंधेरा छा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, बारिश का सबसे ज्यादा मंडी में ही देखने को मिला है। इस जिले में सबसे ज्यादा सड़कें खराब होने के साथ ही सबसे ज्यादा ट्रांसफार्मर भी खराब हुए हैं। हालांकि, इस दौरान पीने के पानी को लेकर ज्यादा समस्या नहीं है। पीने के पानी की सप्लाई लगातार निर्बाध रूप से चालू है।
कहां हुई सबसे ज्यादा मौतें
खराब मौसम के कारण हुए नुकसान को लेकर जानकारी देते हुए राजस्व विभआग के डिजास्टर मैनेजमेंट सेल ने बताया कि मॉनसून से पहले के चार महीनों में मौसम से जुड़ी घटनाओं में करीब 128 लोगों की मौत हुई है। इस दौरान लोगों की मौत सबसे ज्यादा पेड़ों और चट्टानों से गिरना बताया गया है। इसमें करीब 75 लोगों की जान गई है। इसके अलावा पानी में डूबने से 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। जिलेवार बात करें तो मॉनसून से पहले हुई बारिश और तूफान के कारण सबसे ज्यादा मौतें शिमला में दर्ज की गई हैं। यहां 33 लोगों की जान बारिश और तूफानी हवाओं की वजह से हुई है। इसके अलावा सबसे ज्यादा मौतें चंबा में दर्ज की गई हैं, जहां 23 लोगों की जान गई है, जबकि लाहौल-स्पीति इलाके में इस दौरान आपदा से किसी की भी मौत नहीं हुई है।


