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आज है वर्ल्ड हीमोफीलिया डे 2018, जानें इस बीमारी और इसके लक्षणों के बारे में

World Hemophilia Day 2018: हीमोफीलिया के मरीजों में भारत दूसरे स्थान पर, जानें क्या है ये बीमारी
World Hemophilia Day 2018: हीमोफीलिया के मरीजों में भारत दूसरे स्थान पर, जानें क्या है ये बीमारी

आज 28वां वर्ल्ड हीमोफीलिया डे दुनियाभर में मनाया जा रहा है। वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफीलिया ने इसकी शुरूआत की थी।  इस बीमारी के प्रति लोगों के जागरुक करने के लिए यह एक प्रयास है। इस साल हीमोफीलिया डे की थीम शेयरिंग नॉलेज है।  वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफीलिया के अनुसार हीमोफिलिया के मरीजों की संख्या में भारत का दूसरा स्थान है। भारत में इन मरीजों की संख्या 17,000 बताई जा रही है। लेकिन इससे भी दुखद बात यह है कि इनमें अधिकतर को बीमारी का पता नहीं है।

क्या है हीमोफिलिया: डॉक्टरों की मानें तो हीमोफीलिया एक अनुवांशिक रोग है। इस बीमारी में मरीज में खून का थक्का जमाने वाला प्रोटीन फैक्टर आठ नहीं बनता। 10 हजार में एक व्यक्ति को यह बीमारी होती है। यह बीमारी लड़कों में पाई जाती है। खासकर चोट लगने पर स्थिति गंभीर हो जाती है क्योंकि चोट लगने पर खून का रिसाव बन्द नहीं होता है। 

आगे पढ़ें इस बीमारी के लक्षण

क्या हैं इस बीमारी के लक्षण
क्या हैं इस बीमारी के लक्षण

क्या हैं इस बीमारी के लक्षण  
चोट लगने पर लंबे समय तक खून बहना
शरीर के किसी भी भाग पर बार-बार नीले चकत्ते पड़ना
सूजन के स्थान पर गर्माहट और चिनचिनाहट महसूस होना
बच्चों के मसूढ़ों अथवा जीभ में चोट लगने पर खून का लंबे समय रिसते रहना
शरीर के विभिन्न जोड़ों, विशेषकर घुटनों, एड़ी, कोहनी आदि में बार-बार सूजन।  

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  • Web Title:World Hemophilia Day 2018: India in second place in Hemophilia patients what is the disease and haemophilia symptoms