DA Image
6 जून, 2020|11:18|IST

अगली स्टोरी

बदलते मौसम में बुखार चढ़ और उतर रहा हो तो क्या करें, यहां जानें डॉक्टरों से अपने सवालों के जवाब

हिन्दुस्तान की हेल्पलाइन पर शुक्रवार को आयुर्वेद विशेषज्ञों ने लोगों को उनकी बीमारी से जुड़े सवालों के जवाब देकर जिज्ञासा शांत की। साथ ही अपील की कि लोग कोरोना को लेकर डरे नहीं। बिना डर के कोरोना न फैले। इसके लिए पूरा सहयोग करें। खुद को सुरक्षित रखने के साथ परिवारीजनों, परिचितों को सुरक्षित रखें। लॉकडाउन का पूरा पालन करें।

 

helpline

 

’ सर, बदलते मौसम में बुखार चढ़ और उतर रहा हो तो क्या करें ? - अमरनाथ, नाका

यदि दवा खाने पर बुखार चढ़ने और उतरने की समस्या बनी हुई है तो भुना नमक का इस्तेमाल करें। आप खाने में इस्तेमाल होने वाले सफेद नमक को तवे पर इतना भून लें कि वह काफी के रंग का हो जाए। उसे शीशी में रख लें। रोजाना एक चम्मच उस भुने नमक को गुनगुने पानी में डालकर सुबह शाम पिएं तो लाभ मिलेगा। बीपी के मरीज इस प्रक्रिया को कतई न अपनाएं। ’

मुझे बार-बार एलर्जी होने की समस्या है? - रवि, राजाजीपुरम

आप नहाने में अलग-अलग साबुन का प्रयोग न करें। डॉक्टर की सलाह पर साबुन व तेल का इस्तेमाल करें। साथ ही हरिद्राखंड चूर्ण को दो बार गुनगुने पानी के साथ खाएं। ’ मुझे पेशाब खुलकर नहीं हो रही संक्रमण भी है?- रामजी,इन्दिरा नगर

आप चंद्रप्रभा वटी की दो-दो गोली सुबह शाम खाएं। चंदनासो दो चम्मच पानी से सुबह और शाम लें। इससे काफी आराम मिलेगा। ’ सर बुखार 4-5 दिन से उतर नहीं रहा है, दवाई ली पर फायदा नहीं है ? - सुनैना, सरोजनी नगर

बुखार में आराम के लिए सोंठ, तुलसी, गुड़, काली मिर्च का काढ़ा पिएं। उसमें एक नींबू भी निचोड़ लें, जिससे स्वाद बदलेगा और विटामिन सी भी शरीर में पहुंचेगा। इसको दिन में कम से कम तीन बार और गर्म पिएं। इससे गले में खराश में भी आराम मिलेगा। ’

मुझे हल्का बुखार गले में दर्द की समस्या बनी हुई है, क्या करूं? - कुमुद, आलमबाग गुनगुने पानी से दो-तीन बार गरारा करें। साथ ही पानी से भाप लें। भाप से फेफड़े को आराम मिलेगा। सितोपलादि चूर्ण एक चम्मच तीन बार शहद मिलाकर लें। फेफड़े को राहत और गले का संक्रमण दूर ठीक होता है।

गले व पेट में छाले की समस्या है, पित्त बढ़ा रहता है, सर क्या करें ? - प्रांशू लखनऊ

अविपत्तिकर चूर्ण तीन बार एक-एक चम्मच भोजन से पहले लें। साथ ही आरोग्यवर्धनी वटी की दो-दो गोली भोजन के बाद खाएं। इससे काफी राहत मिलेगी।

सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित हैं तो उस स्थिति में घबराए नही ’ साधारण लक्षण दिखने पर उस व्यक्ति को एक अलग हवादार तथा साफ-सुथरे कमरे में अन्य सदस्यों से अलग रखें ’ पीड़ित व्यक्ति घर के कम से कम सदस्यों के संपर्क में रहे और साथ में खाना खाने से बचें ’ पीड़ित व्यक्ति को सादा डिस्पोजेबल मास्क पहनाएं, जिससे खांसने व छींकने से निकली संक्रमित छोटी-छोटी बूंदों को फैलने से रोका जा सके ’ मास्क उपलब्ध न होने की स्थिति में साफ़ रुमाल का इस्तेमाल करें ’ जिस कमरे में रहने की व्यवस्था हो, उस कमरे की कुर्सियों, मेज, दरवाजों, दीवार, फर्श और अन्य सतही जीचों को रोजाना एक लीटर पानी में 15 ग्राम ब्लीचिंग पाउडर के घोल से पोछें ’ बुखार होने की स्थिति में पानी से त्वचा पर पट्टी रखें

 

गस्त्य हरितिकी (5 ग्राम) दिन में दो बार गरम पानी के साथ, संशमनी वटी (500) दिन में दो बार, त्रिकटु का चूर्ण 5 ग्राम ले सकते हैं। एक ली. पानी में तुलसी की 3-5 पत्तियां उबालें। जब ये पानी आधा रह जाए तो ठंडा करके घूंट-घूंट करके पिएं। डॉ. सुनीत कुमार मिश्र, आयुर्वेद परामर्शदाता, केजीएमयू

सामान्य लोग गुनगुना पानी पिएं। सादे पानी से भाप लें। पानी में कुछ मिलाएं नहीं। गिलोय, नींबू घास (जराकुश), तुलसी, दालचीनी, इलायची, काली मिर्च, पिपली में गुड़ मिलाकर काढ़ा बनाकर पिएं। इससे हमारे फेफड़ों को ताकत मिलती है। डॉ. एसके पांडेय, आयुर्वेद विशेषज्ञ, लोहिया संस्थान

 

 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:What to do if fever is rising and coming down in the changing season know the answers to your questions from doctors here