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हेल्थ टिप्स: गर्मी में हीटस्ट्रोक से बचने के लिए आजमाएं ये तरीकें, नहीं होंगे परेशान

citrus fruits

गर्मी के मौसम में लू लगना और हीटस्ट्रोक बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशान करता है। ऐसे लोग जिन्हें पहले से ही शुगर, बीपी की समस्या है, गर्मी में उनकी सेहत बिगड़ने का जोखिम अधिक होता है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि हीटस्ट्रोक से बचने के लिए फल और सब्जियों का सेवन करें और गर्मी में कम बाहर निकलें। 

हीटस्ट्रोक 
ज्यादा गर्मी किसी व्यक्ति को गर्म और पसीने से तर कर देती है जिससे हीट स्ट्रोक होने का डर रहता है। हीटस्ट्रोक छोटे बच्चे, 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोग और मधुमेह व हृदय रोगियों को सबसे ज्यादा परेशान करता है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि पीने के पानी और गर्मी के बचने के लिए तरीके आजमाएं जाएं। ताकि हीस्ट्रोक से होने वाली परेशानी से बचा जा सके।
हाल के आंकड़ों से पता चला है कि 2030 से 2050 के बीच मौसम में होने वाले बदलावों से कुपोषण, मलेरिया, दस्त और हीट स्ट्रेस के चलते लगभग 2,50,000 सालाना अतिरिक्त मौतें हो सकती हैं। 

क्या हैं इसके कारण
इस बारे में बात करते हुए एचसीएफआई के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल ने कहा, “शुरुआती गर्मी यानी ग्रीष्म ऋतु का मौसम गर्म और शुष्क होता है, जबकि गर्मियों के बाद वाला हिस्सा, जब बारिश नजदीक होती है, गर्म और नम होता है। उत्तर भारत में शुरुआती गर्मियों में सामान्य तौर पर बारिश नहीं होती है। हालांकि, इस साल की शुरुआत में गर्मियों में धूल और गरज के साथ असामान्य रूप से बढ़ी हुई बारिश की संभावना व्यक्त की गयी है। वेदों में, इसे ऋतु विकृति कहा जाता है, जब मौसम अपने धर्म को भूल जाता है और असामान्य रूप से व्यवहार करता है। ऐसे मौसम में हवा के प्रति संवेदनशील लोगों का रक्तचाप बढ़ जाता है।” 

इससे बचने के लिए अपनाएं ये तरीके..
- हफ्ते में एक बार कार्बोहाइड्रेट न खाएं और उनकी जगह फल व सब्जियां ही खाएं। 
- तापमान अधिक होने पर धूप में लंबे समय तक रहने से बचें। अगर आपको बाहर जाने की जरूरत हो तो छाते का इस्तेमाल करें। गर्मी का अवशोषण न हो, इसके लिए हल्के सूती कपड़े पहनें।
- सुनिश्चित करें कि आप गर्मी में बाहर निकलने से पहले ठीक से हाइड्रेटेड रहें। गर्मियों में पानी की आवश्यकता सर्दियों के मुकाबले 500 मिली लीटर से अधिक होती होती है। गर्मी में पेय तरोताजा करने वाले और ठंडे होने चाहिए जैसे कि आम का पना, खसखस, गुलाब और नींबू का पानी, बेल का शरबत और सत्तू का शरबत।
- 10 प्रतिषत से अधिक चीनी वाला कोई भी पेय सॉफ्ट ड्रिंक बन जाता है और इससे बचना चाहिए। आदर्श रूप से, चीनी, गुड़ या खांड का प्रतिशत 3 प्रतिशत होना चाहिए, जोकि मौखिक पुनर्जलीकरण पेय में मौजूद रहता है।
- 8 घंटे में कम से कम एक बार मूत्रत्याग इस बात का संकेत है कि हाइड्रेषन ठीक से हो रहा है। यदि आपको गर्मी में ऐंठन होती है, तो चीनी और नमक के साथ नींबू मिले पानी का खूब सेवन करें।

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  • Web Title:use these tips to control heatstroke