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समझिए शरीर के संकेतों की यह भाषा

cardiovascular diseases

बीमारी अचानक शरीर पर हमला नहीं बोलती। शरीर उस बीमारी का संकेत काफी पहले से देने लगता है। ऐसे कौन-कौन-से संकेतों को लेकर सतर्क रहना चाहिए, बता रही हैं मोनिका अग्रवाल

अकसर घर-परिवार का ध्यान रखने वाली महिलाएं अपनी सेहत को ही अनदेखा करने लगती हैं। यह अनदेखी उन्हें बीमारियों का आसान शिकार बना देती है। इतना ही नहीं, शरीर द्वारा दिये जा रहे संकेतों को भी वे नजरअंदाज करती रहती हैं। सेहतमंद जिंदगी जीने के लिए संकेतों की भाषा को समझना और समय रहते जरूरी कदम उठाना आवश्यक है। 

मांसपेशियों में दर्द
वैसे तो मांसपेशियों का दर्द किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन तीस से चालीस वर्ष की आयु में यह समस्या तेजी से बढ़ती है। इससे कार्यक्षमता प्रभावित होती है। अगर ऐसी समस्या हो तो फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें। यदि वह आपको डॉक्टर से मिलने के लिए कहे तो फौरन मिलें। 
बार-बार बुखार आना 
बुखार अगर बार-बार हो रहा है या लगातार बना हुआ है, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। इनमें टायफॉएड, हेपेटाइटिस-बी, जॉन्डिस, मलेरिया, डेंगू, लिवर की खराबी, चिकनगुनिया और कई अन्य बीमारियां शामिल हैं। बुखार अगर बार-बार हो रहा है तो अपनी मर्जी से दवा खाने की जगह डॉक्टर के पास जाने में ही बुद्धिमानी है।
थकान महसूस होना
भागदौड़ भर्री ंजदगी में अत्यधिक काम के बाद थकान होना आम बात है। यदि पूरी नींद लेने से, आराम करने पर  या चाय-कॉफी के बाद भी थकान कम नहीं होती तो यह क्रोनिक फटीर्ग ंसड्रोम के लक्षण हैं। इससे पूरे दिन सुस्ती छाई रहती है। थकान का कारण दिल, रक्तचाप, एनीमिया, थाइरॉएड या लिवर से जुड़ी किसी समस्या में छिपा हो सकता है। इन पर यदि ध्यान न दिया जाए तो परेशानी बढ़ सकती है। 
बार-बार चक्कर आना
चक्कर आना एक आम समस्या हो सकती है, लेकिन कई बार शरीर में हार्मोनल समस्या या रक्तचाप का कम या ज्यादा होना भी इसकी वजह हो सकता है। एनीमिया या शरीर में पानी की कमी  से भी चक्कर आ सकते हंै। अगर आपको अकसर चक्कर आते हैं तो डॉक्टर की सलाह लें और डॉक्टरी परामर्श के अनुरूप अपना ट्रीटमेंट शुरू करें। 
कमर में दर्द होना 
किसी प्रकार की चोट या व्यायाम की वजह से कमर में दर्द हो सकता है। वसा के अधिक जमाव, हड्डियों की कमजोरी, अत्यधिक तनाव, सोने की मुद्रा, मोटे नर्म गद्दे पर सोने से भी कमर में दर्द हो सकता है। पर यही दर्द लंबे समय तक बना रहे तो डॉक्टरी सलाह जरूरी हो जाती है। 
सिर में दर्द होना
नींद की कमी, चश्मे के गलत नंबर, तनाव, शोरशराबे या सिर को दबाने वाली तंग चीजें पहनने आदि से सिरदर्द हो सकता है। अगर इससे कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। 
होंठों के रंग का बदलना
अगर आपके होंठों का रंग अचानक बदलने लगे या उस पर नीले व काले धब्बे दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। यह बदलाव किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।
(सीनियर फिजिशियन डॉ. अंशु लाहिरी 
से बातचीत पर आधारित)

नियमित रूप से व्यायाम, योग व ध्यान करें।

भोजन और खाने के स्टाइल को बदलें। पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित डाइट लें।

नशीली चीजों के सेवन से बचें।

नींद के मामले में कोताही नहीं बरतें।

शरीर की सफाई का ध्यान रखें।

पानी को कभी ना नहीं कहें। हर्बल चाय, नारियल पानी या जूस आदि का सेवन करें।

तनाव से दूर रहें। सकारात्मक सोच रखें।

जितना हो सके, पैदल चलें। लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का प्रयोग करें

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