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9 अगस्त, 2020|1:46|IST

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बुजुर्गों को अकेलेपन-अवसाद से इस तरह बचाएं

घर में होने वाले फैसलों में उन्हें भागीदार बनाएं संयुक्त राष्ट्र की शाखा यूएन फॉर एजिंग की सलाह है कि सभी लोग बुजुर्गों को यह आश्वासन दिलाएं कि उनके जीवन से जुड़े किसी मामले में उनके निर्णय लेने के हक को नहीं नकारा जाएगा। हर निर्णय में उन्हें भागीदार बनाएं। बुजुर्गों को कभी यह नहीं लगना चाहिए कि वे जीवन के अंतिम चरण में हैं इसलिए उनके जीवन का महत्व कम हुआ है।

घर में दुर्व्यवहार बढ़ा: हेल्पएज इंडिया के अनुसार, देश में हर दूसरा बुजुर्ग व्यक्ति घर में दुर्व्यहार से पीड़ित है। यह स्थिति लॉकडाउन के दौरान और गंभीर हुई है, बुजुर्गों के खिलाफ घर में दुर्व्यवहार के मामले बढ़ गए हैं। अकेलापन बनी समस्या रिपोर्ट के अनुसार, भारत में छह प्रतिशत बुजुर्ग अकेले रहते हैं। लॉकडाउन जैसी स्थिति के कारण दस से 12% बुजुर्गों में अलगाव का भाव बढ़ा है। यह बड़ी समस्या सामने आ रही है। जरूरी सामान के लिए परेशान ऑल इंडिया सीनियर सिटीजन कॉन्फिडिरेशन का कहना है कि बुजुर्ग किराना का सामान खरीदने से लेकर अपनी दवा के इंतजाम जैसी बेहद जरूरी चीजों के लिए बड़ी परेशानी झेल रहे हैं। सामाजिक दूरी बना रही बीमार कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय ने अध्ययन में पाया कि आश्रयगृह में रहने वाले बुजुर्ग अकेलेपन की मन:स्थिति में हंै। सामाजिक दूरी बनाने जैसे नियम का पालन कराना उनके अंदर घबराहट पैदा कर रहा और बीमार बना रहा है।

ऐसे सहारा बनें ’करीबी का अहसास दें: बुजुर्गों को अहसास न होने दें कि उन्हेंं संक्रमण का खतरा है। इसलिए उनके अपने उनसे दूर जा रहे हैं। ’उनका सामान साथ रखें: हर दिन उनकी जरूरत का सामान साथ रखें व उनसे बात करते रहें। दूर हैं तो फोन पर बात करेंं। ’एहतियात बरतना जरूरी: उन्हें लगातार बताते रहें कि वे कैसे खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। उन्हें बार-बार हाथ धोने के लिए याद दिलाते रहें। उनके मास्क व कपड़ों की सफाई का ध्यान रखें ’फोन पर डॉक्टरी सलाह: इस वक्त नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंस, बेंगलुरु, एम्स दिल्ली, पीजीआई चंढ़ीगढ़, सीएमसी वेल्लोर जैसे संस्थानों फोन पर डॉक्टरी सलाह दे रहे हैं, उनसे सलाह लें।

लॉकडाउन में रहते हुए बुजुर्गों को एक माह से अधिक समय हो चुका है। वयस्क व बच्चों के विपरीत यह समय उनके लिए ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। वह एक बड़े शारीरिक व मानसिक खतरे से जूझ रहे हैं। वे वयस्कों की तरह तकनीक के सहारे दिन काटने के आदी नहीं हैं, ऐसे में बेहद जरूरी है कि आप और हम उन्हें इस संकट के समय असहाय न महसूस होने दें।

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  • Web Title:This is how to protect the elderly from loneliness and depression