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बारिश के मौसम में आपकी सेहत को दुरुस्त रखेंगे ये खास उपाय

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मुंबई में हो रही लगातार बारिश ने लोगों का जीवन मुहाल कर दिया है। हाल ही में दक्षिण मुंबई के कोलाबा में मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 घंटे में 73.6 मिलीमीटर (मिमी) बारिश होने की सूचना दी। जबकि उन्हीं 24 घंटों में IMD सांताक्रूज वेधशाला 242.2 मिमी का आंकड़ा बेहद चौंकाने वाला था। इसी संदर्भ में राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली की बात करें तो यहां आम तौर पर पूरे साल में महज 700 मिमी बारिश होती है। इस तुलना से मुंबई मे हो रही जोरदार बारिश की भारी मात्रा का अंदाजा लगाया जा सकता है, जिसने देश की वित्तीय राजधानी में आम  जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।

भारी बारिश के अलग-अलग खतरे हैं। ऐसे में मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ानें कैंसिल होना और लोकल ट्रेन के पहिये रुक जाना आम बात हैं। अक्सर बहुत ज्यादा बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट के बीच कई स्कूल बंद करने के साथ ही सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी जा रही है। थोड़ी सतर्कता और कुछ बुनियादी सावधानियों के साथ, आप इस अवधि में खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।

मानसून के दौरान भारत में होने वाले आम रोग-

इन्फेक्शन फैलाने वाले संक्रामक सूक्ष्मजीवों (बैक्टीरिया) के पनपने के लिए भारी बारिश और जलभराव आदर्श स्थिति है। हवा में नमी उनके प्रसार को और अधिक सुविधाजनक बनाती है। myUpchar.com के साथ जुड़े मेडिकल प्रैक्टिशनर डॉ. मोहम्मद शमीम रेयाज बताते हैं, "मानसून के दौरान उच्च आर्द्रता यानी वातावरण में बहुत बढ़ी हुई नमी और आसपास के जलभराव आपको संक्रमण (इन्फेक्शन) होने की संभावना को बढ़ाते हैं।" दरअसल, बारिश के कहर के बीच सेहत को सही रखना वाकई चुनौतीपूर्ण है। हम यहां एक हेल्थ चेकलिस्ट दे रहे हैं जो इस कठिन परिस्थिति में हर किसी के लिए मददगार होगी-

मच्छर जनित बीमारियां-
मॉनसून के दौरान जलभराव मच्छरों के तेजी से पनपने के लिए माकूल स्थितियां बनाता है। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का कारण बनने वाले मच्छर ऐसे वातावरण में ही पैदा होते हैं। इन मच्छरों के मौजूदगी से हमें ये सभी बीमारियां होने का खतरा रहता है। पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनने जैसी साधारण सावधानियां भी हमारा बचाव करती हैं। कीटों से बचाने वाली दवाइयों के प्रयोग से संक्रमण से बचने की संभावना बढ़ जाती है। अपने घर के चारों ओर पानी के जमाव की जगहों और पोखरों को साफ करना भी एक अच्छा विचार है, क्योंकि यह संभव है।

जलभराव के कारण होने वाले रोग-
जमा पानी, संक्रामक बैक्टीरिया के लिए प्रजनन भूमि के रूप में भी कार्य करते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, बाढ़ से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है - खासकर अगर आपका जल स्रोत प्रदूषित हो। बीते दिनों मुंबई की मीठी नदी खतरे के निशान को पार कर गई। अधिकारियों को आस-पास के क्षेत्रों से 1,700 निवासियों को निकालना पड़ा। सामान्य जल जनित रोगों में टाइफाइड, हैजा, डायरिया, पीलिया, हेपेटाइटिस और लेप्टोस्पायरोसिस शामिल हैं। लेप्टोस्पायरोसिस जीवाणु (बैक्टीरिया) के कारण होने वाला रोग है, जो तेज बुखार, पेट दर्द और दस्त जैसे लक्षणों से शुरू होता है, लेकिन इससे किडनी या लिवर के खराब होने की आशंका रहती है।

खराब पानी के ऐसे खतरों को देखते हुए साल भर पीने से पहले पानी को उबालना या छानना एक अच्छा विचार है, बारिश के बाद यह महत्वपूर्ण हो जाता है। इसके अतिरिक्त, यदि आपको या आपके परिवार के किसी व्यक्ति को तेज बुखार और दस्त हो रहे हैं तो सुनिश्चित करें कि वह अच्छी मात्रा में पानी पीए जिससे से शरीर में मानी की मात्रा कम न हो। उन्हें आप डॉक्टर के पास इलाज के लिए जरूर ले जाएं।

फंगस के कारण होने वाले इन्फेक्शन-
फंगस (कवक) गर्म और नम वातावरण में तेजी से बढ़ता है। फंगस के कारण इन्फेक्शन आमतौर पर खुजली या त्वचा पर चकत्ते के रूप में प्रकट होता है और इससे एथलीट फुट और दाद जैसे रोग हो सकते हैं। जितना संभव हो, गीले कपड़ों को तुरंत बदलने की कोशिश करें। जब आप ऑफिस या स्कूल जाते हैं तो अपने बैग में कपड़ों का एक अतिरिक्त सेट रखें।

बारिश के दौरान त्वचा संक्रमण (स्किन इन्फेक्शन), सर्दी, फ्लू, वायरल बुखार और आंखों के संक्रमण जैसी बीमारियां होती हैं। अगर आपको वायरल बुखार है, तो पर्याप्त पानी पीएं। इनफेक्शन के लक्षण अगर एक सप्ताह से 10 दिनों के भीतर खत्म नहीं होते तो जल्द से जल्द डॉक्टर से इलाज कराएं।


बीमारियों को रोकने के लिए आप क्या कर सकते हैं?
मानसून में इन्फेक्शन से बचने का मंत्र है सतर्क रहना और इन्फेक्शन होने के कारणों को पहले ही खत्म कर देना। इन्फेक्शन से बचने और इसे रोकने के लिए नीचे दिए गए उपाय करें-

-मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए अपने घर के आसपास जलभराव नहीं होने दें। यदि आवश्यक हो तो पोखर पर कीटनाशक स्प्रे का उपयोग करें
-ऐसे कपड़े पहनें जिनसे आप पूरी तरह से ढंके हों, जैसे पूरी बांह (फुल-स्लीव) की शर्ट और ट्राउजर
-जब आप बाहर जाते हैं तो इन्फेक्शन से बचाव के स्प्रे या लोशन शरीर पर डालना न भूलें
-रात में सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें
-हर बार भोजन से पहले और बाद में अपने हाथ अच्छी तरह धोएं
-फलों और सब्जियों को अतिरिक्त सावधानी से धोएं
-यदि आप नल का पानी पीते हैं, तो पीने से पहले इसे उबालना सुनिश्चित करें - यह कई कीटाणुओं को मार देगा
-संक्रमित लोगों से यानी जिन्हें सर्दी-खांसी या वायरल बुखार हो रहा है, उनसे दूर रहने की कोशिश करें। यदि यह संभव नहीं है, बहुत सावधानी बरतें। अपनी नाक के ऊपर मास्क पहनकर और उनसे मिलने के बाद अपने हाथ धो लें,
-बाहर खाने से बचें और घर में कोई भी खाद्य पदार्थ खुला न रखें

(यह स्वास्थ्य आलेख www.myUpchar.com द्वारा लिखा गया है। इस विषय पर ज्यादा जानकारी हासिल करने के लिए जरूर पढ़ें-https://www.myupchar.com/tips/monsoon-diseases-symptoms-and-prevention-in-hindi
 

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