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3 जून, 2020|9:52|IST

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लॉकडाउन में बढ़ रहा पिंकी सिंड्रोम का खतरा, जानिए क्या है ये बीमारी

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लॉकडाउन के कारण लोगों की दिनचर्या में काफी बदलाव आ गए हैं। लोग अपनी बोरियत भगाने के लिए मोबाइल का लगातार इस्तेमाल कर रहे हैं। कई रिपोर्ट में भी यह खुलासा हुआ है कि लॉकडाउन के कारण लोग मोबाइल के आदि हो गए हैं। इस वजह से लोगों को और भी कई बीमारियां घेर रही हैं और ऐसी बीमारियां हो रही हैं, जिनके बारे में हमने पहले कभी सुना भी नही होगा। www.myupchar.com के अनुसार, जो लोग दिन भर मोबाइल फोन से चिपके रहते हैं, उन्हें कई तरह की बीमारियां घेर सकती हैं।  इन बीमारियों में ही एक बीमारी जो देखने को मिल रही है, उसका नाम है स्मार्टफोन पिंकी सिंड्रोम। जो लोग 5-6 घंटे तक लगातार मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन लोगों में इस सिंड्रोम का खतरा बढ़ते जा रहा है। आइए जानते हैं कि क्या है स्मार्टफोन पिंकी सिन्ड्रोम -
 
बढ़ जाती है आर्थराइटिस की आशंका
यह बीमारी उन लोगों को ज्यादा होती है जो स्मार्टफोन का लगातार इस्तेमाल करते हैं। स्मार्टफोन का उपयोग करते समय हाथ की छोटी उंगली का इस्तेमाल अधिक होता है और इस उंगली को अंग्रेजी भाषा में पिंकी फिंगर कहते हैं। चूंकि इस छोटी उंगली से मोबाइल के अधिक उपयोग से इस उंगली के ज्वाइंट पर दबाव पड़ने के कारण इसके जोड़ों में आर्थराइटिस की आशंका बढ़ जाती है। अंगूठे का भी इस्तेमाल मोबाइल फोन के लिए अधिक होता है, जिससे अंगूठे के भी जोड़ों पर प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए इस बीमारी को ही स्मार्टफोन पिंकी सिंड्रोम कहते हैं।
 
लॉकडाउन में पिंकी सिंड्रोम के बढ़ते मामले
कुछ मेडिकल रिपोर्ट से पता चला है कि लॉकडाउन में लोग स्मार्टफोन का अधिक उपयोग करने लगे हैं, जो लोग पहले स्मार्टफोन का उपयोग 4-5 घंटे करते थे, वे लोग लॉकडाउन की वजह से 14 घंटे स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने लगे हैं। कई डॉक्टर्स भी यह बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान मोबाइल के अधिक उपयोग की वजह से कई लोगों में उंगली टेढ़ी होने के मामले बढ़े हैं।
 
स्मार्टफोन से होने वाली अन्य समस्याएं
पिंकी सिंड्रोम के अलावा स्मार्टफोन के लगातार इस्तेमाल से हाथों और दिमाग पर भी बुरा असर पड़ता है, इसके अलावा आंखों की रोशनी पर भी प्रभाव पड़ता है क्योंकि मोबाइल की लाइट के कारण आंख पर सीधे रोशनी पड़ती है, जो आंखों पर बुरा असर डालती है। जिसके कारण आंखों में दर्द, ड्राई आई सिंड्रोम और आंखों से पानी निकलने जैसी समस्याएं होने का भी खतरा होता है। www.myupchar.com के अनुसार, मोबाइल की आदत के कारण नींद में भी कमी हो जाती है, जिसके कारण अन्य कई शारीरिक समस्याएं होने लगती हैं।
 
स्मार्टफोन पिंकी सिंड्रोम से कैसे बचें
इसके लिए सबसे जरूरी है कि मोबाइल का उपयोग कम से कम करने की कोशिश करें।
रात में सोते समय मोबाइल का उपयोग करना बंद करें, इससे नींद की समस्या नहीं होगी और आंखों पर भी बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
यदि किसी से फोन पर ज्यादा बात होती है, तो इयरफोन्स का ही इस्तेमाल करें इससे मोबाइल से दूरी बनी रहेगी।
पिंकी सिंड्रोम के खतरे से बचने के लिए हाथों की स्ट्रचिंग एक्सरसाइज करें, जिससे वहां पर रक्त का संचार बना रहेगा।
मोबाइल को अपने पास ज्यादा नही रखें, सिर्फ महत्वपूर्ण कार्य के लिए ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल करें।
 
अधिक जानकारी के लिए देखें: https://www.myupchar.com/tips/health-risks-of-using-mobile-phones
स्वास्थ्य आलेख www.myUpchar.com द्वारा लिखे गए हैं, जो सेहत संबंधी भरोसेमंद जानकारी प्रदान करने वाला देश का सबसे बड़ा स्रोत है। 

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  • Web Title:The risk of pinky syndrome is increasing in lockdown know what is this disease