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19 जनवरी, 2020|4:41|IST

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खून का बहना रुके, पर जमे नहीं तो यह बीमारी है, क्या है इलाज?

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शरीर में जब भी चोट लगती है और खून निकलता है तो अपने आप थक्का जम जाता है। यानी खून का बहना रुक जाता है, लेकिन जब शरीर में प्रोटीन और प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है तो थक्का जमना बंद हो जाता है। इसे ब्लीडिंग डिसऑर्डर कहा जाता है। यूं तो शरीर से ज्यादा खून बहना खतरनाक है, लेकिन ब्लीडिंग डिसऑर्डर तब ज्यादा खतरनाक हो जाता है जब ब्लीडिंग शरीर के अंदर भी शुरू हो जाती है। यह रक्त स्राव किसी भी रूप में हो सकता है जैसे छोटी-सी खरोंच, नाक से खून निकलना, महिलाओें में मासिक चक्र के दौरान ज्यादा खून बहना। www.myupchar.com से जुड़े ऐम्स के डॉ. आयुष पांडे के अनुसार, आंतरिक रक्त स्राव तब होता है जब क्षतिग्रस्त रक्त वाहिक या किसी अंदरूनी अंग से रक्त शरीर के अंदर बहने लगता है। यदि गर्भवती महिला की योनी से खून बह रहा है तो तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए। 

 हेमोफिलिया एक प्रकार का ब्लीडिंग डिसऑर्डर है, जिसका संबंध मूल रूप से अनुवांशिक है। हर 10,000 पुरुषों में से एक में यह बीमारी होती है। भारत में इसके 1.3 लाख से अधिक मरीज हैं।

गंभीर बीमारी की ओर संकेत करता है ब्लीडिंग डिसऑर्डर

ब्लीडिंग डिसऑर्डर शरीर में कई गंभीर बीमारियों का संकेत देता है। जैसे लिवर की बीमारी, हीमोफीलिया, विटामिन के की कमी। खून पतला करने की दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण भी खून का थक्का बनना बंद हो सकता है। एनीमिया में ब्लीडिंग डिसऑर्डर बहुत घातक हो सकता है। 

ब्लीडिंग डिसऑर्डर का बड़ा खतरा

आंतों में रक्त स्राव

मस्तिष्क में रक्त स्राव

जोड़ों में रक्त स्राव

जोड़ों का दर्द

महिलाओं के इसलिए है ज्यादा खतरा

महिलाओं में ब्लीडिंग डिसऑर्डर का ज्यादा खतरा इसलिए होता है, क्योंकि मासिक चक्र के दौरान खून निकलता है। यह समस्या इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि हमारे यहां महिलाएं रक्त स्राव के बारे में ज्यादा बात नहीं करती हैं। जरूरी है कुछ सामान्य लक्षणों पर नजर रखना और सही वक्त पर इलाज लेना। जैसे - मासिक चक्र के दौरान सात दिन या इससे अधिक दिनों तक खून का बहना जारी रहना, खून ज्यादा बहने से कमजोरी होना और रोजमर्रा के काम को करने में परेशानी आना, रक्त स्राव के दौरान खून के थक्के निकलना। कई बार बिना कारण नाक से खून निकलना शुरू हो जाता है। मसुड़ो से रोज-रोज खून निकलना।

 

इलाज से ज्यादा जरूरी है सावधानी 

ब्लीडिंग डिसऑर्डर में इलाज से ज्यादा जरूरत सावधानी की होती है। छोटी सी खरोंच या चोट लगे तो भी ध्यान दें कि खून का बहना थम गया है या नहीं। मस्तिष्क के अंदर खून का बहाव घातक हो सकता है। ऐसा कोई संकेत मिले तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। आमतौर पर आयरन सप्लिमेंट के जरिए इसका इलाज किया जाता है। ब्लीडिंग डिसऑर्डर के अन्य इलाज में शामिल हैं - ब्लड ट्रांसफ्यूजन, प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन, नेजल स्प्रे। ताजा प्लाज्मा में कारक V और VIII होते हैं। ये दो महत्वपूर्ण प्रोटीन हैं जो रक्त के थक्के बनाने में मदद करते हैं। इसके लिए अस्पताल जाना जरूरी है।

अधिक जानकारी के लिए देखें: https://www.myupchar.com/disease/abnormal-uterine-bleeding

स्वास्थ्य आलेख www.myUpchar.com द्वारा लिखे गए हैं।
 

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  • Web Title:The bleeding stopped but if not frozen this disease is there what is the treatment