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27 जुलाई, 2020|1:33|IST

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अध्ययन : एसिम्प्टोमैटिक मरीजों में वायरस का हमला खतरनाक

coronavirus

कोरोना के बिना लक्षण वाले यानी एसिम्प्टोमैटिक मरीजों के बारे में आम राय है कि इन्हें खतरा बहुत कम होता है। मगर हालिया अध्ययन से पता चला है कि यह वायरस एसिम्प्टोमैटिक मरीजों के शरीर में ‘साइलेंट किलर’ की तरह खतरनाक ढंग से हमला कर रहा है। नेचर पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, ऐसे मरीजों के फेफड़े कमजोर हो रहे हैं और उनमें निमोनिया का खतरा बढ़ता है।

वैज्ञानिकों का दावा है कि पहली बार एसिम्प्टोमैटिक मरीजों के क्लीनिकल पैटर्न से इस तरह की बात सामने आई है। पता चला कि इन मरीजों के फेफड़ों को नुकसान तो हुआ लेकिन इनमें खांसी, सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण नहीं दिखे। ऐसे मरीजों की अचानक से मौत होने का खतरा भी बहुत अधिक है। हालांकि, शोधकर्ताओं ने इसमें और अध्ययन की जरूरत बताई।  

भारत में करीब 80 फीसदी ऐसे मरीज
बीते दिनों कई रिपोर्ट में सामने आया कि भारत में करीब 80 फीसदी मरीज एसिम्प्टोमैटिक हैं। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि दुनिया में ऐसे मरीजों की संख्या छह से 41% तक हो सकती है।

संक्रमण फैलने का डर
चूंकि बिना लक्षण वाले मरीजों को अपनी बीमारी का पता नहीं होता इसलिए वे जरूरी सावधानी कम बरतते हैं और इस तरह संभावना रहती है कि वे अपने घर व संपर्कमें आने वाले अन्य लोगों को संक्रमित कर देंगे।

कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग से तलाश
शोधकर्ताओं ने 37 बिना लक्षण वाले मरीजों से जुड़े डाटा का अध्ययन किया जो कि चीन के सेंटर फॉर डिसीज एंड प्रिवेंशन संस्थान द्वारा जुटाया गया था। इस संस्थान ने चीन में फरवरी से अप्रैल तक कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग व जांच के जरिए कुल 2088 मरीजों को ढूंढा था। मरीजों के सीटी स्कैन से पता लगा कि 57 प्रतिशत मरीजों के फेफड़ों में धारीदार छाया थी जो कि फेफड़ों में सूजन या इन्फ्लेमेशन का लक्षण है। जिसमें फेफड़े अपनी स्वाभाविक क्षमता से काम करना बंद कर देते हैं।

चिल्लाने-तेज सांस लेने पर संक्रमण
डब्लूएचओ के कार्यकारी निदेशक डॉ. माइकल रायन का कहना है कि बिना लक्षण वालों के मुंह से निकली संक्रमित बूंदें आसानी से दूसरे व्यक्ति तक नहीं पहुंचतीं। जब कोई गाता है,  जिम करते समय तेज सांस भरता है, क्लब में तेजी से गाता है या पास खड़े किसी व्यक्ति पर चिल्लाता है तो ये बूंदें हवा के दवाब से दूसरे व्यक्ति को संक्रमित करती हैं।  

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  • Web Title:Study: Virus attack in asymptomatic patients is dangerous