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एक दिन क्लाउड पर सुरक्षित रहेंगी आपकी यादें भी

brain preserving

अगर हम आपसे कहें कि हम आपके मस्तिष्क का बैकअप तैयार कर सकते हैं, तो क्या होगी आपकी प्रतिक्रिया। यह विज्ञान आधारित हॉलीवुड की फिल्म है, तो ऐसा नहीं है। इतना ही नहीं यह बैकअप क्लाउड पर भी उपलब्ध होगा। मतलब अगर हम अपनी जिंदगी के हसीन पलों को हमेशा के लिए सुरक्षित रखना चाहते हैं तो इस नई तकनीक से यह संभव हो सकता है। इस तकनीक के लिए आपको 2045 तक इंतजार करना पड़ सकता है।

अत्याधुनिक संलेपन तकनीक 
अब एक स्टार्टअप ने इनसान के दिमाग में कैद ज्ञान को क्लाउड पर सुरक्षित रखने का दावा किया है। इसके लिए मस्तिष्क का अत्याधुनिक संलेपन किया जाएगा। कैलिफोर्निया स्थित नेकटोम नवोदित कंपनी ने यह दावा किया है। कंपनी के सह संस्थापक रॉबर्ट मैकइनटायर ने कहा कि कंपनी जल्द ही अत्याधुनिक संलेपन की तकनीक तैयार कर लेगी। 

रसायन करता है काम
एमआईटी टेक्नोलॉजी रिव्यू में प्रकाशित खबर के मुताबिक इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक रसायन का इस्तेमाल किया जाता है। रॉबर्ट का कहना है कि इसके जरिये पूरे शरीर को सैकड़ों या हजारों साल तक संजो कर रखा जा सकता है। किसी व्यक्ति की यादों को दोबारा जीवित करने के लिए उसके अंगों का कनेक्टोम करना होगा। कनेक्टोम मस्तिष्क का तंत्रिका नेटवर्क होता है। इसे दिमाग का वायरिंग सिस्टम भी कहा जाता है।

इच्छामृत्यु का विकल्प चुनना होगा
नेकटोम की इस तकनीक का एक अहम पहलू यह है कि इसके लिए इच्छामृत्यु का विकल्प चुनना होगा। हालांकि इसके सफल होने की कंपनी ने कोई गारंटी नहीं दी है। अपना शरीर और मस्तिष्क विशेषज्ञों को सौंपने के बावजूद यह प्रक्रिया असफल भी हो सकती है। कंपनी ने इंसान के मस्तिष्क को सुरक्षित रखने की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से अध्ययन किया है। इसमें अत्याधुनिक संलेपन प्रक्रिया की जाएगी। 

25 ग्राहकों ने दी सहमति
नेक्टोम ने मस्तिष्क ही नहीं कनेक्टोम को भी संरक्षित करने का तरीका ईजाद करने का दावा किया है। इसके लिए 6.49 लाख रुपये की डाउनपेमेंट देनी होगी। अभी इस प्रक्रिया के लिए 25 ग्राहकों ने नेक्टोम को अपनी सहमति दी है। कंपनी ने इसके लिए इच्छुक ग्राहकों से एक दस्तावेज भी साइन करवाया है। हालांकि कंपनी की यह सेवाएं अभी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं होंगी। इसके लिए उसे पहले यह साबित करना होगा कि यादें मृत कोशिकाओं में भी पाई जा सकती हैं।

कंपनी ने जुटाई फंडिंग
अगले हफ्ते स्टार्टअप कंपनियों के कार्यक्रम में कंपनी अपनी बिजनेस स्ट्रैटजी को पेश करेगी। कंपनी ने इसके लिए अब तक 10 लाख डॉलर की फंडिंग जुटा ली है। इसके अलावा 9.60 लाख डॉलर की ग्रांट उसे यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ से भी मिल चुकी है। 

प्रक्रिया पूरी होने में लगेंगे छह घंटे
मस्तिष्क को संजोने के लिए जरूरी संलेपन प्रक्रिया पूरी होने में छह घंटे का समय लगेगा। रॉबर्ट ने कहा कि कम से कम ढाई घंटे पूर्व मृत व्यक्ति के मस्तिष्क का संलेपन किया जा सकता है। फरवरी में कंपनी ने हाल ही में मृत वृद्ध महिला के शरीर को प्रयोग के लिए इस्तेमाल किया था। महिला के मस्तिष्क को शोध और आकलन के लिए कागज जैसी पतली परतों में विभाजित किया जाएगा। 
 

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  • Web Title:Startup claims to preserve brain on cloud and save memories