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31 जुलाई, 2020|7:25|IST

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डेंगू मरीजों में प्लेटलेट गिरने का चला पता,शोधकर्ताओं ने किया दावा

dengue havoc continues in bhagalpur  two more dengue victims including female teacher died

डेंगू के मरीजों में प्लेटलेट्स की गिरावट का मुख्य कारण कोशिकाओं के ऊर्जाघर माइटोकॉन्ड्रिया में  शिथिलता हो सकती है। हैदराबाद विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह दावा किया गया है। हैदराबाद विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज के जैव रसायन विभाग में कार्यरत प्रोफेसर नरेश बाबू वी. सिपुरी ने कहा कि माइटोकॉन्ड्रिया सेल का एक ऊर्जाघर है जो ऊर्जा का सबसे अधिक योगदान करता है और प्लेटलेट उत्पादन और अन्य उद्देश्यों के लिए भी आवश्यक है। 

विश्वविद्यालय की प्रेस विज्ञप्ति में सोमवार को कहा गया कि अध्ययन में सामने आया है कि माइटोकॉन्ड्रियल डिसफंक्शन प्लेटलेट्स की संख्या में कमी का एक कारण हो सकता है, जो थ्रोम्बोसाइटोपेनिया के परिणामस्वरूप होता है। 

विज्ञप्ति में कहा गया है कि विश्वविद्यालय में मुस्तूरी वेंकटरमण (जैव प्रौद्योगिकी और जैव सूचना विज्ञान विभाग) और सेपुरी द्वारा तैयार और हाल ही में वायरोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित शोध पत्र में कहा गया है कि यदि माइटोकॉन्ड्रिया क्षतिग्रस्त हो गया तो अधिकांश कोशिकीय कार्य प्रभावित होंगे। 

यही कारण है कि डेंगू वायरस संक्रमित रोगियों में माइटोकॉन्ड्रियल शिथिलता के कारण प्लेटलेट उत्पादन भी कम हो सकता है। माइटोकॉन्ड्रिया में प्रवेश करने वाले डेंगू वायरस इसे नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि इसी से प्लेटलेट की कमी हो सकती है। दिलचस्प बात यह है कि रमण और सेपुरी ने पहचान की है कि सार्स, कोविड -2 वायरस द्वारा निशाना बनाए गए गैर-संरचनात्मक प्रोटीन भी माइटोकॉन्ड्रियल शिथिलता के कारण हो सकते हैं।

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  • Web Title:researchers claim the reason for falling Platelet in dengue patients is now detected