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2 जून, 2020|8:49|IST

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COVID-19 प्रश्नोत्तरी : घर में खुद को क्वारंटाइन किया है तो क्या करें?

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कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। भारत में भी इसके मामले बढ़ रहे हैं। लोगों के मन में रोज नए-नए सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें और गलत जानकारियां भी प्रकाशित हो रही हैं। इन अफवाहों और भ्रांतियों को दूर करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने प्रयास तेज किया है। डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट पर उपलब्ध और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दी जा रही कोरोना से जुड़ी जानकारियों को आप तक पहुंचाने के लिए ‘हिन्दुस्तान' ने प्रश्नोत्तरी की शुरुआत की है। साथ ही हमारा प्रयास है, आपके हर सवाल का विशेषज्ञों से जवाब हासिल कर आप तक पहुंचाना।

क्या कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए दवा बन चुकी है?
कोरोना संक्रमण की दवा बनाने पर काम चल रहा है। उम्मीद करनी चाहिए कि जल्द कोई कारगर दवा बन जाएगी। अमेरिका में कोरोना के मामले में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और अजीथ्रोमाइसिन जैसी दवाएं चर्चा में रही हैं। वहां माना गया है कि इन दवाओं को पहले से लेने पर कोविड-19 से बचा जा सकता है। मगर पक्के तौर पर अभी कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कोविड-19 के मरीजों के लिए एफडीए ने अब तक कोई दवा मंजूर नहीं की है। ये एक्सपेरिमेंटल दवाएं हैं, जो गिने-चुने कोरोना के मरीजों को दी जाती हैं। उलटे इनसे दिल की धड़कनें अनियमित हो सकती हैं और इनके कुछ अन्य साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। हालांकि इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका सहित कई देशों में कोविड-19 के मरीजों के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि ऐसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। कुल मिलाकर बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा को लेने से बचें।

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घर में खुद को लॉकडाउन किया है तो क्या करें?
घर के किसी सदस्य से न मिलें। अलग बाथरूम का उपयोग करें। किसी के साथ भी निजी सामान शेयर न करें। अगर कोरोना के संक्रमण की आशंका है या उससे पीड़ित हैं तो अपने बर्तन, ग्लास, कप, खाने के सामान, कपड़े, तौलिये, बिस्तर आदि दूसरे लोगों के साथ शेयर न करें। इससे उनमें भी संक्रमण का खतरा हो सकता है। आप जिन चीजों का उपयोग करें, उन्हें अच्छे से साफ करें। कोरोना का संक्रमण नहीं है तो भी खांसते या छींकते समय मुंह जरूर ढकें। बार-बार नाक या मुंह पर हाथ न ले जाएं। इटली, स्पेन से कुछ विडियोज आए हैं, जिसमें लोग अपने घर की बालकनी या गार्डन में वर्कआउट कर रहे हैं। कई तरह के इंडोर गेम्स खेल सकते हैं। ट्विटर पर लोग शेयर कर रहे हैं कि वे अकेले किस तरह के गेम्स खेल रहे हैं। आपके पास भी अपनी रुचि के अनुसार इंडोर गेम्स खेलने, टीवी देखने या पढ़ने का विकल्प है ही। पौष्टिक और ताजा भोजन खाएं।

क्या सॉना बाथ लेने से कोरोना खत्म हो जाता है?
एक और बात ये फैलाई गई है कि 20 मिनट तक सॉना बाथ लेने से कोरोना समेत 90 प्रतिशत वायरस मर जाते हैं। सॉना बाथ लेने वाले को गर्म तापमान वाले भाप के कमरे में बैठना होता है। इस दावे का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। अमेरिका की ‘यूनिवर्सिटी ऑफ मैरिलैंड' के चीफ ऑफ इन्फेक्शियस डिजीज, फहीम यूनुस ने अपने ट्विटर हैंडल में इसका जवाब लिखा कि उल्टे सॉना बाथ से निमोनिया जैसी बीमारी हो सकती है। कोविड-19 ने पहले से निमोनिया ग्रस्त लोगों की काफी संख्या में जान ली है। ऐसे में इससे दूर रहें।

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इम्युनिटी बढ़ाने में हल्दी की क्या भूमिका है? क्या इसके सेवन से कोरोना वायरस से बचने में मदद मिलेगी?

हल्दी कई तौर पर लाभकारी है। इसमें मौजूद करक्यूमिन तत्व एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है। यह इम्युनिटी को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट तपस्विनी प्रधान कहती हैं, ‘ इससे दर्द व सूजन कम करने में भी मदद मिलती है। शोध कहते हैं कि 30 एमसीजी करक्यूमिन इन्फ्लूएंजा वायरस को पैदा होने से रोकने में 90 प्रतिशत तक सहायता करता है। इसके अलावा इबोला वायरस के उपचार में भी इससे बनी दवाओं का प्रयोग किया जाता है। करक्यूमिन के असर का अध्ययन एचआईवी, एचएसवी, हेपेटाइटिस ए, बी, सी, एचपीवी आदि में भी किया गया है, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी बीमारी पर असर के लिए हमें उस तत्व की निर्धारित मात्रा लेनी होती है। वह मात्रा नियमित भोजन में खाई जाने वाली हल्दी से पूरी नहीं होती। यही वजह है कि कैंसर थेरेपी में करक्यूमिन के सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है। इम्युनिटी धीरे-धीरे मजबूत होती है। तुरंत ज्यादा हल्दी खाने से कुछ नहीं होता। जहां तक कोरोना की बात है, हल्दी से कितना आराम मिलेगा, ऐसा कोई अध्ययन फिलहाल नहीं है।


पशु मंडी में जाना कितना सुरक्षित है? क्या आवारा पशु या पालतू पशु से भी कोरोना वायरस फैल सकता है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस समय पशु मंडियों, मांस मंडियों और जंतु उत्पाद मंडियों में जहां तक हो सके, न जाने की सलाह दी है। रूमेटोलॉजिस्ट व क्लिनिकल इम्यूनोलॉजिस्ट डॉ. स्कंद शुक्ला के अनुसार, अगर किसी को पशु मंडी जाना पड़ता है, तो खास सावधानी बरतना जरूरी है। जैसे- मास्क पहनें, हाथों से चेहरे, आंख, नाक, मुंह को न छुएं और वहां से लौटने के बाद हाथों को अच्छी तरह धोएं। किसी भी बीमार पशु या सड़े-गले, विकृत पशु-उत्पाद या मांस से दूरी बनाए रखें। कच्चा या अधपका मांस न खाएं। इन्हें छूने पर हाथों को धोने के बाद ही अन्य चीजों को छुएं। बुजुर्ग खासतौर पर पशु-बाजारों, आवारा पशुओं और जंगली जानवरों से दूरी रखें। मांस-मंडियों में काम करने वाले और पशु-चिकित्सक अपना ध्यान रखें। दस्ताने और मास्क पहनकर रखें। अपने कपड़ों को हर रोज धोएं। औजार और उपकरण साफ रखें। फिलहाल कोविड-19 के कारण किसी पशु के बीमार होने का मामला सामने नहीं आया है।

सीडीसी, अमेरिका के अनुसार, अगर आप कोविड-19 संक्रमित हैं, तब अपने पालतू पशु से दूरी बनाकर रखें। अभी यह जानकारी नहीं कि यह वायरस पशुओं में कैसा बर्ताव करेगा। अगर आपका पालतू पशु बीमार हो, तो पशु चिकित्सक से *बात करें। वर्तमान कोविड-19 वायरस जानवरों को प्रभावित नहीं करता, लेकिन बाहर से घूम कर, खाकर और सूंघ कर आया जानवर बिना संक्रमित हुए भी विषाणुओं को घर ला सकता है, इसलिए साफ-सफाई का पूरी तरह ध्यान रखना समझदारी होगी।

क्या चाय-कॉफी पीने से कोरोना नहीं होगा?
सोशल मीडिया पर साझा की जा रही तस्वीर को शेयर करते हुए पीआईबी की ओर से बताया गया है कि ऐसा दावा बेबुनियाद है कि चाय पीने से कोरोना वायरस का प्रकोप नहीं होगा। कोरोना से बचने के लिए घरों में रहें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। सोशल मीडिया पर इस तरह के दावे किए जा रहे हैं कि चाय का कप इस वायरस पर लगाम लगा सकता है। अन्य रिपोर्टों में कहा गया है कि चाय में मिथाइलजेन्थाइन्स नाम का एक तत्व मिलता है, जो कॉफी और चॉकलेट में भी मिलता है। इसका मतलब यह नहीं कि यह आपको कोरोना से बचा देगा। पूर्व में किए गएसारे दावे अभी तक गलत साबित हुए हैं। एक्सपर्ट मानते हैं कि हां, चाय-कॉफी पीने से आपके गले में गर्माहट रह सकती है, जो गला खराब होने जैसी स्थिति में आराम दे सकती है, मगर कोरोना का इलाज दिन में तीन बार चाय पीने से हो जाएगा, यह बात गलत है।


क्या बच्चों को मास्क पहनना चाहिए?
सीडीसी के अनुसार, बच्चों को दिन भर मास्क पहनने की जरूरत नहीं है। अगर बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है, तो उसे मास्क पहनने की जरूरत नहीं है। मास्क उन्हें ही पहनना है, जो संक्रमित हैं, बीमार हैं या फिर जो संक्रमित लोगों की देखभाल का काम कर रहे हैं।

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  • Web Title:questions and answers on COVID-19 : What should do if you have home quarantined yourself