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गर्भाशय नली में होती है ओवेरियन कैंसर की शुरुआत

महिलाओं को अपना शिकार बनाने वाला दूसरे सबसे गंभीर गर्भाशय के कैंसर की शुरुआत दरअसल गर्भाशय में नहीं होती है। हाल में प्रकाशित हुए दो शोध में विशेषज्ञों ने यह दावा किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ‘धीमी मौत’ कहे जाने वाले गर्भाशय या ओवेरियन कैंसर की शुरुआत गर्भाशय नली में होती है। 
विश्व स्वास्थ्य संगठन के 2015 के आंकड़ों के मुताबिक हर साल तकरीबन ओवेरियन कैंसर के ढाई लाख नए मामले सामने आते हैं। इस जटिल बीमारी से हर साल 1.40 लाख महिलाओं की मौत हो जाती है। प्रमुख शोधकर्ता डॉक्टर रॉन ड्रेप्किन का कहना है कि ताजा शोध से इस बीमारी की पहचान, इलाज और बचाव करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ओवेरियन कैंसर को ‘धीमी मौत’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका पता लगाने का कोई कारगर तरीका नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका पता आमतौर पर अंतिम चरण में लग पाता है। 
इन दो शोध में बताया गया है कि गर्भाशय नाल या फेलोपियन ट्यूब की जांच कर इस कैंसर का समय रहते पता लगाया जा सकता है।
यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रॉन ड्रेपकिन पिछले दो दशक से इस जानलेवा बीमारी पर शोध कर रहे हैं। 2006 या 2007 तक ओवेरियन कैंसर के लिए फेलोपियन ट्यूब की जांच नहीं की जाती थी। तभी से विशेषज्ञ यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि फेलोपियन ट्यूब के कैंसर के प्रति संवेदनशील होने का कारण क्या है। 
शोध के दौरान कैंसरकारक ट्यूमर में संबंध की जांच की गई। इसके लिए जेनेटिक प्रोफाइल तकनीक की मदद ली गई। डॉ. ड्रेप्किन का कहना है कि गर्भाशय कैंसर की पहचान में सबसे बड़ी समस्या यह आती है कि उसकी जांच के लिए इस्तेमाल होने वाले ऊतकों के नमूने बेहद पतले होते हैं।
न्यूयॉर्क सिटी स्थित पर्लमटर कैंसर सेंटर में हुए दूसरे शोध में 96 महिलाओं के ट्यूमर ऊतकों की जांच की गई। इनकी तुलना स्वस्थ महिलाओं के ऊतकों से भी की गई। इस शोध में पता चला कि कैंसरकारक कोशिकाएं फेलोपियन ट्यूब से काफी मिलती हैं।
 

सेहत
हाई ग्रेड सेरस ओवेरियन कार्सिनोमा (एचजीएसओसी) गर्भाशय कैंसर का सबसे गंभीर प्रकार है
इस बीमारी में पांच साल से अधिक समय तक सिर्फ 15 फीसदी मरीज ही जीवित रह पाते हैं
बीआरसीए जीन म्यूटेशन होती है ओवेरियन व स्तन कैंसर की वजह, दोनों एक दूसरे के संबंधी कहे जाते हैं 

भारत में स्थिति
20 फीसदी महिलाएं गर्भाशय कैंसर के बाद पांच वर्ष से अधिक समय तक जीवित रह पाती हैं
चीन, सिंगापुर, इजरायल और तुर्की में यह आंकड़ा 40 से 49 फीसदी के बीच है

 

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  • Web Title:ovarian cancer begins in fallopian tubes : research