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भारतीय आहार में कम होने लगे पोषक तत्व, 528 खाद्य पदार्थों की हुई स्टडी

Diet

अगर आपको लगता है कि आप पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ खाते हैं और इससे सेहतमंद और बीमारियों से मुक्त रहेंगे, तो फिर से सोचिए। हो सकता है कि आपका अनाज और आहार उतना पौष्टिक ही न हो जितना आप उसे समझते हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन के हालिया डाटा में दावा किया गया है तीन दशक पहले की तुलना में हमारे आहार में पोषक तत्व कम होते जा रहे हैं। 
फल-सब्जी की स्थिति भी अच्छी नहीं है। सेब में आयरन 60 फीसदी घट गया है। वहीं टमाटर में विटामिन बी, आयरन और जिंक 66 से 73 फीसदी घट गया है। हालांकि मसूर, मूंग, पालक में माइक्रोन्यूट्रिशन बढ़ गए हैं। वहीं आलू में आयरन बढ़ा है, लेकिन विटामिन बी, मैग्नीशियम और जिंक में गिरावट आई है। 

528 खाद्य पदार्थों का अध्ययन
इस शोध के लिए 528 खाद्य में मौजूद 151 पोषक तत्वों का विश्लेषण किया गया। इसके लिए देश के छह भागौलिक क्षेत्रों से सैंपल लिए गए। इसके बाद 1989 में इन पदार्थो में पाए गए पोषक तत्वों से उनकी तुलना की गई। पाया गया कि सभी तरह के खाद्य पदार्थों में पोषक तत्व लगातार घट रहे हैं। 

किस आहार में कितना कम हुआ पोषक तत्व
बाजरा : 8.5 फीसदी कम हुआ कार्बोहाइड्रेट 
गेहूं : कार्बोहाइड्रेट में नौ फीसदी की गिरावट
मसूर की दाल :  10.4 फीसदी कम हुआ प्रोटीन
मूंग की दाल : 6.12 फीसदी कम हुआ प्रोटीन 

मिट्टी में कमी का असर
विशेषज्ञों के मुताबिक भारतीय मिट्टी में पोषक तत्व कम हो रहे हैं, जिससे इसमें उगने वाले अनाज, सब्जी और फल के पोषक तत्वों में भी गिरावट आ रही है। जैसे मिट्टी में जिंक 43, बोरान 18.3, आयरन 12.1, मैग्नीशियम 5.6 और कॉपर 5.4 फीसदी कम हो गया है। 

हरी सब्जी चिचिण्डा में 78 फीसदी और चावल में 16.76 फीसदी प्रोटीन का स्तर बढ़ गया है। हालांकि ये आहार प्रोटीन के लिए नहीं खाए जाते इसलिए इनकी अधिकता से शारीरिक जरूरतें पूरी नहीं हो पाती हैं: वीना शत्रुघ्न  , पूर्व निदेशक, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन 

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  • Web Title: Nutrient Due to Decrease in Indian diet