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मां बनने योग्य आयु की आधी से ज्यादा महिलाओं को है यह समस्या

Anemia in women

सरकार ने स्वीकार किया है कि देश में मां बनने योग्य आयुवर्ग (15 से 49 साल) वाली 53 प्रतिशत महिलायें खून की कमी (रक्ताल्पता) की शिकार हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने मंगलवार को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों के आधार पर यह जानकारी दी है। 

चौबे ने बताया कि सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार रक्ताल्पता की शिकार 15 से 49 साल के आयुवर्ग की महिलाओं में सर्वाधिक महिलायें अनुसूचित जनजाति (59.9 प्रतिशत) की है। इसके अलावा 55.9 प्रतिशत अनुसूचित जाति की महिलायें भी खून की कमी की शिकार हैं। 

उन्होंने बताया कि इस मामले में अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं की हिस्सेदारी 20.9 प्रतिशत होने के साथ, इनमें मुस्लिम महिलाओं का प्रतिशत 28.5 है। चौबे ने बताया कि इस स्थिति से निपटने के लिये मंत्रालय द्वारा विभिन्न कार्यक्रम चलाये गये हैं।  

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  • Web Title:more than half women with maternity age suffering from Anemia says survey