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हुई अजीबो-गरीब बीमारी, पत्थर बन रहा था इस शख्स का दिल; डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बचाई जान

पत्थर दिल इंसान की कहावत तो आपने सुनी होगी मगर किसी का दिल हकीकत में पत्थर बन रहा हो यह देखा कभी नहीं होगा। कार्डियोलॉजी में जब ऐसा मामला पहुंचा तो डॉक्टर हैरत में पड़ गए। मिशन कठिन था पर डॉक्टरों ने हार नहीं मानी और इलाज शुरू कर दिया। घंटों की मशक्कत के बाद सर्जरी कर 22 वर्षीय युवक की जान बचा ली।

फतेहपुर के मेवातगंज निवासी संजय दत्त को सीने में दर्द, सांस फूलने के साथ थकान, चलने में दिक्कत, पेट दर्द और बुखार की पांच साल से शिकायत थी। कई जगह दिखाया और इलाज चला पर बीमारी किसी की पकड़ में नहीं आई। आखिरकार डॉक्टरों ने उसे कार्डियोलॉजी रेफर कर दिया। यहां सर्जन डॉ. नीरज कुमार की ओपीडी में उसे दिखाया। 27 मार्च को उसे डॉक्टर ने निगरानी में भर्ती कर लिया। उसकी ईको के साथ कुछ अन्य जांचें कराई गईं जिसके बाद बीमारी का पता चल पाया।

संजय के दिल में ऊपर मांसपेशियों पर डेढ़ सेंटीमीटर का हिस्सा पथरीली कवच बन चुका था। यह एक झिल्ली के मोटे होने से बनती है। 5 अप्रैल को उसका ऑपरेशन किया गया और इस रोग से मुक्ति मिल गई। 10 दिन तक डॉक्टरों ने उसे अस्पताल में भर्ती रखा और 15 अप्रैल को छुट्टी भी दे दी। सर्जरी करने वाले डॉ. नीरज कुमार, डॉ. नीरज त्रिपाठी और उनके साथ शामिल डॉ. माधुरी प्रियदर्शी की टीम को संस्थान के निदेशक प्रो. विनय कृष्णा ने बधाई दी है। 

क्या है क्रॉनिक कांस्ट्रक्टिव पेरिकार्डाइटिस
डॉ. नीरज कुमार के मुताबिक क्रॉनिक कांस्ट्रक्टिव पेरिकार्डाइटिस बीमारी में दिल के ऊपर सक झिल्ली बन जाती है। यह लगातार संक्रमण बने रहने से होती है। धीरे-धीरे यह मोटी होने लगती है और दिल को पत्थर के पिंजरे जैसे आवरण से घेर लेती है। उसी में संक्रमण बना रहता है। संजय का ऑपरेशन करके झिल्ली संक्रमण को दूर कर दिया गया है। मोटी झिल्ली को संतुलित बना दिया गया। ऑपरेशन काफी जटिल था और इससे मरीज की जान को खतरा था। हालांकि अब उसे काफी राहत है।

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  • Web Title:man suffering from strange illness Chronic Constructive Pericarditis got new life in kanpur cardiology