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सावधान: खराब नींद से हो सकता है अवसाद का खतरा

depression

अगर आपके बच्चे देर रात तक जगे होते हैं, तो उनमें नींद सबंधी दिक्कत हो सकती है, जिससे मनोदशा संबंधी विकार और खास तौर से अवसाद का जोखिम बढ़ सकता है। शोधकतार्ओं ने यह चेतावनी दी है। अमेरिका की पीट्सबर्ग विश्वविद्यालय के पीटर फ्रेंनजेन की अगुवाई में किए गए इस शोध में कहा गया है कि नींद से वंचित किशोर में जोखिम लेने के व्यवहार के पैदा होने तथा नशे की चपेट में आने का जोखिम रहता है।

इसकी वजह है कि ज्यादा समय से नींद से वंचित रहना पुटामेन के कामकाज को प्रभावित करता है। पुटामेन मस्तिष्क का वह भाग होता है जो लक्ष्य आधारित गतिविधियों व सीखने में प्रमुख भूमिका निभाता है। नींद की कमी से मष्तिष्क की 'पुरस्कार प्रणाली' की सक्रियता भी कम हो जाती है। इस शोध को कैलिफोर्निया के अमेरिकन कॉलेज ऑफ न्यूरोसाइकोफामार्कोलोजी की 56 वें सालाना बैठक के दौरान प्रस्तुत किया गया। इसमें शोधकतार्ओं ने 11 से 15 साल आयु वाले प्रतिभागियों के नींद के व्यवहार का अध्ययन किया।

शोध के निष्कषोर्ं से पता चलता है कि जब प्रतिभागियों को नींद से वंचित किया गया और उन्हें ज्यादा घंटों तक रिवार्ड गेम खेलने को कहा गया तो उस दौरान पुटामेन कम प्रतिक्रियाशील रहा। जबकि बाकी की स्थितियों में मस्तिष्क के उस भाग ने उच्च व निम्न पुरस्कार वाली स्थितियों में कोई अंतर प्रदर्शित नहीं किया।

जिस रात प्रतिभागियों ने कम नींद पूरी की उसके अगले दिन उनके पुटामेन में कम सक्रियता देखी गई तथा उनमें अवसाद के लक्षण भी ज्यादा नजर आए।

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  • Web Title:less sleep can lead to Depression
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