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जानें क्या होती है कीटो डाइट, बढ़ते वजन के लिए ही नहीं कैंसर जैसे रोग में भी असरदार

indian ketogenic diet

यूं तो कीटोजेनिक डाइट 100 साल पुरानी है, लेकिन आज तक वैज्ञानिक इसके बारे में हर दिन कुछ नया पता लगा रहे हैं। ताजातरीन मामला अमेरिका की टेक्सस यूनिवर्सिटी का है, जहां वैज्ञानिकों ने पाया है कि इस डाइट से कुछ खास प्रकार के कैंसर को फैलने से रोका जा सकता है। जानिए क्या है कीटो डाइट और इससे होने वाले फायदे -

क्या है कीटो डाइट-
कीटोजेनिक या कीटो डाइट में कम कार्बोडाइड्रेट वाली चीजों को प्राथमिकता दी जाती है। शरीर में जमा फैट से ऊर्जा हासिल की जाती है। एक स्टैंडर्ड कीटो डाइट में 70 फीसदी फैट, 25 फीसदी प्रोटीन और महज 5 फीसदी कार्बोडाइड्रेट होता है। 1920 के दशक में, जब दवाओं ने असर करना बंद कर दिया था, तब डॉक्टरों ने पहली बार मिर्गी के रोगियों के लिए कीटो डाइट की सिफारिश की थी। तब से, विभिन्न रिसर्च में कीटो डाइट को किडनी की अच्छी सेहत के अलावा डायबिटीज और अल्जाइमर की रोकथाम में सकारात्मक प्रभाव से जोड़ा गया है। अब ख्यात मेडिकल जर्नल 'सेल रिपोर्ट्स' में प्रकाशित अपनी स्टडी में टेक्सस यूनिवर्सिटी ने लिखा है कि खास प्रकार के कैंसर को फैलने से रोकने में कीटो डाइट और ब्लड शूगर का कंट्रोल बहुत कारगर साबित हुआ है।

जानिए ताजा रिसर्च की बड़ी बातें-
यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस के अनुसंधानकर्ताओं ने कीटोजेनिक डाइट की मदद से चूहों में ब्लड शूगर को रोकने में कामयाबी हासिल की है। इसके बाद चूहों को एंटी-डायबिटीक ड्रग दी गई, ताकि किडनी ब्लड में मौजूद किसी तरह के ग्लूकोज को न सोखे। वैज्ञानिकों ने पाया कि कीटोजेनिक डाइट और डायबिटीक ड्रग का यह जोड़ फेफड़ों का कैंसर तो खत्म नहीं कर सका, लेकिन   शरीर में और फैलने से जरूर रोक दिया। 

यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस में बायोलॉजिकल साइंस के असिस्टेंट प्रोफेसर और इस स्टडी के लेखक जूंगवान 'जे' किम के मुताबिक, 'कीटोजेनिक डाइट के साथ ही ब्लड शूगर की रोकथाम के इस उपाय ने चूहों में स्क्वैमस सेल (त्वचा से जुड़ी कोशिकाएं) कार्सिनोमा ट्यूमर के विकास को रोक दिया। अकेले कीटोजेनिक डाइट में इस कैंसर को फैलने से रोकने के गुण हैं। इसको जब डायबिटीक ड्रग और कीमोथेरेपी से जोड़ा गया, तो असर कई गुना बढ़ गया।' हालांकि किम और उनके साथियों ने यह भी पाया कि त्वचा  दूसरे तरह के कैंसर में यह कॉम्बिनेशन कोई प्रभाव नहीं छोड़ पाया।

कीटोजेनिक डाइट एक फायदे अनेक-
सेहत के प्रति सजग लोगों में कीटो डाइट का चलन बढ़ रहा है। ये लोग अपनी डाइट में कार्बोहाइड्रेट्स के स्थान पर वसा का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं और शरीर में एनर्जी के लिए वसा का उपयोग करते हैं। ऐसा करने पर नियमित फेट फैट  मेटाबॉलिज्म के रूप में शरीर में केटोन्स नामक कैमिकल बनता है। इसी कैमिकल के नाम पर इस डाइट का नाम पड़ा है। लेकिन वजन का कम होना ही इसका एक मात्र फायदा नहीं है। कीटो डाइट निम्न बीमारियों में भी बहुत फायदेमंद है -

-मिरगी
-टाइप 2 डायबिटीज और टाइप 1 डायबिटीज
-उच्च रक्त चाप
-अल्जाइमर
-पार्किंसंस
-अत्यधिक जलन
-मोटापा
-फैटी लिवर  
-माइग्रेन

आसान नहीं है कीटो डाइट का पालन-
कीटो डाइट का पालन इतना आसान नहीं है। हाई कार्बोहाइड्रेट फूड्स् जैसे अनाज, शक्कर, फलियां, चावल, आलू, कैंडी, ज्यूज और फल पूरी तरह बंद हो जाते हैं। साथ ही टमाटर, प्याज, गाजर, कद्दू जैसी चीजों को भी छोड़ना होता है, जिनमें शुगर होती है। इन चीजों का कभी-कभार सेवन भी नुकसानदायक हो सकता है।  कुल मिलाकर यदि आप खाने के शौकिन हैं तो कीटो डाइट में आपको बहुत त्याग करने के लिए तैयार रहना होगा। लेकिन यदि आपने इसका पालन कर लिया तो कैंसर समेत कई बीमारियों से आप हमेशा दूर रहेंगे।  

(यह स्वास्थ्य आलेख www.myUpchar.com द्वारा लिखा गया है, जो सेहत संबंधी भरोसेमंद सूचनाएं प्रदान करने वाला देश का सबसे बड़ा स्रोत है।

इस विषय पर ज्यादा जानकारी हासिल करने के लिए जरूर पढ़ें- https://www.myupchar.com/weightloss/keto-diet-plan-for-weight-loss-fayde-aur-nuksan-in-hindi
 

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  • Web Title:jaanen kya hoti hai Keto Diet badhate vajan ke liye he nahin cancer jaise rog mein bhi asaradaar