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हेल्थ टिप्स: बुखार का रामबाण इलाज गिलोय

hiv fever

बरसात में मच्छर जनित रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। पिछले कुछ सालों में चिकनगुनिया और डेंगू होने पर गिलोय के प्रयोग का चलन बढ़ा है। गिलोय औषधीय गुणों वाली एक लता है, जिससे काफी लाभ होता है। इसके फायदे और इस्तेमाल के तरीके के बारे में बता रहे हैं अंजनी कुमार

गिलोय को बुखार और घातक बीमारियों का रामबाण इलाज माना जाता है। इसमें प्रचुर मात्रा में औषधीय गुण होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और आपको निरोग रखते हैं। कभी न सूखने वाली लता होने के कारण इसे अमृता कहा जाता है। गिलोय का तना और जड़ें औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं। गिलोय का सेवन रस, पाउडर या कैप्सूल के रूप में किया जाता है। 
 

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए
गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। यह एंटीऑक्सिडेंट का पावर हाउस है, जो झुर्रियों से लड़ने और कोशिकाओं को स्वस्थ और निरोग रखने में अहम भूमिका निभाती है। गिलोय टॉक्सिन को शरीर से बाहर निकालने, खून को साफ करने, बीमारियों से लड़ने वाले बैक्टीरिया की रक्षा करने के साथ-साथ मूत्रमार्ग के संक्रमण से भी बचाव करती है।
 

आपको रखे जवां
गिलोय एक आयुर्वेदिक हर्ब है, जिसका उपयोग एंटी र्एंजग के रूप में भी किया जाता है। इसके रोजाना सेवन से चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़तीं। दरअसल, गिलोय खून को लगातार साफ करती रहती है, जिस कारण शरीर की कांति बनी रहती है।
 

बुखार की कारगर दवा
गिलोय लंबे समय से रहने वाले बुखार में बेहद असरदार है। यह डेंगू, स्वाइन फ्लू और मलेरिया जैसी घातक बीमारियों में औषधि का काम करती है। यह शरीर में ब्लड प्लेटलेट्स की संख्या और लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाती है। इसके सेवन से मलेरिया, वायरल बुखार, कालाजार आदि से बचाव होता है। 
 

पाचन में करे सुधार
पाचन में सुधार और आंत्र संबंधी समस्याओं के इलाज में गिलोय बहुत फायदेमंद है। रोजाना आधा ग्राम गिलोय के साथ आंवला पाउडर लेने से काफी लाभ होता है। कब्ज के इलाज के लिए इसे गुड़ के साथ लेना चाहिए।
 

डायबिटीज का इलाज
गिलोय एक हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट के रूप में 
कार्य करती है और विशेष रूप से टाइप 2 डायबिटीज के इलाज में मददगार है। गिलोय का रस रक्त शर्करा के उच्च स्तर को कम करने का काम 
करता है।

बुखार में गिलोय का इस्तेमाल 
गिलोय से किसी भी तरह के बुखार का इलाज संभव है। इसके लिए गिलोय के एक फुट लंबे तने को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। फिर उसे रातभर चार कप पानी में भिगोएं और सुबह उबाल लें। जब काढ़ा चार कप से एक कप हो जाए, तो उसे छन्नी से छान लें। इस काढ़े को आधा कप सुबह और आधा कप शाम में पिएं। ऐसा करने से तीन से सात दिनों के अंदर बुखार उतर जाएगा।

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  • Web Title:Health Tips: Giloy cures fever