DA Image
27 फरवरी, 2020|2:17|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

रोज खाएं पपीता, कई बीमारियां रहेंगी दूर

Know how papaya helps in weight loss and lowering cholestrol

पोषण से भरपूर पपीता कई बीमारियों से दूर रखने में कारगर है। पाचन या भूख न लगने की समस्या से जूझ रहे लोगों को तो हर कोई पपीता खाने की सलाह देता है। पपीता पका हो या कच्चा, इसके अनेक फायदे हैं, लेकिन कई बार इसकी अधिकता नुकसानदेह भी सकती है। 

पीता एक ऐसा फल है, जो पोषण से भरपूर तो है ही, इसमें बहुत से औषधीय गुण भी हैं। इन गुणों के कारण इसकी अपनी खास पहचान है। चाहे कच्चा पपीता हो या पका हुआ, दोनों ही स्वास्थ्य की दृष्टि से फायदेमंद है। पपीते में विटामिन ए, विटामिन सी, नियासिन, मैग्नीशियम, कैरोटीन, फाइबर, फोलेट, पोटैशियम, कॉपर, कैल्शियम और कई तरह के एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं। पपीते में कुछ मात्रा में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट भी होते हैं। एक छोटे पपीते में लगभग 60 कैलोरी होती है। आइए जानते हैं पपीते के ऐसे अनेक फायदे।

दिल को रखे दुरुस्त
पपीता विटामिन सी , एंटीऑक्सिडेंट्स व फाइबर से भरपूर होता है। इसमें मौजूद फाइबर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करनें में बेहद कारगर साबित होता है।

वजन को रखे नियंत्रित
यदि वजन कम करना चाहते हैं, तो एक मध्यम आकार के पपीते का सेवन फायदेमंद है। इसमें 120 कैलोरी होती है, साथ ही विटामिन सी, फोलेट और पोटैशियम आदि पाए जाते हैं। इसमें पाया जाने वाला पपेन एंजाइम पाचन में सहायता कर आपका काम और आसान कर देता है। पपीते में कोलेस्ट्रॉल और वसा न के बराबर पाया जाता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।

इम्यूनिटी होगी मजबूत
पपीते के सेवन से शरीर को कई जरूरी तत्वों की पूर्ति हो जाती है। शरीर को विटामिन सी भी भरपूर मात्रा में मिलता है, जो सफेद कोशिकाओं के निर्माण में सहायक साबित होता है। इसमें उपस्थित एंटीऑक्सिडेंट, प्रोटीन, विटामिन ए और ई हमारे प्रतिरक्षा तंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक हैं। इससे कई बीमारियां दूर रहती हैं।

आंखों की सेहत सुधारे
पपीते में आंखों के लिए जरूरी विटामिन ए की प्रचुरता होती है। इसमें नीली रोशनी से आंखों का बचाव करने वाला कैरोटिनॉइड ल्यूटिन पाया जाता है। ये रेटिना की रक्षा करता है और मोतियाबिंद के खिलाफ भी लड़ता है।

कैंसर से करे बचाव
पपीते में मौजूद लाइकोपिन, कैरोटिनॉइड, एंटीऑक्सिडेंट, बीटा-क्रिप्टोक्साथीन और बीटा कैरोटिन आदि तत्व कैंसर से बचाव करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पाचन में फायदेमंद
पपीते में पपेन समेत कई पाचक एंजाइम्स और कई डायट्री फाइबर्स होते हैं। ये पाचन क्रिया को उत्तेजित करने का काम करते हैं, जिससे पाचन तंत्र पूरी तरह सक्रिय रहता है। इसमें बीटा कैरोटिन, विटामिन ई और फोलेट आदि पाए जाते हैं, जो कब्ज जैसी समस्या से बचाते हैं।

कहीं हो न जाए नुकसान
- गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका सेवन डॉक्टर के परामर्श से ही करना चाहिए। पपीते के बीज और जड़ भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकते हैं। शोधों के अनुसार, पपीते में लेटेक्स की उच्च मात्रा होती है, जो गर्भाशय के सिकुड़न का कारण बन सकती है। *पपीते में मौजूद पपेन भ्रूण के विकास के लिए आवश्यक शरीर की झिल्ली को नुकसान पहुंचा सकता है।

- यदि आप रक्त को पतला करने वाली दवाओं का सेवन कर रहे हैं या आपका पेट खराब है, तो भी पपीते का सेवन न करें। विशेषज्ञों के अनुसार, पपीते की बाहरी त्वचा में लेटेक्स होता है, जो पेट खराब होने या दस्त का कारण बन सकता है। इससे पेट में दर्द की भी शिकायत हो सकती है।

- ज्यादा मात्रा में पपीते के सेवन से कैरोटिनेमिया यानी पेलाग्रा नामक बीमारी हो सकती है, जिसमें शरीर के अंगों का रंग पीला पड़ने लगता है।

- पपीते में मौजूद एंजाइम पपेन से सूजन, चक्कर आना, सिरदर्द, चकत्ते और खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

- पपेन से अस्थमा, कंजेशन और जोर-जोर से सांस लेने जैसी श्वसन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

कब खाएं पपीता
पपीते का सेवन सुबह के समय करना चाहिए। इसमें एसिडिक गुण कम होने के कारण सुबह के समय खाने से इसका पाचन आसानी से हो जाता है और इसमें मौजूद पानी की ज्यादा मात्रा और फाइबर की प्रचुरता भी शरीर की मेटाबोलिक रेट को संतुलित करती है। लेकिन यह ध्यान रखें कि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें। इसकी कुछ मात्रा शाम के नाश्ते के समय भी ली जा सकती है, लेकिन डिनर के बाद पपीता नहीं खाना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक फाइबर युक्त होने के कारण इस समय इसे पचाना पाचन तंत्र के लिए थोड़ा मुश्किल काम होता है।

कच्चे पपीते के फायदे
ऑथ्र्राइटिस में आराम : जब खून और ऊतकों में यूरिक एसिड की मात्रा बहुत बढ़ जाती है, तब ऑथ्र्राइटिस रोग होता है। पपीते में पाया जाने वाला एंटी-इंफ्लेमेटरी एंजाइम पपेन और चयमो पपेन यूरिक एसिड को नियंत्रित करते हैं, जिससे सूजन में भी काफी आराम होता है।

जॉन्डिस में आराम : जॉन्डिस बीमारी में सबसे ज्यादा असर लिवर पर होता है। ऐसे में कच्चे पपीते का सेवन लिवर और जॉन्डिस के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है। इसलिए जॉन्डिस के रोगियों को कच्चे पपीते का सेवन करना चाहिए।

मजबूत हड्डियों के लिए : हड्डियों में दर्द और कमजोरी का कारण विटामिन की कमी हो सकता है। कच्चे पपीते के सेवन से अनेक प्रमुख विटामिनों की कमी दूर होती है।

ब्रेस्टफीडिंग में लाभ : शोध से पता चलता है कि कच्चा पपीता सभी औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसमें सभी तरह के पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए इसके सेवन से ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को काफी लाभ होता है।

त्वचा में लाए निखार : स्वास्थ्य की दृष्टि से ही नहीं, त्वचा के लिए भी पपीता बहुत फायदेमंद है। अगर पके हुए पपीते के गूदे को मैश कर चेहरे पर लगाया जाए, तो चेहरे पर चमक आती है। इसके अलावा पपीता मैश करके उस में थोड़ा नींबू का रस मिलाकर इसे चेहरे पर लगाएं तो त्वचा के दाग-धब्बे साफ होते हैं। यदि निखार के साथ मुलायम त्वचा भी चाहिए, तो पपीता मैश कर उसमें नींबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर त्वचा पर लगाएं। पपीते में मौजूद फ्लेवोनॉएड और बीटा हाइड्रोक्सी एसिड त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं।

बालों के लिए उपयोगी : पपीते में पपैन नाम का एक एंजाइम होता है, जो बालों की जड़ों को मजबूती प्रदान करता है। इससे बाल लंबे और खूबसूरत होते हैं। पपीते के पत्तों का रस कंडिशनर के रूप में काफी कारगर साबित होता है।

(कोलम्बिया एशिया हॉस्पिटल की आहार विशेषज्ञ डॉ. अदिति शर्मा से की गई बातचीत पर आधारित)