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2 जुलाई, 2020|6:17|IST

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कोरोना से बचना है तो रोजाना करें ये 5 आसन, वैज्ञानिकों ने भी माना कोरोना से बचाएगा योग

surya namaskar

कोविड-19 महामारी से बचने के लिए फिलहाल दुनियाभर में कोई दवाई उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कोरोना संक्रमण से बचना ही सबसे सुरक्षित उपाय है। अपने इम्यून सिस्टम को बेहतर करने के तमाम उपायों के बीच अब वैज्ञानिकों ने भी यह मान लिया है कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए नियमित योग बेहद जरूरी है। हाल ही में एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि योग करने से आप तनाव और अवसाद से तो बचते ही हैं, साथ ही शारीरिक व मानसिक रूप में स्वस्थ होने के कारण कोरोना वायरस महामारी से भी बचे रह सकते हैं।
 
दो विश्वविद्यालयों ने मिलकर किया शोध
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ ऑस्ट्रेलिया और यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स की मेडिकल शोधकर्ताओं की एक टीम ने यह अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने कहा कि हमने योग में सिर्फ आसनों को शामिल किया है। प्राणायाम और मेडिकेशन इसमें शामिल नहीं हैं। उन्होंने अपने निष्कर्ष में पाया कि योग करने से मानसिक सेहत काफी ठीक हो जाती है। विशेषकर तनाव, बेचैनी, सिजोफ्रेनिया, शराब की लत और बाइपोलर डिसऑर्डर के शिकार रोगियों में इसके काफी सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।
 
आत्मिक शांति भी देता है योग
रिसर्च के मुताबिक आसनों के आधार पर इसका विश्लेषण किया गया, क्योंकि इसमें व्यक्ति 50 फीसदी शारीरिक रूप से सक्रिय हो जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक एक्सरसाइज, रनिंग, वर्कआउट आदि की तुलना में योग का ज्यादा लाभ मिलता है। योग से आत्मिक शांति भी मिलती है। ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन के अनुसार, योग का अभ्यास नियमित करने से अल्जाइमर और डिमेंशिया का खतरा कम होता है।

योग हर दिन करने से बालों और स्किन की सेहत भी दुरुस्त रहती है। चमकती त्वचा चाहिए तो नियमित रूप से योग और व्यायाम करने की आदत डालें। इसके अलावा अमेरिकन मेडिकल सोसाइटी द्वारा किए गए एक रिसर्च के अनुसार, 65 वर्ष के लोगों की त्वचा भी 20 से 40 वर्ष के लोगों के बराबर चमकदार हो सकती है, यदि वो रोजाना व्यायाम और योग करते हैं।
 
कोरोना से बचना है तो प्रतिदिन ये पांच आसन जरूर करें
गोमुखासन :

डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के अनुसार, गोमुखासन में गाय के समान मुद्रा होती है, इस आसन को करना बहुत ही सरल है। गोमुखासन वजन कम करने के लिए और शारीरिक सुंदरता बढ़ाने के लिए काफी लाभकारी है। इससे कंधे, जांघ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इस आसन से फेफड़े मजबूत होते हैं और श्वसन संबंधित सभी बीमारियां ठीक होती हैं।

ताड़ासन :  
इस आसन को सुबह खाली पेट करना चाहिए। ताड़ासन करने से भी फेफड़े मजबूत होते हैं, इसके अलावा पेट में भारीपन नहीं लगता है और कब्ज की शिकायत भी दूर होती है। यह आसन शरीर को लचीला भी बनाता है और मांसपेशियों का दर्द कम करता है।

मत्स्यासन : 
मत्स्यासन को करना भी काफी सरल है, इसमें शरीर की मुद्रा मछली के समान दिखती है। मत्स्यासन करने से भी सांस की बीमारी ठीक होती है। फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए मत्स्यासन सबसे बेहतर आसन है। इस आसन को भी सुबह खाली पेट करने से ज्यादा फायदा होता है।

शशकासन : 
डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के अनुसार, नियमित रूप से इस आसन को करने से शरीर मजबूत और लचीला बनता है। पाचन प्रणाली सक्रिय होती है और कब्ज को दूर करता है। इस आसन को करने से श्वसन क्रिया सक्रिय हो जाती है, जिससे फेफड़े मजबूत होते हैं। इसके अलावा यह आसन क्रोध, भय, शोक, आदि आवेश तथा भावनात्मक असंतुलन को कम करता है। हृदय रोग, दमा, मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति के लिए यह उपयोगी योग है। पेट पर जमी अतिरिक्त चर्बी को कम कर मोटापा दूर करने में सहायक है।

सूर्य नमस्कार : 
सूर्य नमस्कार में कुल 12 योगासन होते हैं। सुबह सूर्योदय से पहले उठकर 15 मिनट के लिए सूर्य नमस्कार करने से भी स्वास्थ्य अच्छा होता है। चूंकि यह 12 योगासनों का संयोजन है, इसलिए यह शरीर के हर अंग को फायदा पहुंचाता है। सूर्य नमस्कार से श्वसन प्रक्रिया अधिक होती है, इसलिए फेफड़ों के लिए यह काफी अच्छा माना जा सकता है। इसके अलावा सूर्य नमस्कार वजन कम करने के अलावा पाचन तंत्र को भी ठीक करता है।
 
अधिक जानकारी के लिए देखें : https://www.myupchar.com/yoga

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  • Web Title:Doing these 5 yoga can stay away you from covid 19 scientists have also agreed that yoga can protect you from getting infected with coronavirus